Iti Itihaas

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By Aaj Tak RadioHistory
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Iti Itihaas episodes

  • एक भालू कैसे बन गया सेना का जवान?: इति इतिहास, Ep 199
    भालू सुनते ही दिमाग मेें क्या आता है? जंगल में घूमता या फिर शहद खाता हुआ एक बड़ा सा जानवर. लेकिन क्या आपको पता है इतिहास में एक भालू ऐसा भी था जो आर्मी में जवान बन गया था? यहीं नहीं, वो एक सैनिक की तरह अपनी सारी ड्यूटियां भी पूरी करता था. ‘इति इतिहास’ में सुनिए कहानी इसी सोल्जर भालू की.

    प्रड्यूसर : माज़ सिद्दीक़ी
    साउंड मिक्सिंग : अमन पाल
    4 min
  • अपने उस्ताद के सामने क्यों नाचने लगे बाबा बुल्ले शाह?: इति इतिहास, Ep 198
    90s के दशक का मशहूर गाना ‘छैय्यां छैय्यां’ और मुग़ल काल के एक सूफ़ी संत के बीच क्या कनेक्शन हो सकता है? ये कहानी जुड़ती है बाबा बुल्ले शाह और उनके गुरु से. बताती है कि कैसे एक आम लड़के ने सूफिज़्म को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया. कैसे बुल्ले शाह ने अपने मुर्शिद को मनाने के लिए कई सालों तक मिन्नतें की और कैसे 15वीं शताब्दी का ये गाना आज बॉलीवुड के हिट गानों में से एक बन गया? जानिए कहानी एक महान गुरु और उसके शागिर्द की, इति-इतिहास में.
    4 min
  • पतला होने का 20वीं सदी का नुस्खा जिसे अपनाना चाहती हैं किम कर्दाशियां!: इति इतिहास, Ep 197
    आजकल लोग अपनी लाइफ़स्टाइल को लेकर बड़े सीरियस होते जा रहे हैं, तरह-तरह के फ़िटनेस ट्रेंड्स अपना रहे हैं- ये डायट, वो डायट, जिम जाना, मेंटल हेल्थ पर ध्यान देना, वगैरह. सोशल मीडिया की बदौलत लगभग रोज़ ही एक नया ट्रेंड शुरू हो जाता है. लेकिन एक समय ऐसा भी था जब लोग डायटिंग के लिए कीड़ों का इस्तेमाल करते थे. सुनिए पूरा किस्सा ‘इति इतिहास’ में.
    3 min
  • कैथोलिक चर्च के पोप की कुर्सी पर तीन लोग कैसे आ बैठे?: इति इतिहास, Ep 196
    ईसाई धर्म की सबसे बड़ी शाखा, कैथोलिक्स. इस पंथ के हेड पोप का पद हमेशा से ही महत्वपूर्ण रहा है. इतना महत्वपूर्ण कि कैथोलिक्स के लिए तो जीज़स के बाद पोप ही हैं. मगर क्या आप विश्वास कर सकते हैं कि इतिहास में एक बार इस पद पर तीन लोग विराजमान थे. वो भी एक साथ! सुनिए पूरा किस्सा ‘इति इतिहास’ में.

    प्रड्यूसर : माज़ सिद्दीक़ी
    साउंड मिक्सिंग : अमन पाल
    4 min
  • Pepsi के पास पनडुब्बियां और जंगी जहाज़ कैसे आए?: इति इतिहास, Ep 195
    कोल्ड ड्रिंक तो पी ही होगी, लेकिन क्या आपको पता है कि इसी कोल्ड ड्रिंक की एक कंपनी के पास कभी पनडुब्बियां और जंगी जहाज़ भी थे? हां, कोल्ड वॉर के दौरान सोवियत संघ और अमेरिका की तनातनी के बीच एक अनोखा सौदा हुआ, जिसने पेप्सी को बना दिया इन पनडुब्बियों और जहाजों का मालिक. सुनिए 'इति इतिहास' में.

    प्रड्यूसर : माज़ सिद्दीक़ी
    साउंड मिक्सिंग : अमन पाल
    4 min
  • बीवियां छोड़कर अपने कुत्तों के साथ भागने वाला नवाब: इति इतिहास, Ep 194
    जूनागढ़ की रियासत के आखिरी नवाब को कुत्ते बहुत पसंद थे. मतलब कुछ ज़्यादा ही पसंद. उनके पास 1 या 2 नही, बल्कि कुल 800 कुत्ते थे. इतना ही नही, हर कुत्ते को एक पर्सनल कमरा, एक अटेंडेंट और इमर्जेंसी के लिए एक टेलीफ़ोन मिला हुआ था. लेकिन ये भी उनके Obsession की झलकी भर है. जानिए पूरा किस्सा ‘इति इतिहास’ में
    3 min
  • जिससे जंग चल रही थी, उसी को ग्रीस ने गोलियां क्यों भेजीं?: इति इतिहास, EP 193
    अमूमन किसी जंग में दो पक्ष एक दूसरे पर हथियारों की बौछार करते हैं. ऐसी ही एक जंग के दौरान ग्रीस और तुर्की ने भी करने का सोचा था. लेकिन हालात कुछ और ही हो गए. ग्रीस ने तुर्की को गोला-बारूद तोहफे में भेज दिए मगर क्यों? सुनिए ‘इति इतिहास’ में.
    3 min
  • एक चिट्ठी की बदौलत कैसे आ गए ट्रेनों में टॉयलेट्स?: इति इतिहास, EP 192
    पुराने ज़माने में न सोशल मीडिया था, न मोबाइल. किसी दोस्त का हाल जानना हो या ऑफिस का काम निपटाना हो, तो चिट्ठी ही सबसे बड़ा सहारा थी. लेकिन एक बार एक ऐसी चिट्ठी लिखी गई, जो सिर्फ बात करने के लिए नहीं थी बल्कि उसने इतिहास ही बदल दिया. इस चिट्ठी की वजह से आज भारतीय रेल की हर बोगी में शौचालय मौजूद हैं. है न हैरानी की बात? कटहल की सब्जी, तेज़ गर्मी और लंबे सफर के इस कॉम्बिनेशन ने एक मुसाफिर को मजबूर कर दिया कि वो अपनी तकलीफ रेलवे को लिख भेजे. उसने जो चिट्ठी भेजी, वो इतनी असरदार थी कि रेलवे को आखिरकार ट्रेनों में टॉयलेट बनवाने पड़े. सुनिए ‘इति इतिहास’ में.

    प्रड्यूसर : माज़ सिद्दीक़ी
    साउंड मिक्सिंग : अमन पाल
    3 min
  • चीन में क्यों होने लगी थी आम की पूजा?: इति इतिहास, Ep 191
    फलों का राजा आम तो हमेशा से लोगों की पसंद रहा है, लेकिन एक समय ऐसा भी आया जब चीन में आम सिर्फ एक फल नहीं, बल्कि श्रद्धा और आस्था का प्रतीक बन गया. पूरे देश पर जैसे आम का बुखार चढ़ गया—लोगों ने इसे पूजना शुरू कर दिया, और अगर किसी ने इसकी ठीक से हिफाज़त नहीं की, तो उसे सज़ा तक झेलनी पड़ती थी. सुनिए ‘इति इतिहास’ में.

    प्रड्यूसर : माज़ सिद्दीक़ी
    साउंड मिक्सिंग: सूरज सिंह
    4 min
  • दिल्ली की अज़ीम 'कुतुब मीनार' ने कैसे पाया अपना नाम?: इति इतिहास, Ep 190
    आपने दिल्ली की कुतुब मीनार तो देखी ही होगी. दिल्ली सल्तनत के इतिहास की कहानी कहती इस मीनार के बारे में कहा जाता है कि इसका नाम सल्तनत के पहले सुल्तान कुतुब उद दीन ऐबक के नाम पर रखा गया. लेकिन क्या वाकई ऐसा है? इति-इतिहास के इस एपिसोड में वो किस्सा, जिसमें छुपा है इस सवाल का जवाब.
    3 min

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