ये कहानी सपनों को जीतने की है मुम्बई में कामवाली बाई की लड़की "सोना" जो मिर्गी की बीमारी से पीड़ित है ,लेकिन वह सपने देखती है ,मुंबई सपनों का शहर है यहां लोग किस्मत बदलने आते हैं लेकिन दिन में सपनों को संजोए हुए हर रोज़ जिंदा रहने के लिए केवल बदहवास भाग्य पर जीते हैं!घर के बजाय पिंजरों में बंद रहने को मजबूर हैं! सोना के माध्यम से करोड़ों लोगो के सपनों का नाट्यरूपांतरण है ये कहानी ,जीवन का सच और ज़िंदादिली पर आधारित कथानक है .