इस प्रसंग में लेखक रविन्द्र केलेकर ने शुद्ध सोना, गिन्नी का सोना के माध्यम से समाज में रहने वाले आदर्शवादी तथा व्यवहारिक आदर्शवादी व्यक्ति के प्रभाव को स्पष्ट किया है।
पर्वत प्रदेश में पावस कविता सुमित्रानंदन पंत द्वारा रचित एक अद्भुत कविता है । इस कविता में कवि ने पर्वतीय प्रदेश में वर्षा ऋतु में प्रकृति द्वारा क्षण क्षण बदलते दृश्य का चित्रण किया है।