एक दिन जुम्मा खेतों से वापप आया तो उसको नई बीवी जोस्जोर
से रोने लगी। जुम्मे ने इस तरह रोने की वजह, पूछी तो उसने क॒हा, “तुम
मुझे अपना नहीं समझते, इसलिए बच्चों को दूसरे मकान में भेज दिया।
मैं उनकी मां हूं, कोई दुश्मन तो नहीं हूं। मुझे बहुत दुख होता है, जब
मैं सोचती हूं कि बेचारे अकेले रहते हैं।” ।
जुम्मा इन बातों से बहुत प्रभावित हुआ और दूसरे ही दिन बुंदू औः
चंदू को ले आया और उनको सौतेली मां के हवाले कर द्विया, जिसने
उनको इतने प्यार-मुहब्बत से रखा कि आसपास के तमाम लोग उसकी
तारीफ करने लगे। आइए सुनते है पूरी कहानी.........
कहानी कैसी लगी ज़रूर बताएं
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