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By Ravi ShuklaScienceLife Sciences
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Knowledge TV episodes

  • आप इतने प्रकार से नवरात्रि व्रत कर सकते हैं।
    नवरात्र व्रत हिंदू धर्म में वही थी महत्वपूर्ण माना जाता है इससे हमारा शरीर स्वस्थ होता है मन भी स्वस्थ होता है और इस व्रत को यदि हम सिस्टमैटिक ढंग से करते हैं तो हमें इससे हेल्थ वेल्थ हैप्पीनेस मिलती है और हमारा जीवन खुशियों से भरा था इस व्रत को रहने के लिए अलग-अलग तरह से लोग रहते हैं। यहां हम कुछ चीजें आपको बताएंगे जिस तरह से हम इस व्रत को बहुत सुगमता से रह सकते हैं और मैक्सिमम बेनिफिट्स ले सकते हैं । दोस्तों इस व्रत को हमने निराजल रह सकते हैं ,जल उपवास के साथ रह सकते हैं ,नींबू पानी पीकर रह सकते हैं ,फलाहार रह सकते हैं या एक टाइम भोजन करके रह सकते हैं। अपक्कव आहार खा कर सकते हैं, साकाहार रह सकते हैं । इस तरह से कई तरह से हम अपने शरीर के स्वास्थ्य के लिए इस व्रत को कर सकते हैं लेकिन मानसिक स्वास्थ्य के लिए, उज्जवल भविष्य के लिए, जरूरी है कुछ मानसिक व्रत रहना । जैसे कि हम क्रोध न करने का संकल्प ले सकते हैं ,हम निंदा चुगली नहीं करने का संकल्प ले सकते हैं ,हम किसी की बुराई न करने का संकल्प ले सकते हैं, हम किसी को गाली गुप्ता ना देने का संकल्प ले सकते हैं, हम किसी की हेल्प करने का संकल्प ले सकते हैं। हम समय दान देने का संकल्प ले सकते हैं, हम अच्छी किताबों को पढ़ने का संकल्प ले सकते हैं, हम अच्छी संगत में रहने का संकल्प ले सकते हैं ,हम एक-दो दिन या नौ दिन मौन व्रत का संकल्प ले सकते हैं। इस तरह से हम कई प्रकार से इस व्रत को कर सकते हैं। हमारा निवेदन है कि आप इस व्रत को शारीरिक आहार उपवास के साथ-साथ मानसिक संकल्प के साथ भी अवश्य करें । जो भी आपको अच्छा लगता हो और वो व्रत अपनाएं। कुछ बुराइयों को छोड़ने का संकल्प ले सकते हैं, जैसे दारू गांजा भांग तमाकू नही खाने,पीने का संकल्प ले सकते हैं, कि किसी को गलत दृष्टि से नहीं देखेंगे यह संकल्प ले सकते हैं। हो सके तो मानसिक और शारीरिक दोनों व्रत कर सकते हैं। मेरे हिसाब से अगर एक ही रहना है उपवास रख लीजिए और उसके साथ-साथ मानसिक रखिए क्योंकि आज मन का व्रत रखना बहुत जरूरी हो गया धन्यवाद धन्यवाद धन्यवाद
    11 min
  • जिसने अपने जीवन में कभी निराश होना नहीं शीखा
    जिसने निराश होना नहीं जाना
    एक आधुनिक व्यक्तिकी निराशा-आशा, हार-जीत और
    विजयका यह वृत्तान्त देखिये, कितना प्रेरक है। यह आदमी तीस वर्षोंतक निराशासे युद्ध करता रहा और अन्तमें उसने निराशाको परास्त कर ही दिया।
    बार-बार हारपर भी हिम्मत न हारी और अन्तमें विजय प्राप्त की।
    सन् १८३१ में उस व्यक्तिको व्यापारमें बड़ी हानि हुई।
    लेजिस्लेचरके चुनावमें उसकी हार हुई। १८३२ का वर्ष उसके लिये व्यर्थ गया!
    सन् १८३३ में उसे व्यापारमें फिर भयंकर नुकसान हुआ।
    १८३४ में फिर नये उत्साहसे, नयी तैयारीसे लेजिस्लेचरका चुनाव लड़ा।
    सन् १८३५ में भाग्यने एक ठोकर और मारी।
    इस वर्ष उसकी पत्नी की मृत्यु हो गयी!
    सन् १८३६ में वह स्नायु-रोगसे पीड़ित हो गया।
    सन् १८३८ में स्पीकरके चुनाव में हार !
    सन् १८४३ में लैंड-अफसरकी नियुक्तिमें हार!
    कांग्रेसके चुनावमें हार-१८४६ ।
    दुबारा चुनावमें हार- १८४८ ।
    सिनेटके चुनावमें हार- १८५५ ।
    वाइस प्रेसीडेंटके चुनावमें हार- १८५६
    सिनेटके चुनावमें हार- १८५८ ।
    प्रेसीडेंटके चुनावमें जीत– १८६० और सर्वोच्च पदकी प्राप्ति।
    तीस वर्षोंतक निराशाके झूलेमें झूलते रहनेपर भी आशाकी ज्योति, पूर्ण विजय, सार्वजनिक सम्मान, यश और विजय-वैजयन्तीको फहरानेवाला यह साहसी पुरुष थे श्री अब्राहम लिंकन अमेरिका के भूतपूर्व राष्ट्रपति ।
    यह गाँव का एक गरीब युवक था।
    यह वह साहसी व्यक्ति था, जो इच्छाशक्तिके कारण मुसीबतों के तूफानसे घिर जानेपर, भी कभी निराश नहीं हुआ।
    यह वह आदमी था, जिसने दुर्भाग्यके आगे कभी हार नहीं मानी, दृढ़ आत्मविश्वासका सम्बल लेकर नित्य-नवीन उत्साहसे जीवन पथपर आगे बढ़ता चला गया।
    5 min
  • एक ऐसा निवेश जो आप को जीवन में हेल्थ,वेल्थ, हैप्पीनेस,सुख,शांति, समृद्धि सबकुछ दे सकता है।
    इस एपिसोड में आप जानेंगे कि किस प्रकार से सिर्फ एक निवेश आप को वो सबकुछ दे सकता है जो आप चाहते हैं।
    8 min
  • अपने आप को नकारात्मक विचारों से एवं उससे होने वाले नुकसान से कैसे बचाएं।
    नकारात्मकता हमारे जीवन को बर्बाद कर देती है इस एपिसोड में आप को यह जानने को मिलेगा कि इससे हम अपने आप को कैसे बचा सकते हैं।
    14 min

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