लहरों पर बहती हुई कागज़ की नाव देखी है आपने.ऊपर, नीचे, कहां जाएगी मालूम नहीं. शेयर बाज़ार का आज काबर्ताव ऐसा ही रहा. बाज़ार खुला और खुलते ही फिसल गया. ऐसा फिसला कि लोअर सर्किटलग गया और पैंतालीस मिनट के लिए ट्रेडिंग बंद कर दी गई. आख़िरी बार ऐसा हुआ था2008 में, जब वैश्विक मंदी आई थी. लेकिन जब कारोबार दोबारा शुरु हुआ तो बढ़ियारिकवरी की बाज़ार ने और बंद होते होते सेंसेक्स 1325 अंकों के उछाल के साथ 34103पर बंद हुआ और निफ्टी भी भी 365 अंक चढ़कर 9955 पर बंद हुआ. आज बाज़ार में हुआक्या, आसान में भाषा में निवेशकों के लिए, आम लोगों के लिएइसका क्या मतलब था, अब आपको पैसा लगाना चाहिए या नहीं, इन सारेसवालों के जवाब मिलेंगे आपको इस पॉडकास्ट में. कुलदीप मिश्र ने बात की है इंडिया टुडे हिंदी के एडिटर अंशुमानतिवारी से.