बचपन में सर्कस देखना ,नुमाइश देखना ,बहुत अच्छा लगता था , वहा जाने की एक अलग ही ख़ुशी होती थी,पर अगर वही मेले में अगर पता चले कि एक जंगली जानवर पिंजरे से छूट गया है , और इधर -उधर भटक रहा है,आपकी तो हालत ख़राब हो जाएगी । ये कहानी भी एक ऐसे लड़के की है जो सर्कस में जाकर ,एक मुसीबत उसके गले लग जाती है ,अब वो कैसे होता? क्या मुसीबत लगती है? सुनिए इस कहानी में ।