Song : Chalo Man Jaayen Ghar Apne
Album : Swami Vivekananda (1995)
Musician : Salil Choudhary
Lyricist : Gulzar
इस परदेस में... ओ परदेस में ...
क्यूँ परदेसी रहें... हे...
चलो मन जाएँ घर अपने ..
आँख जो भाये वो कोरा सपना
सारे पराये हैं, कोई ना अपना
ऐसे झूठे प्रेम में पड़ ना ...
भूल में काहे जिएँ...हे...
चलो मन जाए घर अपने
साँचे प्रेम की जोत जला के
मन सुन मेरी कान लगा के
पाप और पुन्न की गठरी उठा के
अपनी राह चल ....हे...
चलो मन जाएँ घर अपने
चलो मन जाएँ घर अपने
इस परदेस में...ओ परदेस में ..
क्यूँ परदेसी रहें ... हे...
Song courtesy Anmol Ratan - Yesudas - Jab Deep Jale Aana
Cover image courtesy Google