
Sign up to save your podcasts
Or


आर्यन अपने सवालों में उलझ कर एक टक बस तन्वी को देख रहा था और सोच रहा था क्या तन्वी उसकी गर्लफ्रेंड की बहन है या कोई और तभी तन्वी गुस्से से कहती है कि मुझे ऐसे घूरना बंद करो मैं कोई डकैत या चोर नहीं हूं , उन दोनों की बात को काटते हुए लक्ष्मी वर्मा कहती है जिस काम के लिए आए हैं उस पर प्रकाश डालते है।
Learn more about your ad choices. Visit megaphone.fm/adchoices
लक्ष्मी वर्मा की बातें सुनकर आर्यन कंफ्यूज होता है और जब उनसे पूछता है तो लक्ष्मी वर्मा कहती हैं, तन्वी, रागिनी और उसके पूरे परिवार को जानती हूं। वैसे ही मैं आनंद और उसके पूरे परिवार को जानती हूं। लक्ष्मी का यह जवाब सुनकर आर्यन और भी ज्यादा कंफ्यूज होता है और सोचने लगता है की लक्ष्मी वर्मा जिस रागिनी के बारे में बात कर रही है क्या वह रागिनी उसकी गर्लफ्रेंड है या कोई और?
Learn more about your ad choices. Visit megaphone.fm/adchoices
तन्वी आनंद बच्चों की तरह एक दूसरे से बस लड़े जा रहे थे ,आर्यन के समझाने का कोई भी फायदा नहीं होता है उन दोनों की लड़ने की आवाज सुन वहां पर लक्ष्मी वर्मा आती हैं और कहती हैं कि लाजमी है जहां पर आनंद और तन्वी हो वहां पर झगड़ा होगा ही और मैं जितना आनंद को जानती हूं अच्छे तरीके से, उतनेही अच्छे तरीके से मैं तन्वी को भी जानती हूं।
Learn more about your ad choices. Visit megaphone.fm/adchoices
आश्रम में ही तन्वी और आनंद का झगड़ा हो जाता है दोनों के बीच बात विवाद बढ़ता जा रहा था, तभी दोनों के बीच में आर्यन कूद पड़ता है और दोनों को समझने और शांत करने लगता है और कहता है कि हमें आगे साथ में ही काम करना है।
Learn more about your ad choices. Visit megaphone.fm/adchoices
आनंद आर्यन आश्रम जाते हैं और वहीं के बच्चों से मिल रहे होते हैं ,तभी आर्यन पूछता है कि तुम्हें तो बच्चे पसंद भी नहीं है फिर भी बच्चों की इतनी मदद क्यों करना चाहते हो , आनंद कहता है ऐसे ही क्योंकि मुझे पसंद है , तभी गुस्से से तन्वी कहती है कि जब बच्चे पसंद नहीं है तो मदद मत करो इन बच्चों को भिख की जरूरत नहीं है।
Learn more about your ad choices. Visit megaphone.fm/adchoices
तन्वी लाडली पर गुस्सा करते हुए कहती है कि तुम को झूठ नहीं बोलना चाहिए , तभी रागिनी रहती है कि तन्वी तुम्हें इतना भी गुस्सा नहीं करना चाहिए बच्ची है हो गई गलती
वही मंदिर के बाहर आनंद भी गुस्से से टहल रहा था और चाय पी रहा था आनंद को टहलता देख आर्यन कहता है कि क्या हुआ ,आनंद गुस्से से कहता है की , क्यों चाय भी तुमसे पूछ कर पीना पड़ेगा क्या ?
Learn more about your ad choices. Visit megaphone.fm/adchoices
लाडली की कविता पढ़ने के बाद तन्वी नहीं:शब्द हो जाती है, उसके बाद रागनी लाडली की तारीफ करती है और तारीफ सुन लाडली बताती है कि यह कविता उसने नहीं लिखा है ।
Learn more about your ad choices. Visit megaphone.fm/adchoices
तन्वी को आश्रम में देखकर सभी बच्चे बहुत खुश होते हैं और सब तन्वी से सवाल करते हैं कि वह दो दिन से आश्रम में आई क्यों नहीं थी , बच्चों का सवाल सुनने के बाद तन्वी सोच में पड़ जाती है कि वह बच्चों को क्या बोले क्योंकी कुछ दिन बाद तो वह काशी ही छोड़ कर जाने वाली है
Learn more about your ad choices. Visit megaphone.fm/adchoices
तन्वी को आश्रम में देखकर सभी बच्चे बहुत खुश होते हैं और सब तन्वी से सवाल करते हैं कि वह दो दिन से आश्रम में आई क्यों नहीं थी , बच्चों का सवाल सुनने के बाद तन्वी सोच में पड़ जाती है कि वह बच्चों को क्या बोले क्योंकी कुछ दिन बाद तो वह काशी ही छोड़ कर जाने वाली है
Learn more about your ad choices. Visit megaphone.fm/adchoices
मंदिर से बाहर आने के बाद आनंद आर्यन को कॉल करके मंदिर के गेट पर बुलाता है वहीं दूसरी तरफ आर्यन रागिनी से कहता है कि मैं तुमसे दूर तो नहीं जाना चाहता हूं पर क्या करूं हर बार जाना पड़ जाता है मैं तुमसे बहुत ज्यादा प्यार करता हूं यह सारी बातें बोलने के बाद आर्यन वहां से चला जाता है आर्यन की जाने के बाद रागिनी भी कहती है प्यार तो मैं भी करती हूं और दूर तो मैं भी नहीं रहना चाहती हूं पर क्या करूं किस्मत में यही लिखा है तो क्या ही कर सकते हैं।
Learn more about your ad choices. Visit megaphone.fm/adchoices
From the publisher's feed