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zindagi mere ghar aana!!मुश्किल ज़िन्दगी — इतनी छोटी सी चार शब्दों वाली बात, पर उसका वज़न पहाड़ जितना होता है। मुश्किलें आती हैं तब जब उम्मीदें और हक़ीक़त के बीच गैप बहुत बड़ा हो जाता है। किसी का जाना, नौकरी का छिन जाना, रिश्तों में दरार, या बस रोज़मर्रा का वही थकान — ये सब हमें महसूस कराते हैं कि ज़िन्दगी ने हमें कोई कठिन केस थमा दिया है जिसे हल करना है।
By 💗Radha 💗Sings💗1
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zindagi mere ghar aana!!मुश्किल ज़िन्दगी — इतनी छोटी सी चार शब्दों वाली बात, पर उसका वज़न पहाड़ जितना होता है। मुश्किलें आती हैं तब जब उम्मीदें और हक़ीक़त के बीच गैप बहुत बड़ा हो जाता है। किसी का जाना, नौकरी का छिन जाना, रिश्तों में दरार, या बस रोज़मर्रा का वही थकान — ये सब हमें महसूस कराते हैं कि ज़िन्दगी ने हमें कोई कठिन केस थमा दिया है जिसे हल करना है।

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