My Parikrama- Mantras and Chants

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My Parikrama- Mantras and Chants episodes

  • श्री भवानी स्तवः | Shri Bhavani Stava | पञ्चचामरम् | Maa Bhavani Stotram

    माँ भवानी को समर्पित यह दिव्य श्री भवानी स्तवः (पञ्चचामरम्) श्रद्धा, भक्ति और शक्ति का सुंदर स्तोत्र है। इस स्तव में देवी भवानी, पार्वती, उमा, शिवप्रिया और जगन्माता के विभिन्न स्वरूपों का स्मरण एवं स्तवन किया गया है।

    इस स्तोत्र में माँ भवानी को करुणामयी, शक्तिदायिनी, दुःखनाशिनी, भक्तों पर कृपा करने वाली तथा समस्त मंगल प्रदान करने वाली देवी के रूप में नमन किया गया है।

    🙏 श्री भवानी स्तवः के प्रमुख भाव

    • माँ भवानी को श्रद्धापूर्वक प्रणाम
    • देवी के करुणामय एवं शक्तिमय स्वरूप का स्मरण
    • उमा एवं पार्वती के रूप में देवी की स्तुति
    • शक्ति, शांति, मंगल और भक्ति की प्रार्थना
    • भक्तिभाव से माँ भवानी के चरणों में समर्पण
    • देवी के विभिन्न नामों का स्मरण एवं नामावली

    7 min
  • ॐ गणानां त्वा गणपतिं हवामहे | Ganapati Mantra | गणेश जी का शक्तिशाली वैदिक मंत्र

    🙏 ॥ ॐ गणानां त्वा गणपतिं हवामहे ॥ 🙏

    “ॐ गणानां त्वा गणपतिं हवामहे, कविं कवीनामुपमश्रवस्तमम्…” ऋग्वेद में प्रसिद्ध गणपति मंत्र है, जिसमें भगवान गणपति का गणों के अधिपति, श्रेष्ठ ज्ञानी और ब्रह्मणस्पति के रूप में स्मरण किया जाता है।

    इस मंत्र में भगवान गणेश से प्रार्थना की जाती है कि वे हमारी स्तुति और प्रार्थना को स्वीकार करें तथा यज्ञपीठ पर विराजमान हों। वीडियो में मंत्र के साथ इसका सरल संस्कृत अर्थ भी प्रस्तुत किया गया है, जिससे भक्त मंत्र के भाव को समझकर श्रद्धापूर्वक श्रवण कर सकें।

    3 min
  • कालनाथाष्टकम् | Kalanatha Ashtakam | स्कन्दप्रोक्तं कालभैरव स्तोत्र | Kashi Kaal Bhairav

    स्कन्दप्रोक्तं कालनाथाष्टकम्, जो शिवरहस्य के महादेवाख्य, एकादशमांश, अध्याय २६ में वर्णित है। इस स्तोत्र में भगवान श्री कालभैरव के दिव्य, उग्र, रक्षक और शिवस्वरूप का भक्तिपूर्वक ध्यान एवं स्तवन किया गया है।

    इस पाठ में भगवान कालभैरव को कपालमालिकाकण्ठ, ज्वलत्पावकलोचन, महाशूलधारी, दिगम्बर, चन्द्रजटाधारी, शिवाज्ञाकारक और काशी में निर्भयता प्रदान करने वाले दिव्य स्वरूप के रूप में स्मरण किया गया है।

    🌺 कालनाथाष्टकम् की विशेषता

    इस स्तोत्र के श्लोकों में कालभैरव के विभिन्न दिव्य स्वरूपों का ध्यान किया गया है:

    🔸 कपालमालिकाकण्ठम् — कपालों की माला धारण करने वाले
    🔸 ज्वलत्पावकलोचनम् — अग्नि के समान तेजस्वी नेत्रों वाले
    🔸 महाशूलकराम्बुजम् — हाथ में महान त्रिशूल धारण करने वाले
    🔸 दिगम्बरम् — दिगम्बर स्वरूप वाले
    🔸 चारुचन्द्रजटाजूटम् — जटाओं में चन्द्रमा धारण करने वाले
    🔸 बालभानुप्रभाकारम् — उगते सूर्य के समान प्रकाशमान
    🔸 शिवाज्ञाकारकम् — भगवान शिव की आज्ञा का पालन करने वाले
    🔸 काशी में निर्भयता प्रदान करने वाले — काशी की पवित्र परंपरा में कालभैरव के विशेष महत्त्व का स्मरण

    6 min
  • श्रीमार्तण्डभैरवस्तोत्रम् | Martand Bhairav Stotram | भैरव उपासना एवं दिव्य स्तुति

    श्रीमार्तण्डभैरवस्तोत्रम् भगवान मार्तण्डभैरव के दिव्य एवं उग्र स्वरूप को समर्पित एक भक्तिमय स्तोत्र है। इस स्तोत्र में भगवान को भैरव, महाभैरव, वीरभैरव, क्षेत्रेश, सूर्य, परमात्मा और त्रिधामेश जैसे अनेक दिव्य स्वरूपों में नमन किया गया है।

    इस स्तोत्र में भगवान मार्तण्डभैरव से अज्ञान, मोह, भय, क्लेश, पाप, रोग, दुःख और नकारात्मकता के निवारण के लिए प्रार्थना की गई है तथा ज्ञान, तेज, निर्भयता और आध्यात्मिक कल्याण की भावना व्यक्त की गई है।

    🌺 श्रीमार्तण्डभैरवस्तोत्रम् का आध्यात्मिक महत्व

    ✨ भगवान मार्तण्डभैरव के दिव्य स्वरूप का स्मरण।

    ✨ भय और मानसिक क्लेश से मुक्ति की भक्तिपूर्ण प्रार्थना।

    ✨ अज्ञान और मोह के अंधकार से ज्ञान की ओर प्रेरणा।

    ✨ भैरव उपासना एवं ध्यान के लिए सुंदर स्तोत्र।

    ✨ आध्यात्मिक शांति, साहस और आत्मचिंतन की भावना को प्रेरित करने वाला।

    🙏 इस पवित्र मार्तण्डभैरवस्तोत्रम् को श्रद्धा और एकाग्रता के साथ सुनें।

    5 min
  • श्री राम नामावली | Shri Ram Namavali | श्री रामोत्सव कल्प | Sita Ram Mantra

    भगवान श्री सीता रामचंद्र को समर्पित यह पावन श्री राम नामावली श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ प्रस्तुत की गई है।

    इस पाठ में भगवान श्रीराम के दिव्य स्वरूप, उनके गुणों, आदर्शों और रामायण से जुड़े विभिन्न प्रसंगों का स्मरण करते हुए अनेक नामों के माध्यम से भगवान श्रीराम को नमन किया गया है।

    🌺 श्री राम नामावली का प्रारंभिक मंत्र

    ॐ श्री सीता रामचंद्र परब्रह्मणे नमः।

    इसके पश्चात श्रीराम के विभिन्न दिव्य नामों का स्मरण किया गया है।

    इस नामावली में भगवान श्रीराम के जीवन और रामायण से जुड़े अनेक प्रसंगों की भावपूर्ण झलक मिलती है—जैसे अयोध्या, श्री सीता माता, भरत, लक्ष्मण, विश्वामित्र, अहल्या, गंगा, चित्रकूट, पादुका, दंडकारण्य तथा अन्य रामायण प्रसंग।

    🕉️ श्री राम नाम स्मरण भारतीय भक्ति परंपरा में श्रद्धा और आध्यात्मिक चिंतन का महत्वपूर्ण माध्यम माना जाता है। इस पावन पाठ को दैनिक पूजा, राम भक्ति, ध्यान और आध्यात्मिक साधना के समय सुना जा सकता है।

    9 min
  • आञ्जनेय मङ्गलश्लोकाः | Anjaneya Mangalashlokah | श्री हनुमान के दिव्य मंगल श्लोक

    आञ्जनेय मङ्गलश्लोकाः, जिसमें भगवान श्री हनुमान के विभिन्न दिव्य स्वरूपों, पराक्रम, करुणा, भक्तरक्षा और श्रीराम-भक्ति का मंगलकारी स्तवन किया गया है।

    इन मंगल श्लोकों में श्री हनुमान जी को करुणारसपूर्ण, वीर, पीताम्बरधारी, भक्तरक्षणशील, जानकीशोकहारिण, सौमित्रिप्राणदाता, पञ्चानन, भीम और कालनेमिहर आदि दिव्य स्वरूपों में नमन किया गया है।

    🌺 आञ्जनेय मङ्गलश्लोकों की विशेषता

    ✨ श्री हनुमान जी के मंगलकारी स्वरूप का स्मरण
    ✨ भक्तों की रक्षा करने वाले हनुमान जी की स्तुति
    ✨ माता जानकी के दुःख को दूर करने वाले स्वरूप का स्मरण
    ✨ लक्ष्मण के प्राणों की रक्षा करने वाले हनुमान जी का गुणगान
    ✨ श्रीराम के प्रति उनकी भक्ति और सेवा का स्मरण
    ✨ हनुमान जी के वीर एवं पराक्रमी स्वरूप का वर्णन
    ✨ पञ्चमुखी हनुमान एवं कालनेमि-विनाशक स्वरूप का स्मरण
    ✨ करुणा, साहस और आध्यात्मिक शक्ति का भाव

    9 min
  • श्री ललिताम्बिका अष्टोत्तरशतनामावली | Lalitambika Ashtottara Shatanamavali | माँ ललिता के 108 नाम

    माँ श्री ललिताम्बिका, त्रिपुरा सुंदरी और दिव्य शक्ति के स्वरूप को समर्पित इस पावन नामावली का श्रद्धापूर्वक श्रवण करें।

    इस पाठ में माँ ललिताम्बिका के विभिन्न दिव्य नामों का स्मरण किया गया है। प्रत्येक नाम देवी के शक्ति, ज्ञान, चेतना, सौंदर्य, करुणा और दिव्य स्वरूप के विभिन्न भावों को व्यक्त करता है।

    🌺 श्री ललिताम्बिका दिव्याष्टोत्तरशतनामावलिः

    इस नामावली में प्रारंभिक नामों के रूप में:

    ॐ महामनोन्मन्यै नमः ।
    ॐ शक्त्यै नमः ।
    ॐ शिवशक्त्यै नमः ।
    ॐ शिवङ्कर्यै नमः ।
    ॐ इच्छाशक्तिस्वरूपिण्यै नमः ।
    ॐ क्रियाशक्तिस्वरूपिण्यै नमः ।
    ॐ ज्ञानशक्तिस्वरूपिण्यै नमः ।
    ॐ शान्त्यातीता कलायै नमः ।
    ॐ नन्दायै नमः ।
    ॐ शिवमायायै नमः ।

    तथा आगे माँ के अनेक दिव्य नामों का स्मरण किया गया है, जैसे:

    🌸 सुन्दरी
    🌸 सौम्या
    🌸 सच्चिदानन्दविग्रहा
    🌸 त्रिपुरा
    🌸 कुण्डली
    🌸 भुवनेश्वरी
    🌸 कल्याणी
    🌸 महात्रिपुरसुन्दरी
    🌸 मोहिनी
    🌸 माहेश्वरी
    🌸 मातङ्गी
    🌸 कामाक्षी
    🌸 कमलाक्षी
    🌸 मीनाक्षी
    🌸 महाकाली
    🌸 महासरस्वती
    🌸 दुर्गा
    🌸 शुद्धविद्या
    🌸 विश्वमोहिनी

    🕉️ यह नामावली माँ ललिताम्बिका के अनेक दिव्य स्वरूपों का स्मरण कराती है और भक्तिभाव, ध्यान तथा आध्यात्मिक चिंतन के लिए उपयुक्त है।

    9 min
  • श्री दत्तात्रेय अष्टोत्तर शतनामावली | 108 Names of Lord Dattatreya | Shri Gurudev Datta

    यह पावन श्रीदत्तात्रेयाष्टोत्तरशतनामावली भगवान श्री दत्तात्रेय को समर्पित 108 दिव्य नामों का भक्तिमय पाठ है। सनातन परंपरा में भगवान दत्तात्रेय को ब्रह्मा, विष्णु और महेश के समन्वित स्वरूप, आदिगुरु, महायोगी और अवधूत के रूप में श्रद्धापूर्वक स्मरण किया जाता है।

    इस नामावली में भगवान श्री दत्तात्रेय के अनेक दिव्य नामों का वर्णन मिलता है, जैसे—श्रीदत्त, देवदत्त, ब्रह्मदत्त, विष्णुदत्त, शिवदत्त, अत्रिदत्त, आत्रेय, अनसूयासूनु, अवधूत, सिद्धिदाता, गुरुदेव, योगीश, दिगम्बर, ज्ञानमूर्ति, ध्याननिष्ठ, वरद और परमात्मा।

    🌺 श्री दत्तात्रेय अष्टोत्तर शतनामावली का भावार्थ

    इस नामावली में भगवान दत्तात्रेय को गुरुओं के गुरु, योगियों के आराध्य, सिद्धों द्वारा सेवित और ज्ञान के परम स्वरूप के रूप में नमन किया गया है।

    भगवान दत्तात्रेय के नामों में उनके विभिन्न आध्यात्मिक स्वरूपों का स्मरण होता है—

    ✨ गुरु एवं आदिगुरु स्वरूप
    भगवान दत्तात्रेय को गुरुदेव, गुरुगम्य और गुरुओं से भी श्रेष्ठ स्वरूप में प्रणाम किया गया है।

    ✨ योगी एवं अवधूत स्वरूप
    उन्हें योगगम्य, योगीश, योगाधीश, योगपरायण, दिगम्बर और अवधूत के रूप में स्मरण किया गया है।

    ✨ त्रिदेव स्वरूप
    नामावली में उन्हें ब्रह्मरूप, विष्णुरूप और शंकरस्वरूप के रूप में नमन किया गया है।

    ✨ ज्ञान एवं ध्यान स्वरूप
    भगवान दत्तात्रेय को ज्ञानी, ज्ञानगम्य, ज्ञान-विज्ञानमूर्ति, ध्यानी और ध्याननिष्ठ कहा गया है।

    ✨ करुणामय एवं वरद स्वरूप
    उन्हें प्रसन्न, वरद, अष्टैश्वर्यप्रदाता तथा भक्तों पर कृपा करने वाले दिव्य स्वरूप के रूप में प्रणाम किया गया है।

    ✨ परमात्म स्वरूप
    नामावली के अंत में भगवान दत्तात्रेय को आत्मा, अन्तरात्मा और परमात्मा के रूप में नमन किया गया है।

    9 min
  • एकविंशति गणेश मन्त्राः | 21 Ganesh Mantras | Ekavimshati Ganesh Mantra | गणेश मंत्र

    भगवान श्रीराम को समर्पित “श्रीरामरामायणीदेवाचार्यप्रणीता नमोविंशतिः” एक भक्तिपूर्ण स्तुति है, जिसमें भगवान श्रीराम के विभिन्न दिव्य नामों, स्वरूपों और गुणों को नमन किया गया है।

    इस स्तुति में श्रीराम को दाशरथि, भरताग्रज, रघुपति, कौशल्येय, सीतापति, भक्ताधीन, ज्ञानदाता और मुक्तिप्रदाता आदि रूपों में प्रणाम किया गया है।

    🌺 श्री राम नमोविंशतिः

    दाशरथे नमस्तुभ्यं भरताग्रज ते नमः ।
    नमो रघुपते तुभ्यं कौशल्येय नमोऽस्तु ते ॥

    नमस्ते दिव्यदेहाय नमो दिव्यगुणाय ते ।
    नमः सीतापते तुभ्यं मारुतीश नमोऽस्तु ते ॥

    नमः कारणरूपाय कार्यरूपाय ते नमः ।
    नमः सच्चित्स्वरूपाय आनन्दरूप नमोऽस्तु ते ॥

    नमो भक्त्यैकलभ्याय भक्ताधीनाय ते नमः ।
    ज्ञानदाय नमस्तुभ्यं भक्तिप्रद नमोऽस्तु ते ॥

    जगद्धेतो नमस्तुभ्यं प्रपन्नावक ते नमः ।
    नमोऽस्तु ब्रह्मणे तुभ्यं मुक्तिप्रद नमोऽस्तु ते ॥

    🌸 इस स्तुति का भाव

    श्रीराम के प्रति श्रद्धा, भक्ति और समर्पण की भावना इस स्तुति का प्रमुख भाव है। इसमें भगवान श्रीराम को भक्तों के लिए ज्ञान, भक्ति और आध्यात्मिक कल्याण के आधार के रूप में नमन किया गया है।

    🙏 श्रद्धा और शांत मन से इस दिव्य श्रीराम स्तुति का श्रवण करें। 

    8 min
  • श्री राम नमोविंशतिः | Shri Rama Namo Vimshatih | राम स्तुति | Lord Rama Mantra

    भगवान श्रीराम को समर्पित “श्रीरामरामायणीदेवाचार्यप्रणीता नमोविंशतिः” एक भक्तिपूर्ण स्तुति है, जिसमें भगवान श्रीराम के विभिन्न दिव्य नामों, स्वरूपों और गुणों को नमन किया गया है।

    इस स्तुति में श्रीराम को दाशरथि, भरताग्रज, रघुपति, कौशल्येय, सीतापति, भक्ताधीन, ज्ञानदाता और मुक्तिप्रदाता आदि रूपों में प्रणाम किया गया है।

    🌺 श्री राम नमोविंशतिः

    दाशरथे नमस्तुभ्यं भरताग्रज ते नमः ।
    नमो रघुपते तुभ्यं कौशल्येय नमोऽस्तु ते ॥

    नमस्ते दिव्यदेहाय नमो दिव्यगुणाय ते ।
    नमः सीतापते तुभ्यं मारुतीश नमोऽस्तु ते ॥

    नमः कारणरूपाय कार्यरूपाय ते नमः ।
    नमः सच्चित्स्वरूपाय आनन्दरूप नमोऽस्तु ते ॥

    नमो भक्त्यैकलभ्याय भक्ताधीनाय ते नमः ।
    ज्ञानदाय नमस्तुभ्यं भक्तिप्रद नमोऽस्तु ते ॥

    जगद्धेतो नमस्तुभ्यं प्रपन्नावक ते नमः ।
    नमोऽस्तु ब्रह्मणे तुभ्यं मुक्तिप्रद नमोऽस्तु ते ॥

    🌸 इस स्तुति का भाव

    श्रीराम के प्रति श्रद्धा, भक्ति और समर्पण की भावना इस स्तुति का प्रमुख भाव है। इसमें भगवान श्रीराम को भक्तों के लिए ज्ञान, भक्ति और आध्यात्मिक कल्याण के आधार के रूप में नमन किया गया है।

    🙏 श्रद्धा और शांत मन से इस दिव्य श्रीराम स्तुति का श्रवण करें।

    3 min

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My parikrama is an online platform/application that offers individuals access to a diverse array of spiritual Tirthas, along with methods of worship and mantras presented in both written and chanting formats. My parikarma was envisioned by Gurudev Vivek ji, with the primary aim of rendering a wealth of Hindu religious materials, sources, chants, mantras, stotras, and various other elements accessible to contemporary audiences in a format that is easily understandable to them.