18 दिव्य गायत्री मंत्र | सिद्धि, मातृ एवं मुद्रा गायत्री 🌺
इस पावन मंत्र-पाठ में सिद्धि गायत्री, मातृ गायत्री और मुद्रा गायत्री के माध्यम से विभिन्न दिव्य शक्तियों का भक्तिमय स्मरण प्रस्तुत किया गया है। 🙏
इस पाठ में अणिमा, लघिमा, महिमा, ईशित्व, वशित्व, प्राकाम्य, इच्छा, भुक्ति, रस और मोक्ष सिद्धि से संबंधित गायत्री मंत्रों का पाठ शामिल है।
इसके साथ ब्राह्मी, माहेश्वरी, कौमारी, वैष्णवी, वाराही, माहेन्द्री, चामुण्डा और महालक्ष्मी जैसी मातृ शक्तियों की गायत्री का भी स्मरण किया गया है।
आगे सर्वसङ्क्षोभिणी, सर्वविद्राविणी, सर्वाकर्षिणी, सर्ववशङ्करी, सर्वोन्मादिनी, सर्वमहाङ्कुशा, सर्वखेचरी और सर्वबीजा जैसी मुद्रा शक्तियों से संबंधित गायत्रियों का पाठ प्रस्तुत है। 🌺
✨ इस भक्तिमय पाठ का भाव:
• दिव्य शक्तियों का श्रद्धापूर्वक स्मरण
• देवी के विभिन्न स्वरूपों का ध्यान
• मंत्र-जप एवं आध्यात्मिक चिंतन
• शक्ति उपासना के प्रति भक्ति और समर्पण
• ध्यान एवं भक्तिमय श्रवण के लिए उपयुक्त पावन पाठ
🙏 इस दिव्य मंत्र-पाठ को श्रद्धा से सुनें और माँ आदिशक्ति का स्मरण करें।