SK सोढा इकबाल SK, INDIAN।आप यूपीएससी सिविल सेवा मुख्य परीक्षा के वैकल्पिक विषय (Optional Subject) वाले पेपर के बारे में जानना चाहते हैं। मैं आपको इसे संक्षिप्त और विस्तृत दोनों रूपों में समझाने की कोशिश करता हूँ, जिससे आपको लगे कि पूरा विषय कवर हो गया है।यूपीएससी वैकल्पिक विषय (Optional Subject) पेपर: एक संक्षिप्त अवलोकनयूपीएससी सिविल सेवा मुख्य परीक्षा में उम्मीदवारों को अपनी पसंद का एक वैकल्पिक विषय चुनना होता है। इस विषय के दो पेपर होते हैं, प्रत्येक 250 अंकों का, कुल 500 अंक। ये अंक अंतिम मेरिट सूची में जोड़े जाते हैं, जिससे वैकल्पिक विषय चयन परीक्षा में सफलता के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाता है।वैकल्पिक विषयों की सूची में साहित्य से लेकर विज्ञान, इंजीनियरिंग और सामाजिक विज्ञान तक विभिन्न प्रकार के लगभग 26-28 विषय शामिल होते हैं। उम्मीदवार अपनी रुचि, पृष्ठभूमि, अध्ययन सामग्री की उपलब्धता और विषय के पिछले प्रदर्शन के आधार पर विषय का चुनाव करते हैं।वैकल्पिक विषय का विस्तृत विवरण (Short Form of Discrete with Comprehensive Subject Matter)यूपीएससी के वैकल्पिक विषय को "विस्तार से शॉर्ट फॉर्म ऑफ़ डिस्क्रीट" में समझने के लिए, हम इसे निम्नलिखित बिंदुओं में विभाजित कर सकते हैं:1. विषय का चयन (Subject Selection) * विभिन्न विकल्प: यूपीएससी द्वारा अनुमोदित वैकल्पिक विषयों की एक लंबी सूची है, जिसमें शामिल हैं: * सामाजिक विज्ञान: इतिहास, भूगोल, राजनीति विज्ञान और अंतर्राष्ट्रीय संबंध, लोक प्रशासन, समाजशास्त्र, मनोविज्ञान, दर्शनशास्त्र, अर्थशास्त्र। * विज्ञान और इंजीनियरिंग: भौतिकी, रसायन विज्ञान, गणित, वनस्पति विज्ञान, प्राणी विज्ञान, भूविज्ञान, कृषि, पशुपालन और पशु चिकित्सा विज्ञान, सिविल इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग, मैकेनिकल इंजीनियरिंग। * साहित्य: हिंदी, अंग्रेजी, संस्कृत, उर्दू, बंगाली, पंजाबी, तमिल, तेलुगु, कन्नड़, मलयालम, गुजराती, मराठी, ओडिया, नेपाली, डोगरी, मैथिली, मणिपुरी, संथाली, सिंधी, आदि। * चयन के मानदंड: उम्मीदवार आमतौर पर इन मानदंडों पर विचार करते हैं: * रुचि: विषय में वास्तविक रुचि होनी चाहिए ताकि अध्ययन उबाऊ न लगे। * शैक्षणिक पृष्ठभूमि: यदि आपने स्नातक या स्नातकोत्तर स्तर पर विषय का अध्ययन किया है, तो आपको एक फायदा मिलता है। * अध्ययन सामग्री की उपलब्धता: बाजार में अच्छी गुणवत्ता वाली अध्ययन सामग्री और कोचिंग की उपलब्धता। * अंक प्राप्त करने की प्रवृत्ति: कुछ विषयों में दूसरों की तुलना में अधिक अंक प्राप्त करने की प्रवृत्ति देखी जाती है (हालांकि यह हर साल बदल सकती है)। * सामान्य अध्ययन के साथ ओवरलैप: कुछ विषय (जैसे इतिहास, भूगोल, लोक प्रशासन) सामान्य अध्ययन के पेपरों के साथ काफी हद तक ओवरलैप करते हैं, जिससे तैयारी में मदद मिलती है।2. पेपर पैटर्न और संरचना (Paper Pattern & Structure) * दो पेपर: प्रत्येक वैकल्पिक विषय के दो पेपर होते हैं - पेपर-I और पेपर-II। * प्रत्येक 250 अंक: दोनों पेपर 250-250 अंकों के होते हैं, जिससे कुल 500 अंक हो जाते हैं। * प्रश्नों का प्रकार: प्रश्न सैद्धांतिक, विश्लेषणात्मक और कभी-कभी समस्या-समाधान आधारित होते हैं, जो विषय की गहन समझ का परीक्षण करते हैं। * अनिवार्य और वैकल्पिक प्रश्न: आमतौर पर, प्रत्येक पेपर में कुल 8 प्रश्न होते हैं, जिन्हें दो खंडों में विभाजित किया जाता है। प्रत्येक खंड से कम से कम एक प्रश्न चुनना अनिवार्य होता है। प्रश्न 1 और प्रश्न 5 आमतौर पर अनिवार्य होते हैं। उम्मीदवारों को कुल 5 प्रश्नों के उत्तर देने होते हैं। * शब्द सीमा: प्रत्येक प्रश्न या उसके उप-भाग के लिए विशिष्ट शब्द सीमा निर्धारित होती है।3. पाठ्यक्रम और विषय-वस्तु (Syllabus & Content) * विस्तृत पाठ्यक्रम: प्रत्येक वैकल्पिक विषय का यूपीएससी द्वारा एक विस्तृत और स्पष्ट पाठ्यक्रम प्रदान किया जाता है। यह पाठ्यक्रम एक गाइड के रूप में कार्य करता है और यह बताता है कि विषय के भीतर किन-किन उप-विषयों और अवधारणाओं का अध्ययन करना है। * पेपर-I: आमतौर पर विषय के बुनियादी सिद्धांतों, अवधारणाओं और सैद्धांतिक पहलुओं पर केंद्रित होता है। * पेपर-II: अक्सर विषय के अनुप्रयुक्त (Applied) पहलुओं, वर्तमान विकास, या विशिष्ट संदर्भों (जैसे भारतीय संदर्भ, यदि लागू हो) पर केंद्रित होता है। * उदाहरण के लिए: * इतिहास: पेपर-I प्राचीन और मध्यकालीन भारत पर, जबकि पेपर-II आधुनिक भारत और विश्व इतिहास पर केंद्रित हो सकता है। * लोक प्रशासन: पेपर-I प्रशासनिक सिद्धांत पर, जबकि पेपर-II भारतीय प्रशासन