REALEducation- Voice Of Students

REALEducation- Voice Of Students

By Sitesh GuptaEducationSelf-Improvement
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REALEducation- Voice Of Students episodes

  • Study-Health Balance for students E 02
    [16/05, 12:47] Sitesh Gupta: Health vs study balance for students—
    नमस्कार दोस्तों मेरा नाम सीतेश गुप्ता है।
    And This is REALEducation ..voice for students . एक पॉडकास्ट जो completely dedicated है स्टूडेंट्स के लिए।
    इस पॉडकास्ट के माध्यम से, मैं स्वयं के स्टूडेंट् लाइफ के अनुभव ,उसके बाद की learning और तमाम महान लोगों के विचारों को पढ़कर एवम समझ कर आपसे साझा करने का प्रयास करूंगा ।जिससे आपके अपने पढ़ाई अथवा पैशन को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगा।और वो सारी गलतियां जो अमूमन विद्यार्थी अपने विद्यार्थी जीवन में करते है ,एक सीख भी मिलेगी।
    इसी कड़ी में आज का पॉडकास्ट उन सभी स्टूडेंट्स के लिए डेडीकेटेड है जो अपने हेल्थ और स्टडी में बैलेंस नही रखते है।हेल्थ से मेरा मतलब सिर्फ physical health नहीं बल्कि mental health भी है।जिसमे focus,stability in life , औरlifestyle भी शामिल है, और यह एक बहुत बड़ा कारण होता है अपने aim अथवा goal को achieve नहीं करने में।
    [16/05, 12:49] Sitesh Gupta: काकचेष्ठा बकोध्यानम् श्वाननिद्रा तथैव च ।
    अल्पाहारी गृहत्यागी विद्यार्थी पंचलक्षणम् ॥
    विद्यार्थी के पाँच लक्षण हैं: उसकी गतिविधि कौवे के समान हो, उसका ध्यान बगुले के समान हो, उसकी नींद कुत्ते के समान हो, उसका आहार कम मात्रा वाला हो और उसका मन घर में बहुत फँसा हुआ न हो ।
    काकचेष्ठा : कहते तो यहाँ तक हैं कि कौवा एक आँख हमेशा खुली रखता है, इसलिए संस्कृत में कौवे का एक पर्यायवाची शब्द है – एकाक्ष यानि एक आँख वाला । बात सच नहीं है, लेकिन कौवे के चौकन्नेपन को खूब दर्शाती है । कौवा बहुत ही सावधान जीव होता है । जरा सी हलचल हुई कि कौवा तुरंत प्रतिक्रिया करेगा । इसी प्रकार एक विद्यार्थी को अपने आस पास की वस्तुओं, व्यक्तियों व घटनाओं के प्रति सजग रहना चाहिए और उनसे सीखने का प्रयास करते रहना चाहिए । वास्तव में हम उतना पुस्तकों से नहीं सीख पाते, जितना कि आसपास के वातावरण से सीख सकते हैं । यदि आप सीखने के लिए तैयार हैं, तो पूरी प्रकृति, प्रत्येक घटना आपको कुछ न कुछ सिखाती है । आजकल विद्यार्थी व परीक्षार्थी से यह अपेक्षा रहती है कि वह current affairs से भली भांति परिचित हो । उसे up to date रहना चाहिए । यही काकचेष्ठा है ।
    बकोध्यानम् : ध्यान यानि एकाग्रता (focus) । Student Life बिना focus के कुछ भी नहीं है।हमारा पहला goal ही how to do focus होना चाहिए।इससे पहले इस पर भी बात कर लें कि हमारा ध्यान बगुले जैसा ही क्यों हो? आपने यदि बगुले को ध्यान से देखा हो तो, बगुले में दो बातें बहुत खास हैं । पहली, बगुला एक टांग पर खड़ा होकर गज़ब का balance बना लेता है ।
    तो सीख ये मिलती है की life में balance के बिना focus संभव ही नहीं है । एक स्टूडेंट को भी अपनी lifestyle में, अपने behaviour में, अपनी study style में, अपने mind में अपने brain में निरंतर एक balance बना कर रखना चाहिए । DISTRACT नहीं होना चाहिए ।
    अब बात करते है बगुले के दूसरी विशेषता की स्वयं स्थिर रहकर चंचल मछली पर नजरे गड़ाए रखना । हमारे आस पास की वस्तुएँ, घटनाएँ, यह सम्पूर्ण जगत भी मछली की तरह चंचल है, तरल है, पल पल बदलता रहता है, इसे वही समझ सकता है जिसका mind brain स्वयं (स्टेबल हो) स्थिर हो । और सदैव बगुले की भांति अपने लक्ष्य पर ही नजरे गड़ाए रहें । फिर लक्ष्य दूर रह ही नहीं सकता ।चाहे जो भी गोल हो ,चाहे जो ड्रीम हो जरूर पूरा होगा।
    तो दोस्तों बगुले से हमने सीखा : मानसिक संतुलन (mental balance), स्थिरता(Stability in life) और लक्ष्य (goal) पर एकाग्र दृष्टि (focused vision) ।
    श्वाननिद्रा : कुत्ता बहुत चौकन्ना होकर सोता है । आवश्यकता पड़ने पर तुरंत उठ बैठता है । बहुत कम नींद में भी गुजारा कर सकता है । इसके अलावा, निद्रा का एक और अर्थ भी होता है – आवश्यकता । कुत्ते की आवश्यकताएँ बहुत कम होती हैं । अपने कान के जितना रोटी का टुकड़ा खाकर भी कुत्ता मस्त रह सकता है । विद्यार्थी को भी ऐसा ही होना चाहिए । नींद के विषय में कुछ और जरूरी बातें हैं :
    दिन में विद्यार्थी को नहीं सोना चाहिए । इससे आलस्य बढ़ता है । बुढ़ापा जल्दी आता है और चिंतन की क्षमता क्षीण पद जाती है ।
    अधिक नींद न लें, लेकिन कम से कम 6 घंटे की गहरी नींद अति आवश्यक है ।
    परीक्षा के दिनों में, कुछ विद्यार्थी बहुत ही कम सोते हैं, यह बहुत ही हानिकारक है । यह आपकी कार्य क्षमता को घटाता है, और मस्तिष्क में निरंतर थकान भर देता है ।
    सोने से पहले किसी अच्छी पुस्तक का अध्ययन अवश्य करें, इससे नींद की गुणवत्ता बढ़ती है ।
    अल्पाहारी : बहुत लोग इसका अर्थ यह ले लेते हैं कि विद्यार्थी को अल्प या कम आहार लेने वाला होना चाहिए । यह बड़ी भारी भूल है।
    12 min
  • Study - Health Balance for students E01
    नमस्कार दोस्तों मेरा नाम सीतेश गुप्ता है।
    And This is REALEducation ..voice for students . एक पॉडकास्ट जो completely dedicated है स्टूडेंट्स के लिए।
    इस पॉडकास्ट के माध्यम से, मैं स्वयं के स्टूडेंट् लाइफ के अनुभव ,उसके बाद की learning और तमाम महान लोगों के विचारों को पढ़कर एवम समझ कर आपसे साझा करने का प्रयास करूंगा ।जिससे आपके अपने पढ़ाई अथवा पैशन को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगा।और वो सारी गलतियां जो अमूमन विद्यार्थी अपने विद्यार्थी जीवन में करते है ,एक सीख भी मिलेगी।
    इसी कड़ी में आज का पॉडकास्ट उन सभी स्टूडेंट्स के लिए डेडीकेटेड है जो अपने हेल्थ और स्टडी में बैलेंस नही रखते है।हेल्थ से मेरा मतलब सिर्फ physical health नहीं बल्कि mental health भी है।जिसमे focus,stability in life , औरlifestyle भी शामिल है, और यह एक बहुत बड़ा कारण होता है अपने aim अथवा goal को achieve नहीं करने में।
    आज का पॉडकास्ट मैं
    हमारे प्राचीन ग्रन्थों में वर्णित दो श्लोक के मार्गदर्शन में करूंगा, जो बड़ा ही उत्तम है । ये श्लोक हजारों वर्ष पुराना है, फिर भी आज के student lifestyle के reference में उतना ही सटीक, और उतना ही गंभीर है ।
    सुखार्थीः चेत् त्यजेत् विद्याम् विद्यार्थीः चेत् त्यजेत् सुखम् ॥
    अर्थात् यदि सुख की कामना है तो विद्या की आशा छोड़ दें और यदि विद्या की कामना है तो सुख का लोभ त्याग दें । यहाँ सुख से मतलब है आलस्य से मिलने वाला झूठा सुख । काम से भागकर, स्वयं को धोखा देने में भी एक प्रकार का आकर्षण है । एक प्रकार का नशा है, जो व्यक्ति को अपाहिज बना डालता है । लेकिन यदि विद्यार्थी पूर्ण रूचि लेकर अध्ययन करे, गुरुजनों की दी हुई शिक्षा को धारण करे तो, विद्या के ग्रहण में जो सुख मिलता है, उसकी अन्यत्र कहीं कल्पना भी नहीं की जा सकती ।विद्यार्थी भी तीन प्रकार के बताए गए हैं : एक, मोर के बच्चे जैसे, जो अंडे से निकलते ही माँ के साथ चल पड़ते हैं, यानि जिनके लिए केवल इशारा ही काफी है । इस तरह के विद्यार्थी बहुत जल्दी सीख लेते हैं । दूसरे, चिड़िया के बच्चे जैसे, जो घोंसले में माँ की प्रतीक्षा करते हैं, और दाना पानी लेने के लिए चोंच खुली रखते हैं । तीसरे, फाख्ता के बच्चे जैसे, जिनके चोंच में माँ को खाना जबरदस्ती ठूँसना पड़ता है । यदि आप मोर के बच्चे न हों तो कम से कम चिड़िया के बच्चे तो अवश्य बन सकते हैं ।
    सार रूप से कहा जा सकता है कि विद्यार्थी जीवन एक आदर्श जीवन होता है । इसमें हमें स्वयं को कुछ नियमों में ढालना ही पड़ता है, जो कि वास्तव में इतने आवश्यक नियम हैं कि केवल विद्यार्थी जीवन में ही नहीं, बल्कि पूरे जीवन को ही संतुलित, सुरक्षित और सुगंधित बना देते हैं । विद्यार्थी के लिए महानतम लक्ष्य केवल और केवल ज्ञान होना चाहिए और ज्ञान का लक्ष्य होना चाहिए अपना व मानवता का कल्याण । शिक्षा से रोजगार मिल जाता है, लेकिन शिक्षा को केवल रोजी रोटी का साधन मान बैठना वैसा ही है, जैसे आप किसी तिनके को काटने के लिए कुल्हाड़ा उठा लें । शिक्षा प्राप्त करें, सीखने के लिए, स्वयं को विकसित करने के लिए, और रही रोजगार की बात, तो उसका ख्याल तो ज्ञान स्वयं रख लेगा ।
    8 min
  • Importance of passion for students
    We are on the mission to transform the life of one lakh students suffering from fixed and confused mindset and living below average student life.By empowering them to find their passion and true potential ,Through REALEducation Program.
    8 min
  • Power of Gratitude /कृतज्ञता की शक्ति
    Gratitude is most powerfull word of this universe .All the most successful people in the world have used it and advised us so that all of us can use it.But there is a condition to its use. When expressing gratitude, you also have to feel it. At this time your emotions should be at their highest height. Then you will see magic happening.
    24 min

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This podcast is about transforming the life of students by empowering them to find their passion based on their skill.This podcast is talking about REALEducation of the students which means Redefining…