Saahitya Ki Orr

Saahitya Ki Orr

By Renu ArunArtsBooks
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Saahitya Ki Orr episodes

  • नाग पूजा : मुंशी प्रेमचंद जी की कहानी
    तिलोत्तमा अभी कुछ जवाब न देने पायी थी कि अचानक बारात की ओर से रोने के शब्द सुनायी दिये, एक क्षण में हाहाकर मच गया। भंयकर शोक-घटना हो गयी। वर को सौंप ने काट लिया। वह बहू को बिदा कराने आ रहा था। पालकी में मसनद के नीचे एक काला साँप छिपा हुआ था। वर ज्यों ही पालकी में बैठा, साँप ने काट लिया।
    चारों ओर कुहराम मच गया। सुनिए आगे की कहानी में क्या हुआ !!!!!
    22 min
  • मुंशी प्रेमचंद जी की कहानी : कानूनी कुमार
    सुनिए, कानूनी कुमार ने किस किस विषय पर कानून लाने की सोची और कौन से बिल पास कराने का विचार कर रहे हैं और उनसे मिलने कौन- कौन आया ? जानने के लिए सुनिए कहानी, कानूनी कुमार!!!!!!
    25 min
  • अपनी करनी : मुंशी प्रेमचंद की कहानी
    मैं जितना झूठा था, वो उतनी सच्ची। मैं जितना गलत व्यवहार करता, वो उतना अच्छा करती। उसे दुनिया के सामने हमारे रिश्ते का मजाक उड़ाना पसंद नहीं था, इसलिए वो मेरे व्यवहार का जिक्र लोगों के सामने कभी नहीं करती थी। शायद उसे हमेशा लगता था कि मैं एक दिन सुधर जाऊंगा और मेरे सिर से ये नशा उतर जाएगा। काश! वो इतनी अच्छी न होती। वो अपने हक के लिए मुझसे लड़ती। सुनिए, कि किस करनी के लिए किसे और कैसे पछताना पड़ा !!!!!
    24 min
  • शूद्र : मुंशी प्रेमचंद जी की कहानी
    एक शूद्र कन्या जो अपने मां के साथ रहती थी और एक दिन एक परदेशी आता है और गौरा की ओर आकर्षित होता है और उससे शादी करता है फिर एक दिन बिना कुछ बताए उसे छोड़कर चला जाता है। फिर सालों एक दिन एक बूढ़ा आदमी आता है और गौरा को बोलता है कि मंगरू ने बुलाया है, कलकत्ता। क्या गौरा कलकत्ता जाती है और जाती है तो आगे क्या होता है उसके साथ? जानने के लिए सुनिए ये कहानी - शूद्र!!!!!!
    33 min
  • नरक का मार्ग : मुंशी प्रेमचंद की कहानी
    कल पगली सुशीला ने कितनी उमंगों से मेरा शृंगार किया था, कितने प्रेम से बालों में फूल गूँथे थे। कितना मना करती रही, न मानी। आखिर वही हुआ जिसका मुझे भय था। जितनी देर उसके साथ हँसी थी, उससे कहीं ज्यादा रोयी!! सुनिए ये कहानी - नरक का मार्ग!!!
    18 min

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