प्रतिभाशाली होना पर्याप्त नहीँ है, साथ में ऐसा दिखना भी चहिये। काम से कम प्रतीत तो होना ही चहिये। ये मानना है चचा का, जो झुनझुन को ये समझाने में लगे हैं कि उनके बाल इतनी जल्दी सफेद कैसे हो गए। आधुनिकता ने चलने फिरने के साथ साथ दिखने का भी दृष्टिकोण बदल दिया है। एक कहावत है 'जो दिखता है, वही बिकता है', तो अगर कोई पहले से ही बिकता हो और अगर उसको और भी बेकना हो तो क्या किया जाए। ऐसे में काम आता है दिखावा। इस लघु कहानी में जानिए कैसे दिखावे की भी जगह है, उसको आजकल स्टाइल या एटीट्यूड कहते हैं।