तुम मुझ((वचन))में बने रहो,मेरा वचन तुम(without fruit) में बना रहे, यही आशीष का एकमात्र रास्ता है कोई दूसरा रास्ता nhi hai, yeeshu vachan hai.
John 15:4, 7 (HIN) तुम मुझ में बने रहो*, और मैं तुम में जैसे डाली यदि दाखलता में बनी न रहे, तो अपने आप से नहीं फल सकती, वैसे ही तुम भी यदि मुझ में बने न रहो तो नहीं फल सकते।
यदि तुम मुझ में बने रहो, और मेरी बातें तुम में बनी रहें तो जो चाहो माँगो और वह तुम्हारे लिये हो जाएगा।
https://alkitab.app/v/5eadf21fbe41