StorywithNeety

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StorywithNeety episodes

  • माँ(मुंशीप्रेमचंद)
    माँ अक्सर अपने बच्चे पर अपना सब कुछ न्योच्छावर कर देती है।पर जब बेटे की बारी आती है तो वह स्वार्थी हो वहीं करता है जो उसका जी चाहता है।
    39 min
  • प्रेम सूत्र(मुंशीप्रेमचंद)
    ये कहानी मर्द जाति की चंचलता का व्याख्यान है। और नारी के सतीत्व ओर ममत्त्व को इस कहानी मैं बड़ी सरलता से दिखाया गया है। कहानी मे देखने को मिलेगा के किस तरह मनुष्य जवानी मैं नई नई तितलियों के पीछे अपने गृहस्थ जीवन मे आग लगा लेता है।और जब सब उसे छोडकर चली जाती है तो फिर अपनी उसी पत्नी के पास आता है जिसे कभी वो दूसरो के लिए छोड़ चुका था। और स्त्री अपनी सरल और छमशील स्वभाव वस उसे फिर माफ जर देती है।
    1 hr 6 min
  • मंदिर और मस्जिद(मुंशीप्रेमचंद)
    ये कहानी एक ऐसे व्यक्ति की है जो है तो मुसलमान पर करता गंगा स्नान है । है।वो न्याय प्रिय है। वो हिन्दू मुसलमान मैं भेद नही करता। ये कहानी उसकी न्यायप्रियता ओर मन्दिर मस्जिद एक है। का व्याख्यान करती है।
    26 min
  • अलग्योझा(मुंशीप्रेमचंद)
    अक्सर सौतेली माँ हमेशा बच्चो से नोकरो सा व्यवहार करती है।ये कहानी ऐसे ही मोड़ से शुरू होतीं है।जहाँ आप देखेँगे की कहानी का नायक अपने पिता की मृत्यु के बाद अपनी सौतेली माँ के बुरे व्यव्हार को भुलाकर अपने सौतेले भाइयो को पिता की तरह पालता है।पर उसकी पत्नी की वजह से उसके परिवार मे अलग्योझा हो जाता है ।जो उसकी मृत्यु का कारण बनता है।
    42 min
  • मन का प्राबल्य(मुंशीप्रेमचंद)
    अकसर इंसान इन्द्रियों के वशीभूत होकर बूरे काम करने चल देता है।पर सामने वाले कि सरलता और स्वच्छता उसके विचारों पर हावी हो जाती है। और वह जीवन मे स्वार्थ ओर लालच छोड़ लोक सेवा मैं लग जाता है।
    13 min
  • आखिरी तोहफा(मुंशीप्रेमचंद)
    कहानी उस समय की है जब देश में विदेशी चीजों का बहिष्कार चल रहा था।जहाँ एक तरफ ऐसी औरते थी जो इस आंदोलन मैं शामिल हो इसका समर्थन कर रही थी।तो वही दूसरी तरफ़ कुछ घमंडी ओर लालची औरते इसको बढ़ावा दे रही थी।
    29 min

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