9 अक्तूबर को उनके दोस्त अबरार अलवी उनसे मिलने गए तो गुरु दत्त शराब पी रहे थे. इस बीच उनकी गीता दत्त से फ़ोन पर लड़ाई हो चुकी थी.
वो अपनी ढाई साल की बेटी से मिलना चाह रहे थे और गीता उसे उनके पास भेजने के लिए तैयार नहीं थीं.
गुरु दत्त ने नशे की हालत में ही उन्हें अल्टीमेटम दिया, "बेटी को भेजो वर्ना तुम मेरा मरा हुआ शरीर देखोगी."
एक बजे रात को दोनों ने खाना खाया और फिर अबरार अपने घर चले गए. दोपहर दिन में उनके पास फ़ोन आया कि गुरु दत्त की तबियत ख़राब है। सुनिए पूरी कहानी का PODCAST अनूप आकाश वर्मा के साथ। संपर्क -
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