27 मार्च 1973 को जब राजेश खन्ना की बारात बंबई के कार्टर रोड से गुजर रही थी तभी अचानक से काका ने पहले से तयशुदा रूट को बदल दिया और बारात का रुख मोड़ दिया, अब जिस रास्ते से बारात जाने वाली थी इस रास्ते में राजेश खन्ना की पूर्व प्रेमिका अंजू महेंद्रू का घर था.
बंबई की वो शाम जब सुपर स्टार राजेश खन्ना दूल्हा बने थे. बंबई का कार्टर रोड खचाखच भरा हुआ था. लोग अपने चहेते सितारे को एक नज़र देखने पहुंचे थे. देश विदेश से पत्रकार इस शादी को कवर करने आए थे.
1994 के आसपास रवीना-अजय का अफेयर हॉट टॉक का मुद्दा हुआ करता था. यह सब खिचड़ी ‘दिलवाले’ के शूट के दौरान ही पक रही थी. फिर बीच में करिश्मा कपूर की एंट्री हो गई और मामला गड़बड़ा गया. दरअसल अजय दो अलग-अलग फिल्में – ‘दिलवाले’ और ‘जिगर’ – रवीना और करिश्मा के साथ एक समय पर शूट कर रहे थे. कहते हैं रवीना और अजय के बीच सब सही चल रहा था फिर करिश्मा ने भांजी मार दी. टंडन ने उस समय अजय पर आरोप लगाए थे कि उन्हें कई फिल्मों से निकाला गया और उनकी जगह करिश्मा को लिया गया. अजय इसे नकारते रहे, उन्होंने कहा था।
उन दिनों राजेश खन्ना समंदर के किनारे एक आलीशान बंगले की चाहत पाले हुए थे. तभी राजेन्द्र कुमार ने अपने बंगले को बेचने का मन बनाया. इस बंगले को पहले भूत बंगला कहा जाता था. कहते हैं इस भूत बंगले को खरीदने के लिए राजेश खन्ना ने अपना सबकुछ दांव पर लगा दिया था.
साठ के दशक में राजेन्द्र कुमार से बांद्रा में समंदर के किनारे एक भूत बंगला खरीदा. इस बंगले को तब राजेन्द्र कुमार ने साठ हजार रुपये में खरीदा था. ये बंगला उस दौर में भूत बंगले के नाम से जाना जाता था, लेकिन इस बंगले ने राजेन्द्र कुमार को जुबली कुमार बना दिया.
साल 1967, तब राजेश खन्ना अपनी दूसरी फिल्म की शूटिंग कर रहे थे. दुबले पतले राजेश खन्ना के चेहरे पर काफी मुंहासे भी थे. तब राजेश खन्ना के फैन फॉलोवर्स नहीं थे, लोग काका के चेहरे का मजाक उड़ाया करते थे, लेकिन किसे मालूम था कि ये शख्स आने वाले समय का सुपर स्टार है.
बॉलीवुड के दिवंगत अभिनेता शम्मी कपूर हमेशा अपनी पर्सनल और प्रोफेशनल लाइफ को लेकर सुर्खियों में रहे थे। सभी लोग उनकी और अभिनेत्री गीता बाली की प्रेम कहानी से वाकिफ हैं। लेकिन शादी के कुछ ही वर्षों बाद गीता बाली का निधन हो गया था, जिसके बाद दिग्गज अभिनेता ने नीला देवी से दूसरी शादी की थी। इस दूसरी शादी का बड़ा कारण बच्चों की परवरिश थी। यह सब कुछ सभी लोग जानते हैं लेकिन इन सबके बारे में शम्मी कपूर के बेटे आदित्य कपूर का क्या सोचना है क्या आप जानते हैं? तो आइए जानते हैं लाइमलाइट से दूर रहने वाले आदित्य कपूर अपने पिता की शादी के बारे में क्या सोचते हैं।
साल 1972 आते आते राजेश खन्ना की चमक फीकी पड़ने लगी थी. हर फिल्म फ्लॉप हो रही थी. लेकिन राजेश खन्ना एक के बाद एक फिल्में साइन किए जा रहे थे. उस साल के आखिर में आई मालिक भी बुरी तरह फ्लॉप हुई.
राजेश खन्ना ने जब सिनेमा में कदम रखा तब तक राज कपूर, देवानन्द, दिलीप कुमार और शम्मी कपूर जैसे सितारों की चमक फीकी पड़ रही थी. देश में एक नए परिवर्तन की बयार चल रही थी. राजेश खन्ना आए और हिट हो गए.