तब हेमा मालिनी फिल्म इंडस्ट्री में नई थीं, जितेंद्र और महमूद अपने डांस के लिए मशहूर थे. हेमा खुद एक बेहतरीन डांसर थीं मगर उनका डांस क्लासिकल था. फिर एक फिल्म की शूटिंग के दौरान कुछ ऐसा हुआ कि नींद में भी हेमा मालिनी एक, दो, तीन, चार करने लगीं.
यह बात ऋषि कपूर ने अपने पिता राज कपूर को भी बताई थी लेकिन ख़बरों की मानें तो राज कपूर, डिंपल और ऋषि कपूर के रिश्ते के सख्त खिलाफ थे. ऋषि कपूर भी अपने पिता की कही बात को टालते नहीं थे, ऐसे में पिता द्वारा रिश्ते को ना कहने के बाद ऋषि कपूर ने डिंपल से दूरियां बना ली थीं और दोनों का ब्रेकअप हो गया था.
रेखा, साल 1969 में 14 साल की उम्र में बंबई पहुंचीं, तब रेखा को एक साथ बहुत सी फिल्में ऑफर हो गई थीं. इस बात को जहां एक ओर फिल्मी पत्रिकाओं में चटपटे अंदाज़ में छापा गया वहीं इन फिल्मों से रेखा की माँ पुष्पावल्ली बहुत खुश हुईं
अमिताभ बच्चन (Amitabh Bachchan) के साथ 1971 में आई फिल्म प्यार की कहानी में काम किया था। उनसे अपनी पहली मिलाकात को भी तनुजा ने याद किया था। उन्होंने अमिताभ को ताज होटल के क्लब में उनकी तब की गर्लफ्रेंड शीला जोन्स के साथ देखा था। तनुजा ने तब उन्हें फ़िल्में ज्वाइन करने की सलाह दे दी थी। तब अमिताभ ने कहा था, मैं वही करने वाया हूं।
कामिनी कौशल पहले से ही शादीशुदा थीं. उनकी शादी अपने ही बहनोई से कर दी गई थी. ये शादी एक मजबूरी के चलते हुई थी और कामिनी की मर्जी इसमें शामिल नहीं थी, दरअसल, कामिनी की बहन की अचानक मृत्यु हो गई थी जिसके बाद उनके बच्चों की परवरिश करने वाला कोई नहीं था. ऐसे में परिवार ने ये तय किया कि कामिनी की शादी उनकी बहन के पति से कर दी जाए. इससे मां की ममता से वंचित बच्चों को मां मिल जाएगी.
राजेश खन्ना का दिल आया था एक्टर और मॉडल अंजू महेन्द्रू पर, कहते हैं कि काका उनसे बेतहाशा प्यार करते थे. मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो अंजू महेन्द्रू और राजेश खन्ना का अफेयर पूरे सात सालों तक चला था लेकिन इनकी शादी नहीं हो सकी थी. बताते हैं कि राजेश खन्ना चाहते थे कि अंजू महेन्द्रू शादी करके सैटल हो जाएं और एक्टिंग छोड़ दें लेकिन अंजू मॉडर्न महिला थीं और एक्टिंग उनका ड्रीम था जिसे वे किसी कीमत पर नहीं छोड़ना चाहती थीं.
एक पार्टी के दौरान जीनत और संजय के बीच झगड़ा हो गया था, गुस्से में आपा खोए संजय ने जीनत को इतनी जोर से मारा कि एक्ट्रेस की आंख हमेशा-हमेशा के लिए खराब हो गई थी. इस घटना के बाद संजय और जीनत हमेशा-हमेशा के लिए अलग हो गए थे.
राजेश खन्ना 1970 के साल में सबसे चमकते सितारों में शुमार थे, पारसमणि की तरह. जिस फिल्म में हाथ रख दें वो फिल्म कामयाबी के छप्पर फाड़ देती थी. 'कटी पतंग' जैसी महिला प्रधान फिल्म में भी राजेश खन्ना की मौजूदगी दर्शकों की लाइन लगा रही थी, इसी दौर में काका को लालची कहा गया.
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