The Podcast Factory

The Podcast Factory

By Ekta VyasArtsBooks
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The Podcast Factory episodes

  • Aastha
    तूफ़ान बहुत भयानक था मोबाइल और टीवी तक ही सीमित था
    5 दिन से विज्ञान और धर्म की लड़ाई हो रही है
    Sound mixing& editing: Jiya Vyas(@notreallyjiya) Image credits: and information Google Doodle Connect to us on instagram: @_thepodcastfactor
    15 min
  • Naina Barse Rimjhim
    बैंड सनम द्वारा इस गीत की प्रस्तुति इतनी लोकप्रिय रही है कि कुछ किशोरों को लगता है कि उन्होंने मूल रूप से इसे गाया था। सुनिए गीत के कुछ अनसुने क़िस्से। Sound mixing& editing: Jiya Vyas(@notreallyjiya) Image credits: and information Google Doodle Connect to us on instagram: @_thepodcastfactory
    12 min
  • Ja re badara ja
    ...जब नाचने लगे थे मोर
    कहा जाता है कि एक रोज अफगानिस्तान की शाह ने खुले बाग में संगीत की महफिल सजाई थी. गाने के लिए गुलाम अली साहब को दावत दी गई. गुलाम अली साहब ने ज्यों ही सुर लगाया, वहां चहलकदमी करते हुए मोर पंख फैलाकर नाचने लगे. बंदिश खत्म होते ही उसने अपने पंख समेट लिए. Sound mixing& editing: Jiya Vyas(@notreallyjiya) Image credits: Google Doodle Connect to us on instagram: @_thepodcastfactory
    8 min
  • Aaye Na Balam
    बड़े ग़ुलाम अली ख़ाँ साहब हिंदुस्तान की सबसे करिश्माई आवाज़ों में से एक थे, उनके हर कॉनसर्ट में हज़ारों की भीड़ उमड़ पड़ती थी। क़िस्सा उन दिनों का है जब बड़े ग़ुलाम अली ख़ाँ साहब एक कार्यक्रम के सिलसिले में कोलकाता आए हुए थे। उस वक्त देश के प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू थे। नेहरू ख़ुद भी ख़ाँ साहब की गायकी के बड़े कद्रदानों मैं से एक थे। Sound mixing& editing: Jiya Vyas(@notreallyjiya) Image credits: Google Doodle Connect to us on instagram: @_thepodcastfactory
    9 min
  • Tum Apna Ranjo Gam
    भूली बिसरी फ़िल्मों के यह साउंडट्रैक संगीतकार और गायिका के करियर का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है ।जाहिर तौर पर लताजी और आशाजी उस समय की प्रतिष्ठित आवाज थीं। लेकिन उस समय के बहुत सारे ऐसे गीत थे ,जो लोक गीतों पर आधारित थे और कुछ तो उसमें से ग़ज़लें भी थी । इन गीतों और नज़्मों के लिए संगीतकार ने जोर दिया. इस देहाती सी कच्ची आवाज़ के लिए और परिणाम आप सबके सामने हैं। Sound mixing& editing: Jiya Vyas(@notreallyjiya) Image credits: Google Doodle Connect to us on instagram: @_thepodcastfactory
    14 min
  • कुछ ही नग़मे
    भूली बिसरी फ़िल्मों के यह साउंडट्रैक संगीतकार और गायिका के करियर का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है ।जाहिर तौर पर लताजी और आशाजी उस समय की प्रतिष्ठित आवाज थीं। लेकिन उस समय के बहुत सारे ऐसे गीत थे ,जो लोक गीतों पर आधारित थे और कुछ तो उसमें से ग़ज़लें भी थी । इन गीतों और नज़्मों के लिए संगीतकार ने जोर दिया. इस देहाती सी कच्ची आवाज़ के लिए और परिणाम आप सबके सामने हैं। Sound mixing& editing: Jiya Vyas(@notreallyjiya) Image credits: Google Doodle Connect to us on instagram: @_thepodcastfactory
    6 min
  • Hum Dekhenge
    द पॉडकास्ट फ़ैक्ट्री आपके लिए लेकर आया है, नई पॉडकास्ट सीरीज़- यहाँ हम आपको सुनाएंगे हिंदी फ़िल्मों गीत ग़ज़ल और उनके गायकों की जीवन और उनके कलाम से जुड़े कुछ अनोखे किस्से. शुरुआत कर रहे हैं इक़बाल बानो से. वो पाकिस्तान में जन्मीं और भारत में पली-बढ़ीं लेकिन मुहब्बत दोनों देशों में उन्होंने बराबर लूटी. इक़बाल बानो ही थीं जिन्होंने पाकिस्तान के फौजी डिक्टेटर ज़िया-उल-हक़ के फरमान के ख़िलाफ़ साड़ी पहनकर फ़ैज़ अहमद फ़ैज़ की नज़्म ‘हम देखेंगे’ को इस तरह गाया था कि सुनने वालों के रौंगटे खड़े हो गए थे. पहले एपिसोड में हमने समेटा है इक़बाल बानो की यादों को.
    Sound mixing,editing,photography credits: Jiya Vyas(@notreallyjiya). Talk to us: @_thepodcastfactory on instagra
    इमेज क्रेडिट: गूगल डूडल
    11 min
  • The Podcast Factory
    Conclusion Episode. Sound mixing,editing,photography credits: Jiya Vyas(@notreallyjiya). Talk to us: @_thepodcastfactory on instagram
    4 min
  • Tarana burke
    बचपन की यादें हमेशा मीठी हो ,ये ज़रूरी तो नहीं कुछ यादें इतनी कडवी होती है कि उनके आगे दुनिया के सब स्वाद फीके पड़ जाते है। मी टू मूवमेंट से जुड़ी एक कहानी। तराना वर्क का भाग दो ।
    14 min
  • Tarana burke
    बचपन की यादें हमेशा मीठी हो ,ये ज़रूरी तो नहीं कुछ यादें इतनी कडवी होती है कि उनके आगे दुनिया के सब स्वाद फीके पड़ जाते है। मी टू मूवमेंट से जुड़ी एक कहानी।
    18 min

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