Tushar Podcast

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By Tushar TomarComedyComedy Interviews
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  • Biography of Wajahat Hassan
    Wajahat Hasan (Hindi: वजाहत हसन) is an Indian singer and voice artist who uploads his song-covers and live dubbing sessions to hisYouTube channel.
    Early Life
    Wajahat was born and raised in New Delhi, India. He completed his college in commerce and then did Bachelor of Business Administration from Jamia Hamdard University and Bachelor of Commerce from Delhi University. After that, he pursued his further education in Masters of Business Administration (finance) from Bharatiya Vidyapeeth University. He started his career as a musician and formed his own band named "Qareeb".
    Content
    On YouTube, Wajahat started uploading musical covers of Bollywood songs long before he started being active. On September 2020, he uploaded a video as a collaboration with Sonal Kaushal (the voice actor for the titular character in the Hindi dub ofDoraemon), where he and Sonal sang the first dubbed opening song and ending song. It started his active career again.
    He uploaded his first prank call video titled, "Suneo Prank Call | Luxury Car Showroom | Doraemon", in which he called a vehicle dealership as his assigned character Suneo Honekawa, deemed to be rich and selfish, wanting to be the 'best'. It would soon prove to the first episode of an entire series based on prank calls. It is currently the most famous series on the channel.
    He started uploading musical covers again in October 2020, uploading a cover of the songKhairiyat as a tribute to deceased Indian actor Sushant Singh Rajput. There are also occasional snippets of his live-dubbing sessions uploaded.
    2 min
  • BIOGRAPHY OF ELON MUSK
    एलन रीव मस्क एक दक्षिण अफ्रीकी-कनाडाई-अमेरिकी दिग्गज व्यापारी, निवेशक, इंजीनियर, और आविष्कारक है। एलन स्पेसएक्स के संस्थापक, सीईओ और मुख्य डिजाइनर; टेस्ला कंपनी के सह-संस्थापक, सीईओ और उत्पाद के वास्तुकार; ओपनएआई के सह-अध्यक्ष; न्यूरालिंक के संस्थापक और सीईओ और द बोरिंग कंपनी के संस्थापक हैं। इसके अलावा वे सोलरसिटी के सह-संस्थापक और पूर्व अध्यक्ष, ज़िप2 के सह-संस्थापक और एक्स.कॉम के संस्थापक हैं, जोकि बाद में कॉन्फ़िनिटी के साथ विलय हो गया और उसे नया नाम पेपैल मिला।
    दिसंबर 2016 में, एलन को फ़ोर्ब्स पत्रिका की दुनिया के सबसे शक्तिशाली लोगों की सूची में 21वाँ स्थान प्राप्त हुआ। जनवरी 2018 तक, एलन की कुल संपत्ति 20.9 अरब अमेरिकी डॉलर है, और फोर्ब्स द्वारा दुनिया के 53वें सबसे अमीर व्यक्ति के रूप में सूचीबद्ध किया गया है।
    एलन ने कहा है कि सोलरसिटी, टेस्ला और स्पेसएक्स का लक्ष्य, विश्व और मानवता को बदलने के लिए उनके दृष्टिकोण के चारों ओर घूमता हैं। उनके लक्ष्यों में संधारणीय ऊर्जा उत्पादन और उपयोग के माध्यम से भूमंडलीय ऊष्मीकरण (ग्लोबल वार्मिंग) को कम करना और मंगल ग्रह पर मानव बस्ती की स्थापना के द्वारा "मानव विलुप्त होने के खतरे" को कम करना शामिल है।
    जन्म 28 जून 1971 को साउथ अफ्रीका के प्रिटोरिया सहर में हुआ था उनके पिताजी एक इंजिनियर और माँ एक मॉडल थी जब एलोन 9 साल के थे तब इनके माता-पिता तलाक लेकर अलग हो गये और एलन अपने पिता के साथ प्रिटोरिया में रहने लगे उनके 2 छोटे भाई बहिन भी थे जिनपर उनके पिता बिलकुल भी ध्यान नहीं देते थे
    एलोन बचपन से ही शर्मीले और किताबो में घुसे रहने वाले लड़के थे और १० साल की आयु तक उन्होंने ऐसी किताबे पढ़ ली थी जो कॉलेज स्टूडेंट भी नहीं पढ़ते थे और 12 साल की उम्र में एलोन ने अपने घर पर ही रखे कंप्यूटर पर कुछ बुक्स की मदद से कंप्यूटर प्रोग्रामिंग सीखकर लास्ट r गेम ड़ेवेलोप कर लिया
    बेसिक लैंग्वेज में बने इस विडियो गेम को ड़ेवेलोप कर लिया और उन्होंने इस गेम को 500 डॉलर में एक कंपनी को बेच दिया उन्होंने अपने स्कूल की फीस इन्ही पैसो से भरी स्कूल में फीस तो भर दी लेकिन स्कूल में कुछ बदमास बच्चे उनसे मार पिट करते थे एक बार उन बदमास बचू ने मिलकर एलोन को इतना मार की वो बेहोश हो गए
    और इसके बाद उन्होंने एलोन को सीढियों से निचे फेक दिया उन्हें होस्पिटल में एडमिट करवाया गया और काफी दिनों बाद उनकी यादास्त आई इस घटना के बाद एलोन को आज भी सांस लेने में तकलीफ होती है जैसे-तैसे 17 साल की उम्र में साउथ अफ्रीका से ओने हाई स्कूल की पढाई पूरी कर ली
    करिअर
    1988 में वो कनाडा चले गए और एक अमेरिकन नागरिक बन गए। फिलहाल वो टेस्ला मोटर्स, सोलर सिटी के सीईओ और मुख्य उत्पाद के शिल्पकार है साथ ही वो स्पेस एक्स के भी सीईओ और सीटीओ है।
    फाल्कन हैवी राकेट की डिजाईन में और उसे बनाने में इलोन मस्क का बहुत ही बड़ा योगदान है, इसी वजह से अधिकतर लोग उन्हें फाल्कन राकेट के लिए भी जानते है।
    इलोन मस्क और उनके भाई ने मिलकर सन 1995 में ज़िप2 नाम की एक सॉफ्टवेयर कंपनी खोल दी थी। लेकिन 1999 में उन्होंने इस कंपनी को बेच दिया और करोड़पति गए। उसके बाद में उन्होंने एक्स डॉट कॉम नाम की कंपनी खोली लेकिन कुछ समय के बाद ही उन्होंने इसे कांफिनिटी कंपनी के साथ में जोड़ दिया और जब यह दोनों कंपनिया साथ में मिल गयी तो उनमेसे पेपाल नाम की नयी कंपनी बनायीं गयी।
    एक्स डॉट कॉम को ही आगे चलकर पेपाल नाम दिया गया और नाम देने के बाद इलोन मस्क ने इस कंपनी को ओर बड़ा करने पर जोर दिया। उसके बाद में उन्होंने स्पेसएक्स कंपनी खोली और टेस्ला के सीईओ बन गए।
    मगर वहापर पहुचने पर केवल दो दिन के बाद ही उन्हें इस कोर्स को छोड़ना पड़ा क्यों की वो इन्टरनेट, नविकरनिय उर्जा और अवकाश के क्षेत्र में बिज़नस करना चाहते थे। वो 2002 में अमेरिका के नागरिक बन गए।
    इलोन मस्क ने बचपने से ही अविश्वसनीय काम करने शुरू कर दिए थे। उनका इस तरह के अद्भुत काम करने का दौर आगे भी चलता रहा। उनके कई सारे कार्य में एक फाल्कन राकेट को लेकर है। इस राकेट की डिजाईन बनाने का काम खुद इलोन मस्क ने ही किया है और साथ ही इस बड़ी मुहीम को कामयाब बनाने में सबसे अधिक योगदान उनका ही रहा है।
    इंस्पायरिंग थॉट्स
    o   यहाँ फेलियर एक विकल्प है. अगर चीजें फेल नहीं हो रहे हैं, तो आप उतना इनोवेट नहीं कर रहे
    o   अगर कुछ बेहद ज़रूरी है, तो भले चीजें आपके खिलाफ हों, फिर भी आपको वो करना चाहिए.
    o   पे-पाल से जाते वक़्त, मैंने सोचा: ‘ अच्छा! और कौन सी समस्याएं हैं जिनकी मानवता के भविष्य को प्रभावित करने की सबसे अधिक सम्भावना है?’ मैंने इस नज़रिए से नहीं सोचा कि, ‘पैसा बनाने का सबसे अच्छा तरीका क्या है?
    o   पहला कदम ये स्थित करना है कि कोई चीज
    6 min
  • मूर्ख साधू और ठग
    एक बार की बात है किसी गांव में एक साधु बाबा रहा करते थे। पूरे गांव में वह अकेले साधु थे, जिन्हें पूरे गांव से कुछ न कुछ दान में मिलता रहता था। दान के लालच में उन्होंने गांव में किसी दूसरे साधू को नहीं रहने दिया और अगर कोई आ जाता था, तो उन्हें किसी भी प्रकार से गांव से भगा देते थे। इस प्रकार उनके पास बहुत सारा धन इकट्ठा हो गया था।
    वहीं, एक ठग की नजर कई दिनों से साधु बाबा के धन पर थी। वह किसी भी प्रकार से उस धन को हड़पना चाहता था। उसने योजना बनाई और एक विद्यार्थी का रूप बनाकर साधु के पास पहुंच गया। उसने साधु से अपना शिष्य बनाने का आग्रह किया।
    पहले तो साधु ने मना किया, लेकिन फिर थोड़ी देर बाद मान गए और ठग को अपना शिष्य बना लिया। ठग साधु के साथ ही मंदिर में रहने लगा और साधु की सेवा के साथ-साथ मंदिर की देखभाल भी करने लगा।
    ठग की सेवा ने साधु को खुश कर दिया, लेकिन फिर भी वह ठग पर पूरी तरह विश्वास नहीं कर पाया।
    एक दिन साधु को किसी दूसरे गांव से निमंत्रण आया और वह शिष्य के साथ जाने के लिए तैयार हो गया। साधु ने अपने धन को भी अपनी पोटली में बांध लिया। रास्ते में उन्हें एक नदी मिली। साधु ने सोचा कि क्यों न गांव में प्रवेश करने के पहले नदी में स्नान कर लिया जाए। साधु ने अपने धन को एक कंबल में छुपाकर रख दिया और ठग से उसकी देखभाल करने का बोलकर नदी की ओर चले गए।
    ठग की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। उसे जिस मौके की तलाश थी, वो मिल गया। जैसे ही साधु ने नदी में डुबकी लगाई ठग सारा सामान लेकर भाग खड़ा हुआ। जैसे ही साधु वापस आया, उसे न तो शिष्य मिला और न ही अपना सामान। साधु ने ये सब देखकर अपना सिर पकड़ लिया।
    कहानी से सीख
    हमें इस कहानी से यह सीख मिलती है कि कभी भी लालच नहीं करना चाहिए और न ही किसी की चिकनी चुपड़ी बातों पर विश्वास करना चाहिए।
    2 min
  • Hisab Bhagwan Rakhte Hai
    *हिसाब भगवान रखते हैं*
    *अस्पताल में एक कोरोना पेशेंट का केस आया ।मरीज बेहद सीरियस था । अस्पताल के मालिक डॉक्टर ने तत्काल खुद जाकर आईसीयू में केस की जांच की।*
    *दो-तीन घंटे के ओपरेशन के बाद डॉक्टर बाहर आया और अपने स्टाफ को कहा कि इस व्यक्ति को किसी प्रकार की कमी या तकलीफ ना हो। और उससे इलाज व दवा के पैसे न लेने के लिए भी कहा ।*
    *मरीज तकरीबन 15 दिन तक मरीज अस्पताल में रहा। जब बिल्कुल ठीक हो गया और उसको डिस्चार्ज करने का दिन आया तो उस मरीज का तकरीबन ढाई लाख रुपये का बिल अस्पताल के मालिक और डॉक्टर की टेबल पर आया।*
    *डॉक्टर ने अपने अकाउंट मैनेजर को बुला करके कहा ..."इस व्यक्ति से एक पैसा भी नहीं लेना है। ऐसा करो तुम उस मरीज को लेकर मेरे चेंबर में आओ। "मरीज व्हीलचेयर पर चेंबर में लाया गया। डॉक्टर ने मरीज से पूछा - "भाई ! क्या आप मुझे पहचानते हो?"मरीज ने कहा "लगता तो है कि मैंने आपको कहीं देखा है।"*
    *डॉक्टर ने कहा ..."याद करो, अंदाजन दो साल पहले सूर्यास्त के समय शहर से दूर उस जंगल में तुमने एक गाड़ी ठीक की थी। उस रोज मैं परिवार सहित पिकनिक मनाकर लौट रहा था कि अचानक कार में से धुआं निकलने लगा और गाड़ी बंद हो गई। कार एक तरफ खड़ी कर मैंने चालू करने की कोशिश की, परंतु कार चालू नहीं हुई। अंधेरा थोड़ा-थोड़ा घिरने लगा था। चारों और जंगल और सुनसान था। परिवार के हर सदस्य के चेहरे पर चिंता और भय की लकीरें दिखने लगी थी और सब भगवान से प्रार्थना कर रहे थे कि कोई मदद मिल जाए।"*
    *थोड़ी ही देर में चमत्कार हुआ। बाइक के ऊपर तुम आते दिखाई पड़े ।हम सब ने दया की नजर से हाथ ऊंचा करके तुमको रुकने का इशारा किया।*
    *तुमने बाईक खड़ी कर के हमारी परेशानी का कारण पूछा। तुमने कार का बोनट खोलकर चेक किया और कुछ ही क्षणों में कार चालू कर दी।*
    *"हम सबके चेहरे पर खुशी की लहर दौड़ गई। हमको ऐसा लगा कि जैसे भगवान ने आपको हमारे पास भेजा है क्योंकि उस सुनसान जंगल में रात गुजारने के ख्याल मात्र से ही हमारे रोगंटे खड़े हो रहे थे।*
    *तुमने मुझे बताया था कि तुम एक गैराज चलाते हो ।*
    *"मैंने आपका आभार जताते हुए कहा था कि रुपए पास होते हुए भी ऐसी मुश्किल समय में मदद नहीं मिलती।*
    *तुमने ऐसे कठिन समय में हमारी मदद की, इस मदद की कोई कीमत नहीं है, यह अमूल्य है परंतु फिर भी मैं पूछना चाहता हूँ कि आपको कितने पैसे दूं ?"*
    *उस समय तुमने मेरे आगे हाथ जोड़कर जो शब्द कहे थे, वह शब्द मेरे जीवन की प्रेरणा बन गये हैं "तुमने कहा था कि "मेरा नियम और सिद्धांत है कि मैं मुश्किल में पड़े व्यक्ति की मदद के बदले कभी कुछ नहीं लेता।*
    *मेरी इस मजदूरी का हिसाब भगवान् रखते हैं। "उसी दिन मैंने सोचा कि जब एक सामान्य आय का व्यक्ति इस प्रकार के उच्च विचार रख सकता है, और उनका संकल्प पूर्वक पालन कर सकता है, तो मैं क्यों नहीं कर सकता। और मैंने भी अपने जीवन में यही संकल्प ले लिया है। दो साल हो गए है, मुझे कभी कोई कमी नहीं पड़ी, अपेक्षा पहले से भी अधिक मिल रहा है।"*
    *"यह अस्पताल मेरा है। तुम यहां मेरे मेहमान हो और तुम्हारे ही बताए हुए नियम के अनुसार मैं तुमसे कुछ भी नहीं ले सकता।"*
    *"ये तो भगवान् की कृपा है कि उसने मुझे ऐसी प्रेरणा देने वाले व्यक्ति की सेवा करने का मौका मुझे दिया। "ऊपर वाले ने तुम्हारी मजदूरी का हिसाब रखा और वो हिसाब आज उसने चुका दिया। मेरी मजदूरी का हिसाब भी ऊपर वाला रखेगा और कभी जब मुझे जरूरत होगी, वो जरूर चुका देगा।*
    *"डॉक्टर ने मरीज से कहा ...."तुम आराम से घर जाओ, और कभी भी कोई तकलीफ हो तो बिना संकोच के मेरे पास आ सकते हो। "मरीज ने जाते हुए चेंबर में रखी भगवान् कृष्ण की तस्वीर के सामने हाथ जोड़कर कहा कि...."हे प्रभु ! आपने आज मेरे कर्म का पूरा हिसाब ब्याज समेत चुका दिया।"*
    *सदैव याद रखें कि आपके द्वारा किये गए कर्म आपके पास लौट कर आते है । और वो भी ब्याज समेत*
    *वर्तमान में कठिन समय चल रहा है ।जितना हो सकता है लोगों की मदद करें । आपका हिसाब ब्याज समेत वापस आएगा ।*
    💐🙏
    4 min

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This show came with great Interviews of esteemed personalities and the Host is Insipirational as TUSHAR TOMAR is the World's Youngest Journalist & Podcaster. A initiative for changing the…