(पुरुष स्वर – लीड)
जय जय माँ शारदे, जय जय माँ शारदे (x4)
सात सुरों की देवी को आज हम मनाने आए,
महियारी वाली माता की आज हम वंदना गाएँ (x2).
(महिला कोरस – मधुर स्वर)
जय जय माँ शारदे, जय जय माँ शारदे…
ज्ञान की ज्योति जगमगाए, हर दिल में उजियारा छाए…
(पुरुष स्वर – भावपूर्ण)
जनम दिवस वर्ष में आता है एक बार,
ज्ञान भक्ति के रंगों से सज जाता है हर गुरुकुल का द्वार (x2).
शारदे मैया के लिए हर बच्चा ला रहा उपहार,
अंबर के तारे दीपक जैसे सज जाते हैं पल में,
पैरों से फूल जैसे बरस रहे माता के चरण में (x2).
(महिला कोरस – ऊँचे स्वर)
वीणापाणी माता उत्सव को मनाएँ साथ में,
अनंत राग की सवार तरंगें बरसा रही वरदान में…
जय जय माँ शारदे, जय जय माँ शारदे (x4).
(पुरुष स्वर – लीड)
कमल फूल से श्रृंगार करूँगा,
हंसवाहिनी माता का बस मैं गुणगान करूँगा (x2).
मन मंदिर में ज्ञान का दीप जलाना माँ,
अंधकार को दूर भगाना माँ (x2).
(महिला कोरस – भावुक स्वर)
करुणा की वर्षा भक्तों पे कर दो माँ,
जनम हमारा सफल कर दो ना माँ (x2).
जय जय माँ शारदे, विद्या की शक्ति से
हम बच्चों को तार दो माँ (x2).
(क्लाइमेक्स – पुरुष + महिला साथ में)
जय जय माँ शारदे, जय जय माँ शारदे (x7).
(संस्कृत श्लोक – पुरुष स्वर, महिला कोरस पृष्ठभूमि में)
Saraswati namasthubhyam, varade kāmarūpiṇi;
vidhyārambham kariṣyāmi, siddhir bhavatume sadā (x2).
(महिला कोरस – मंत्रोच्चार)
ॐ ऐं सरस्वत्यै नमः (x7).
(अंतिम समापन – सभी स्वर)
जय जय माँ शारदे…
ज्ञान की देवी माँ शारदे…
जय जय माँ शारदे…