भजन करने बैठते है, तो ऐसी बातें याद आती है कि आनंद चला जाता है? (श्रद्धेय स्वामीजी श्रीरामसुखदासजी महाराज के साथ भक्ति-प्रेम, लगन, व्याकुलता संबंधी प्रश्नोत्तर)
हमारे हृदय में भगवान विराजमान है, फिर हृदय में बुरी बातें कैसे आती है? (श्रद्धेय स्वामीजी श्रीरामसुखदासजी महाराज के साथ भक्ति-प्रेम, लगन, व्याकुलता संबंधी प्रश्नोत्तर)
आपने बताया साधन में संतोष नहीं करना है, पर शरणागत भक्त तो भगवान के दर्शन भी नहीं चाहता? (श्रद्धेय स्वामीजी श्रीरामसुखदासजी महाराज के साथ भक्ति-प्रेम, लगन, व्याकुलता संबंधी प्रश्नोत्तर)
ग्यारह करोड़ भगवन्नाम लेने से क्या भगवान में प्रेम हो जायेगा? (श्रद्धेय स्वामीजी श्रीरामसुखदासजी महाराज के साथ भक्ति-प्रेम, लगन, व्याकुलता संबंधी प्रश्नोत्तर)
भगवान कण कण में है, व आप कहते है सबको यहाँ से जाना पड़ेगा, तो कहाँ जाना पड़ेगा? (श्रद्धेय स्वामीजी श्रीरामसुखदासजी महाराज के साथ भक्ति-प्रेम, लगन, व्याकुलता संबंधी प्रश्नोत्तर)
वासुदेव सर्वम आत्मसात् होने पर शरीर में नई अनुभूति क्या होती है? (श्रद्धेय स्वामीजी श्रीरामसुखदासजी महाराज के साथ भक्ति-प्रेम, लगन, व्याकुलता संबंधी प्रश्नोत्तर)
रात को स्वप्न में भगवान के दर्शन, क्या भगवतप्राप्ति मान लूँ? (श्रद्धेय स्वामीजी श्रीरामसुखदासजी महाराज के साथ भक्ति-प्रेम, लगन, व्याकुलता संबंधी प्रश्नोत्तर)