अनुच्छेद १६ अवसर की समानता के बारे में हैं।
१६ - १ के अनुसार सज्या के अधीन नौकरियों में सब को समान अवसर मिलता है
१६-२ धर्म, जाति , लिंग, मूल वंश, स्थान, निवास के आधार पर अपात्र नहीं होगा
१६-३ केवल संसद के द्वारा क़ानून बना कर निवास की योग्यता को मान्यता देता है। जैसे मध्यप्रदेश का मूलनिवासी होना आवश्यक है। ये योग्यता राज्य स्वयं नहीं बना सकते।
१६-४ पिछड़े वर्ग के लिए आरक्षण लागू करता है। ये युक्तियुक्त होना चाहिए और मनमाना नहीं होना चाहिए। अधिकतम ५०% हो सकता है
१६-५ धार्मिक संस्थाओं में धर्म के आधार पर योग्यता तय की जा सकती है
१६-६ सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए १०% अतिरिक्त आरक्षण