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NEET PG काउंसलिंग में देरी का विरोध कर रहे हैं रेजिडेंट डॉक्टरों ने सोमवार, 27 दिसंबर को सुप्रीम कोर्ट तक मार्च करने की कोशिश की। जिसके चलते रेजिडेंट डॉक्टरों के कुछ नेताओं को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया है। फेडरेशन ऑफ रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन (FORDA) इंडिया ने रेजिडेंट डॉक्टरों की मांग पूरी नहीं होने पर सामूहिक इस्तीफे की धमकी दी है।
NEET PG काउंसलिंग में देरी को लेकर मुख्य रूप से राजधानी दिल्ली के डॉक्टर हफ्तों से विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। National Eligibility cum Entrance Test (Postgraduate) में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए आरक्षण पर सुप्रीम कोर्ट में विवाद चल रहा है। जिसके चलते NEET PG काउंसलिंग अनिश्चित काल के लिए रोक दी गई है।
बात मुलाकात के इस एपिसोड में रिपोर्टर सूर्यतापा मुखर्जी ने दिल्ली के आरडीए सफदरजंग अस्पताल के महासचिव और फोर्डा इंडिया के सचिव डॉ अनुज अग्रवाल से बात की। डॉ अनुज बताते हैं कि कैसे कोरोना के बढ़ते मामले और NEET PG काउंसलिंग में देरी डॉक्टरों को प्रभावित कर रही है।
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पहले एपिसोड में हमने किसान आंदोलन के अब तक के सफर को समझने के लिए बात की थी स्वतंत्र पत्रकार मंदीप पुनिया से। उसी सिलसिले को आगे बढ़ाते हुए हम, इस एपिसोड में हम बात करेंगे संयुक्त किसान मोर्चा के नेता कॉमरेड हन्नन मुल्ला और वरिष्ठ पत्रकार भाषा सिंह से। और उनसे इस किसान आंदोलन के राजनैतिक और सामाजिक महत्व के बारे में जानने की कोशिश करेंगे।
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19 नवंबर, 2021 गुरुनानक जी के जन्मदिन और प्रकाश पर्व पर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में तीनों कृषि क़ानूनों को रद्द करने की घोषणा की जिसकी सांवैधानिक कार्यवाही आगामी संसद सत्र में की जाएगी।
फिलहाल इस घोषणा को किसान आंदोलन की एक बड़ी जीत के तौर पर देखा जा सकता है लेकिन 26 नवंबर को दिल्ली की सीमाओं पर एक साल पूरे करने जा रहे किसान आंदोलन की एक ऐतिहासिक यात्रा रही है। जिसे हमें याद रखना चाहिए।
किसान आंदोलन के एक साल पूरे होने के अवसर पर हम आपके लिए लेकर आए हैं बात मुलाक़ात के दो एपिसोड्स की एक श्रंखला। इन दो भागों में हम किसान आंदोलन की मुख्य घटनाओं और तारीखों के साथ साथ इस आंदोलन की आंतरिक पहलुओं और इसके व्यापक राजनैतिक प्रभाव पर बात करेंगे।
इस पहले एपिसोड में सामाजिक कार्यकर्ता और पत्रकार सत्यम श्रीवास्तव बात कर रहे हैं स्वतंत्र पत्रकार मंदीप पुनिया से जो शुरुआत से ही इस आंदोलन को कवर कर रहे हैं।
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PLOS One में हाल के एक अध्ययन में कहा गया है कि भारतीय वयस्कों की औसत ऊंचाई में गिरावट आ रही है।
बात-मुलाक़ात की इस कड़ी में, Suno India की मेनका राव ने इस पेपर के मुख्य लेखक कृष्ण कुमार चौधरी से बात की। कृष्ण कुमार ने हमे बताया कि कैसे दशकों से समुदाय में अच्छे स्वास्थ्य, पोषण, स्वच्छता और साफ़ सफाई के संकेतक के रूप में ऊंचाई का उपयोग किया जाता रहा है, और औसत भारतीय ऊंचाई में गिरावट चिंता का कारण क्यों है|
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Road scholars ने August 2021 में देश के 15 राज्यों के 1362 परिवारों के सर्वे में पाया की सिर्फ 8% ग्रामीण छात्र और 19% शहरी छात्रों ने नियमित तौर से online classes अटेंड करी हैं।
बात मुलाकात की इस मिनी सीरीज के दूसरे एपिसोड में हमने Road Scholars के इस सर्वे के बारे उनकी शोधकर्ता रीतिका खेरा से बात की।
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कोरोना महामारी के कारण जहां एक तरफ हमारे देश में स्कूल्ज और कॉलेज पिछले एक साल से जायदा समय तक बंद रहे हैं, वही दूसरी और मोबाइल, लैपटॉप के साथ इंटरनेट कनेक्टिविटी का ना होना, ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों के लिए एक दोहरी मार की तरह था।
बात मुलाकात की इस मिनी सीरीज के पहले एपिसोड में हमने ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों और उनके परिजनों से कोरोना महामारी के दौरान उनकी पढाई को जारी रखने में हुई परेशनियों को बारीकी से समझने की कोशिश की।
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दिसंबर 2020 में, भारत में कोविड -19 वायरस के एक अत्यधिक संक्रामक रूप की पहचान की गई थी। जिसे वैज्ञानिक ने Delta Variant का नाम दिया। भारत सरकार ने कोरोना महामारी की दूसरी लहर के लिए कोरोना वायरस के delta वैरिएंट को जिम्मेदार ठहराया है।
हाल ही में, भारत सरकार ने Delta Variant में mutation की भी पहचान की है जिसका नाम उन्होंने डेल्टा प्लस रखा हे।
अभी हाल ही में, दक्षिण अफ्रीका के वैज्ञानिकों ने एक और नए कोरोनवायरस के Variant का पता लगाया है। इस म्युटेशन को अभी C.1.2 का नाम दिया गया हे और इसका अध्ययन अभी किया जा रहा है।
कोरोनवायरस के इन् Variants और mutations के बारे में अधिक जानने के लिए, सुनो इंडिया के सह-संस्थापक तरुण निर्वाण ने डॉ वसुंधरा रंगास्वामी जी से बात की। डॉ वसुंधरा पेशे से एक Microbiologist, और primary care physician हैं।
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बात – मुलाकात के इस एपिसोड में पिछले महीने चर्चा में रहे बकस्वाहा के जंगल और हीरा खनन के मुद्दे को समझने की कोशिश की गयी है।
बकस्वाहा, मध्य प्रदेश में छतरपुर जिले की एक तहसील है। यहाँ हीरा का एक भण्डार मिला है। अनुमान है कि यहाँ 3.4 करोड़ कैरेट के हीरे हैं। लेकिन इस हीरे को पाने के लिए कम से कम 2.15 लाख छोटे-बड़े पेड़ काटे जाने की ज़रूरत होगी।
हीरे के इस भण्डार को बंदर डायमंड ब्लॉक कहा जाता है। 2019 में हुई एक नीलामी के तहत यह डायमंड ब्लॉक बिरला समूह की एक कंपनी एसेल माइनिंग एंड इंडस्ट्रीज लिमिटेड को खनन लीज़ पर मिला है। इससे पहले यहाँ रियो टिंटों जैसी बहुराष्ट्रीय कंपनी हीरे की खोज कर रही थी।
पेड़ों की कटाई से संबंधित खबरों ने प्रमुखता से मध्य प्रदेश के अखबारों में जगह पाई। कोरोना की दूसरी लहर के दौरान लोगों को ऑक्सीज़न के लिए परेशान होते देखा गया। इन खबरों ने बकस्वाहा और उसके आस-पास के युवाओं को परेशान किया। उन्हें ऐसा लगा कि ऑक्सीज़न के प्राकृतिक स्रोतों यानी पेड़ों की रक्षा की जाना चाहिए। इसी सोच से सेव बकस्वाहा फॉरेस्ट नाम के यह अभियान अचानक सुर्खियों में आ गया।
इस एपिसोड में हमने उन युवाओं से बात की जो इस अभियान में शुरुआत से जुड़े हैं। संकल्प जैन और निदा रहमान से बात चीत करके हम इस अभियान के कुछ पहलुओं को जानने की कोशिश की।
स्थानीय लोगों और स्थानीय पत्रकार से भी बात चीत की ताकि इस अभियान को लेकर जमीनीन स्थिति का जायजा लिया जा सके। शिवेन्दा शुक्ला, जगदीश यादव ने हमें इस बारे में बताया।
लेकिन इस अभियान के अलावा इस परियोजना और नीलामी पर भी कई सवाल हैं। ये सवाल कानूनी हैं। जिस जंगल को नीलाम किया गया है उसकी कानूनी स्थिति क्या है? इसके बारे में हमने एडवोकेट अनिल गर्ग से बात की और इससे जुड़े कई पहलुओं को समझा।
बकस्वाहा का मामला राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण यानी एनजीटी में भी उठाया गया है। इस संबंध में हमने एक याचिकाकर्त्ता पुष्पराग से भी बात की।
इस परियोजना के कई अन्य पहलुओं और इसके खिलाफ चल रहे अभियान को मुकम्मल तौर पर समझने के लिए छतरपुर वन मण्डल के वन अधिकारियों से भी बात की लेकिन उन्होंने अपना आधिकारिक पक्ष रखने से इंकार कर दिया।
इस शो का संचालन, सत्यम श्रीवास्तव ने किया जो पंद्रह सालों से सामाजिक आंदोलनों से जुड़े हैं और सामयिक विषयों पर लिखते हैं।
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United Nations Population Foundation के द्वारा जमा किये गए आकंड़ों के अनुसार 2020 में 120 लाख महिलाओं को गर्भ निरोधक प्राप्त नहीं हुए हैं और उसके कारण 14 लाख अनियोजित गर्भ धारणाऐं देखी गई हैं। Linkedin द्वारा किये गई के Opportunity Index Survey अनुसार 89% महिलाओं को रोज़गार ढूढ़ने में कठिनाई हुई हैं।
इस एपिसोड में हमने महिलाओं की स्तिथि पर कोरोना महामारी के दुष्प्रभाव समझने के लिए हमने संघमित्रा सिंह से बात की। संघमित्रा जी एक स्वास्थ्य वैज्ञानिक हैं और पापुलेशन फाउंडेशन ऑफ़ इंडिया के लिए काम करती है।
इस एपिसोड में हम महिलों के आर्थिक, मानसिक और सामाजिक स्वास्थ्य पे भी चर्चा करेंगे।
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जहाँ एक और कोरोना की दूसरी लहर में हमारे देश में मौत का कुल आकंड़ा 3.5 लाख से ऊपर पंहुचा दिया हे वही दूसरी और देश में कोरोना की रोकथाम के लिए चल रहे टिकाकरन अभियान को भी बहुत सारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा हे। इन् मुश्किलों में एक प्रमुख टीकाकरन के इर्दगिर्द फैली गलतफमियों और लोगों के मन टिका लगवाने को लेके झिझक हे।
The Suno India Show के इस एपिसोड में आप जन स्वस्थ्य अभियान की संयोजिका सुलक्षणा नंदी और उनकी सहकर्मी दीपिका जोशी को डॉ टी सुंदररमन से कोरोना टिकाकरन से जुड़े कई मुद्दों जैसे की टिका क्यों लगवाना जरुरी हे, उसके प्रभाव और दुष्प्रभाव क्या हैं और टीकाकरन के इर्दगिर्द फैली गलत फमियों पर बात करते सुनेंगे।
Dr T Sundararaman, जन स्वाथ्य अभियान के वैश्विक समन्वयक हैं । ये एपिसोड जन स्वाथ्य अभियान, All India People’s Science Network और भारत ज्ञान विज्ञानं समिट द्वारा आयोजित Facebook Live का एक भाग हे जिसे इस पॉडकास्ट एपिसोड के रूप में आप सुन रहे हैं |
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जैसा की नाम से जाहिर हे, इस पॉडकास्ट सीरीज में होंगी बातें और मुलाकातें। बातें उन मुद्दों पे जो ज़रूरी हैं लेकिन जिस पर अक्सर बातें नहीं होती या होती हैं तो न के बराबर। बातें उन मुद्दों और विषयों पर भी जिनके बारें में आप जानना चाहते हैं, लेकिन आपको पता नहीं किससे पूछे और किससे बात करें।
सुनो इंडिया के इस सीरीज़ "बात-मुलाक़ात" में हम आपकी करवाएंगे मुलाकात ऐसे एक्सपर्ट्स और जानकारों से जो दे सकें आपके सवालों का जवाब और जिनके साथ हो सके ज्वलंत और ज़रूरी मुद्दों पर बातचीत।
(As the name suggests, this podcast series will feature conversations and meetings. Conversations on issues which are important but not discussed often. Conversations on topics that you want to know more about, but are not sure about whom/where to ask.
Do tune in to Baat MulaKaat, where you will get to meet and hear experts who can answer these questions and clarify your doubts.)

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