Baglamukhi Mantra Sadhna बगलामुखी मन्त्र साधना ★
बगलामुखी मन्त्र साधना रात्रि के 10 बजे से प्रात: 4 बजे के बीच करनी चाहिए। मां बगलामुखी की साधना~
चौकी पर पीले रंग का साफ-स्वच्छ कपड़ा बिछाएं। उस पर मां बगलामुखी के चित्र या प्रतिमा को स्थापित करें। उनके सामने देसी घी का दीपक लगाएं। दीपक की बाती को हल्दी या पीले रंग में लपेट कर सुखाई होनी चाहिए। फिर पीले फूल और पीला नैवेद्य चढ़ाएं। ★
विनियोग
ऊँ अस्य श्री बगलामुखी मंत्रस्य नारद ऋषिः त्रिष्टुप छंदः श्री बगलामुखी देवता ह्लीं बीजं स्वाहा शक्तिः प्रणवः कीलकं ममाभीष्ट सिद्धयार्थे जपे विनियोगः।
आवाहन
ॐ ऐं ह्रीं श्रीं बगलामुखी सर्वदृष्टानां मुखं स्तम्भिनि सकल मनोहारिणी अम्बिके इहागच्छ सन्निधि कुरू सर्वार्थ साधय साधय स्वाहा।
ध्यान
सौवर्णामनसंस्थितां त्रिनयनां पीतांशुकोल्लसिनीम्
हेमावांगरूचि शशांक मुकुटां सच्चम्पकस्रग्युताम्
हस्तैर्मुद़गर पाशवज्ररसना सम्बि भ्रति भूषणै
व्याप्तांगी बगलामुखी त्रिजगतां सस्तम्भिनौ चिन्तयेत्।
ॐ ह्लीं ॐ, ॐ ह्लीं ॐ, ॐ ह्लीं ॐ
फिर हल्दी की जपमाला से इस मन्त्र का जाप करें
★" ऊँ ह्रीं बगलामुखी सर्वदुष्टानां वाचं मुखं पदं स्तंभय, जिह्वां कीलय, बुद्धि विनाशय, ह्लीं ॐ स्वाहा "