Bhumi Vandana भूमि वन्दना ◆
प्रतिदिन प्रातः जागते ही भूमि पर पैर रखने से पहले भूमि देवी से क्षमा याचना करनी चाहिए। ★
समुद्र-वसने देवि, पर्वत-स्तन-मंडिते ।
विष्णु-पत्नि नमस्तुभ्यं, पाद-स्पर्शं क्षमस्व मे ॥
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अर्थात् समुद्र रुपी वस्त्र धारण करने वाली पर्वत रुपी स्तनों से मंडित भगवान विष्णु की पत्नी हे माता पृथ्वी! मुझे आपको अपने पाद से स्पर्श करना पड़ रहा है । इस पाद स्पर्श के लिए आप मुझे क्षमा करें।