'गर्भपात से मातृत्व तक, एक सफल यात्रा' भाग ८ अस्पष्टीकृत गर्भपात या अनेक्सप्लेइंड मिसकॅरेज का उपचार: लिम्फोसाइट इम्यूनाइजेशन थेरेपी - एल. आइ. टी.।'. अस्पष्टीकृत गर्भपात में एक प्रतिरक्षाविज्ञानी यानी इम्यूनोलॉजिकल कारण है और हम इसका निदान और उपचार कर सकते हैं। इस उपचार के लिए इम्यूनोथेरेपी का उपयोग किया जाता है और एल. आइ. टी. उनमें से एक है। हम किसी भी युगल के उपचारमें एल. आइ. टी. का उपयोग करके गर्भपात से बचा सकते हैं, जिनका ठीक से निदान और चयन किया गया है। और गर्भावस्था में भी इससे फायदा होता है। एल. आइ. टी. उपचार की क्रिया में, पति के रक्त से लिम्फोसाइटस का उपयोग किया जाता है। इन कोशिकाओं को एक विशेष प्रक्रिया द्वारा पति के रक्त से अलग किया जाता है। और इन कोशिकाओं को पत्नी की त्वचा में इंजेक्शन से दिया जाता है जिसे ‘इंट्राडर्मल इंजेक्शन’ कहा जाता है। पत्नी के शरीर में, ये कोशिकाएं एक विशेष प्रकार की प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया यानी ‘इम्यून रिस्पॉन्स’ उत्पन्न करती हैं। इनमें सुरक्षात्मक एंटीबॉडीझ, जिन्हें ब्लॉकिंग एंटीबॉडीझ कहते है और 'टी-रेग' नामक सुरक्षात्मक कोशिकाएं तय्यार होती है| इनसे भ्रूण की रक्षा होती है। एल. आइ. टी. उपचार के लिए उस ही युगल का चयन किया जाना चाहिए कि जो इस उपचार का फ़ायदा होनेवाला हो| इसके लिए कुछ परीक्षण करने जरूरी होते हैं। कुछ विशेष परीक्षण करके, आप यह निर्धारित कर सकते हैं कि एल. आइ. टी. उपचार से किन युगल को अधिक लाभ होने की संभावना है। साथ ही इस एल. आइ. टी. से पहले, पति-पत्नी, दोनोंके जंतू संक्रमण की जांच करना जरूरी है जिसे ‘ईंफेक्शन प्रोफाइल’ कहते हैं और ब्लड ग्रुप का परीक्षण भी आवश्यक है।
हम अपने विशेष सुश्रुषा केंद्र, 'डॉक्टर राउत'स सेंटर फॉर रिप्रोडक्टिव इम्यूनोलॉजी' में एल. आइ. टी. का इलाज करते हैं।