* जीवात्मा के विकास में अनेक stages है
* धीरे धीरे ये प्रकट होगा कि यहां कुछ भी गलत नहीं हो रहा है
* यहां केवल भगवान ही है इस पर आना है
* न्यूज में तो अधिकतर नेगेटिव बाते होती हैं
* हर किसी के साथ जो हो रहा है - वह सब प्रारब्ध से है
* कैसा भी प्रारब्ध आ जाए, आत्मज्ञान के घटने की संभावना हर समय है
* हर समय सब प्रकार के लोग होते है
* अपने हिस्से में जो कर्तव्य आया है इसको करते रहो, प्रभु का संसार है, बाकी सब वो देख लेंगे
* बाधाओं को भी साधन बना लो - तब विकास होता है
* प्रार्थना करते रहो - प्रभु इस बार तो पूर्ण कृपा कर दो
* सब काम बन जाएगा - जब जन्म ही इस बात के लिए मिला है