एक बच्चे का अपनी मां से इतना गहरा लगाव होता है कि उसके मन में सबसे गहरा प्रेम व श्रद्धा अपनी माँ के प्रति ही होती है। उसकी नजरें हमेशा माँ को ही ढूंढती हैं, उसके मन में एक डर होता है कि कहीं वो मां से दूर न हो जाए। माँ में ही उसके प्राण बसते हैं। कहते हैं कि जिस शिष्य को अपने गुरु के प्रति इतना लगाव, आदर, प्रेम और श्रद्धा हो जितना एक बच्चे का अपनी मां के प्रति उतना ही उसके जीवन में चमत्कार घटता है। अद्भुत है गुरु और शिष्य का ऐसा जुड़ाव।