Iti Itihaas

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By Aaj Tak RadioHistory
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Iti Itihaas episodes

  • पहले iPhone के चक्कर में टूट गई शादियां, जानिए इसकी कहानी: इति इतिहास, Ep 49
    दुनिया में आईफोन (Apple iPhone) का इतना क्रेज़ है कि हर साल इसके नए वर्जन खरीदने को लोग लालयित रहते हैं. अभी हाल फ़िलहाल में iphone15 लॉन्च हुआ है. लेकिन क्या आप पहले आईफोन की कहानी (Story of first iphone) जानते हैं? इसकी लॉन्चिंग से पहले एपल (Apple) के इंजीनियर्स दफ़्तर से अचानक ग़ायब क्यों होने लगे थे? इसे बनाने के चक्कर में कई लोगों की शादियां क्यों टूट गईं, सुनिए 'इति इतिहास' के इस एपिसोड में नितिन ठाकुर से.

    प्रड्यूसर: कुमार केशव
    साउंड मिक्सिंग: कपिलदेव सिंह
    2 min
  • Venus De Milo के ग़ायब हाथों को लेकर जितने मुंह उतनी बातें: इति इतिहास, Ep 48
    प्राचीन यूनानी मूर्तिकला (Ancient Greek sculpture) का नायाब नमूना पेश करती वीनस डी माइलो (Venus De Milo) मूर्ति की कहानी क्या है? ये मूर्ति कितनी पुरानी है, कहां और किस हालत में बरामद हुई? ख़ुद में लंबा इतिहास समेटे इस मूर्ति के हाथ ग़ायब कैसे हुए, जानकारों का इस बारे में क्या कहना है, इसको लेकर अलग अलग थ्योरी क्या बताती है और अभी ये कहां रखी हुई है, जानिए 'इति इतिहास' के इस एपिसोड में नितिन ठाकुर से.

    प्रड्यूसर: कुमार केशव
    साउंड मिक्स - सचिन द्विवेदी
    3 min
  • माचिस से पहले आया लाइटर मशहूर क्यों नहीं हुआ?: इति इतिहास, Ep 47
    हवा और पानी की तरह आग भी इंसानी वजूद के लिए उतनी ही ज़रूरी है. लाखों साल पहले पत्थरों को रगड़कर हमने आग जलाना सीखा. फिर आई माचिस और इसके ज़रिये इंसान आग को अपनी मुट्ठी में कर सका. लेकिन क्या आपको पता है, माचिस से पहले लाइटर का ईजाद हो गया था? फिर भी ये उस वक़्त पॉपुलर क्यों नहीं हुआ, माचिस और लाइटर की कहानी और वक़्त के साथ इनमें कितना बदलाव आया, सुनिए 'इति इतिहास' के इस एपिसोड में नितिन ठाकुर से.

    प्रड्यूसर: कुमार केशव
    साउंड मिक्सिंग: कपिल देव सिंह
    2 min
  • 150 साल पहले इतनी कारें नहीं थी फिर ट्रैफिक लाइट की ज़रूरत क्यों पड़ी: इति इतिहास, Ep 46
    कुछ चीज़ें ऐसी हैं जिनके ईजाद से पूरी मानव जाति का भला ही भला हुआ. ऐसी ही एक चीज़ है ट्रैफिक लाइट. लेकिन क्या आप जानते हैं कि लाल, हरी और पीली बत्तियों वाली ये ट्रैफिक सिग्नल का इतिहास 150 साल से भी पुराना है? इसे बनाने वाले कौन थे और वक़्त के साथ इसमें क्या बदलाव आए, जानिए 'इति इतिहास' के इस एपिसोड में नितिन ठाकुर से.

    प्रड्यूसर: कुमार केशव
    साउंड मिक्सिंग: सचिन द्विवेदी
    3 min
  • अंग्रेज़ों के दांत खट्टे करने वाले तुर्रम खां की कहानी क्या है: इति इतिहास, Ep 45
    कुछ नाम अपने काम की वजह से उपाधि बन जाते हैं. विशेषणों के तौर पर बोलचाल में उनका इस्तेमाल होता है. एक ऐसा ही नाम तुर्रम खां का है. आपने भी सुना ही होगा और बोलचाल में इसका इस्तेमाल किया होगा. लेकिन क्या आप जानते हैं कि ये तुर्रम खां असल में कौन थे? उनकी कहानी क्या है, आज़ादी के आंदोलन से कैसे जुड़े हैं और उनकी वीरता की मिसाल क्यों दी जाती है, सुनिए 'इति इतिहास' के इस एपिसोड में नितिन ठाकुर से.

    प्रड्यूसर: कुमार केशव
    साउंड मिक्सिंग: नितिन रावत
    3 min
  • चांद की सैर कर आए इंसानों के लिए क्यों बनाना पड़ा माइक्रोवेव अवन: इति इतिहास, Ep 44
    नासा का अपोलो 11 मिशन (NASA Apollo 11 mission) कई मामलों में क़ामयाब रहा. इसने इंसान के लिए न सिर्फ चांद से जुड़ी जानकारियों का पिटारा खोला, बल्कि दूसरे आविष्कारों की राह दुरुस्त की. ऐसा ही एक आविष्कार है खाना गर्म करने वाला माइक्रोवेव अवन, जो आज आपके और हमारे घर में है. इसका नील आर्मस्ट्रांग और बज़ एल्ड्रिन के मिशन मून से क्या कनेक्शन है? पहली बार इसकी ज़रूरत कब पड़ी? किस कंपनी ने इसे बनाया था और बनाते हुए क्या दिक्क़तें आई थीं, सुनिए 'इति इतिहास' के इस एपिसोड में नितिन ठाकुर से.

    प्रड्यूसर: कुमार केशव
    2 min
  • चांद पर पहली बार उतरे इंसान वहां 100 से ज्यादा सामान क्यों छोड़ आए: इति इतिहास, Ep 43
    1969 में नील आर्मस्ट्रांग (Neil Armstrong) और बज़ एल्ड्रिन (Buzz Aldrin) चांद की सतह पर पांव रखने वाले पहले इंसान थे. नील आर्मस्ट्रॉन्ग ने इसे इंसान के लिए एक छोटा क़दम लेकिन मानव जाति के लिए बड़ी छलांग बताया था. नासा के अपोलो-11 मिशन (NASA Apollo 11 mission) को सफ़ल बनाकर वो चांद से सही सलामत वापस लौटे. लेकिन लौटने से पहले अपने साथ ले गए 100 से ज़्यादा सामान वहीं छोड़कर. कुछ जानबूझकर और कुछ मजबूरी में. इनमें किस तरह के सामान थे जिसे ये अंतरिक्षयात्री वहीं छोड़ आए और इसके पीछे वजह क्या थी, सुनिए 'इति इतिहास' के इस एपिसोड में नितिन ठाकुर से.

    प्रड्यूसर: कुमार केशव
    साउंड मिक्सिंग: नितिन रावत
    4 min
  • फ़ौजी जो घास, मोमबत्ती और चूहे-बिल्लियां खाता था: इति इतिहास, Ep 42
    18वीं सदी में एक ऐसा फ़ौजी हुआ जिसकी ख़ुराक के बारे में जानकर आपका दिमाग़ भन्ना जाएगा. खाने से पेट नहीं भरने पर वो घास, चूहे-बिल्लियां, मोमबत्तियां और पता नहीं क्या क्या खा जाता था. कच्चे मांस से लेकर सांड का लिवर उसके फ़ेवरेट आहार थे. पोलैंड में पैदा हुए इस फौज़ी चार्ल्स डोमरी (Charles Domery) की कहानी क्या है, उसे जेल क्यों हुई और उस पर हुई स्टडी का क्या हुआ, सुनिए 'इति इतिहास' के इस एपिसोड में नितिन ठाकुर से.

    प्रोड्यूसर - कुमार केशव
    3 min
  • जापानी शख्स जिसने दो-दो परमाणु हमले झेले मगर ज़िंदा रहा: इति इतिहास, Ep 41
    जापान के दो शहर - हिरोशिमा और नागासाकी. दूसरे वर्ल्ड वॉर के दौरान दो अलग अलग तारीखों पर दो अलग अलग एटम बमों के गिरने से बुरी तरह तबाह हो गए. लाखों लोग इसकी चपेट में आए और एक झटके में ही अपनी जान गंवा बैठे. पूरी दुनिया ने ये विनाशलीला देखी. लेकिन एक शख़्स जो काफ़ी क़रीब से इस भयानक मंज़र का गवाह बना, उसका नाम था सुतोमू यामागुची (Tsutomu Yamaguchi). सुतोमू दोनों ही परमाणु हमलों की चपेट में आए, मगर मौत के मुंह में समाने से बाल बाल बच गए. 'इति इतिहास' के इस एपिसोड में इस सर्वाइवर की दिलचस्प कहानी, सुनिए नितिन ठाकुर से.

    प्रड्यूसर- कुमार केशव
    साउंड मिक्सिंग- कपिल देव सिंह
    3 min
  • अमेरिकी राष्ट्रपति जिसने सुरक्षा के बावजूद अपने साथ पिस्टल रखना नहीं छोड़ा: इति इतिहास,Ep 40
    एक अमेरिकी लेखक हैं ब्रैड मेल्टजर. उन्होंने अपनी किताब प्रेसिडेंट्स शैडो में लिखा है कि रिपब्लिकन पार्टी के राष्ट्रपति रीगन .38 पिस्टल हमेशा ब्रीफकेस में रखते थे.रीगन कहते थे कि ऐसा नहीं है कि मुझे अपने सिक्योरिटी अफसरों पर भरोसा नहीं है लेकिन इमरजेंसी की सूरत में मैं खुद तैयार रहना चाहता हूँ. कहा जाता है कि रीगन पर एक हमले के बाद उन्होंने पिस्टल रखना शुरू कर दिया. ब्रैड ने अपने किताब में ये भी लिखा है कि कई कॉन्फ्रेंस में प्रेसिडेंट की पिस्टल से लोग अनकम्फर्टेबल भी हुए लेकिन फिर वो राष्ट्रपति थे उन्हें कौन कहता कि भाई साहब पिस्टल दूर रख दो.सुनिए पूरी कहानी इस एपिसोड में.
    2 min

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