Iti Itihaas

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By Aaj Tak RadioHistory
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Iti Itihaas episodes

  • आइसक्रीम विद स्टिक का कंसेप्ट कैसे आया?: इति इतिहास, Ep 39
    डंडी वाली आइसक्रीम कितनी बड़ी सुविधा है आइसक्रीम खाने वाली जमात के लिए. लेकिन आपको ये जानकर हैरानी होगी कि इसका अविष्कार होना महज एक एक्सीडेंट था. आइसक्रीम विद स्टिक का कंसेप्ट कैसे आया? आइसक्रीम में कब लगी डंडी? सुनिए 'इति इतिहास' में नितिन ठाकुर से.

    प्रड्यूसर - रोहित अनिल त्रिपाठी
    साउंड मिक्सिंग - नितिन रावत
    2 min
  • एक युद्ध जिसमें अंग्रेज़ मुग़लों के सामने घुटनों पर थे: इति इतिहास,Ep 38
    सत्रहवीं सदी की शुरूआत थी। शाहजहाँ की मौत के बाद छोटे छोटे राजाओं का उदय हुआ.यूरोपीय कम्पनीज भी भारत में फैल रही थीं और अंग्रेज़ों का प्रभाव भी। ब्रिटिश व्यापार की इजाज़त के लिए औरंगजेब के दरबार में गए, इजाजत भी मिली मगर अंग्रेज चाहते थे कि उनसे टैक्स ना लिया जाए। औरंगजेब ने इसे अंग्रेजों की अकड़ माना। डील नहीं हुई. हुक्म हुआ कि किसी भी भारतीय पोर्ट पर अंग्रेज नजर ना आएं. स्थिति बिगड़ने लगी. अब अंग्रेज भी बदला लेने पर उतरे. जब मुग़लों का कोई जहाज उनके इलाके में होता तो वो उसे लूट लेते. मक्का जाने वाले जहाज भी रोक दिए जाते. हालात बिगड़े जब मुगलों का जहाज़ जंग ए सवाई एक अंग्रेज़ डाकू ने लूट लिया। बस औरंगज़ेब को मौका मिला और उसने हुक्म दिया कि जो भी अंग्रेज हिंदुस्तान में हैं,कैद कर लिए जाएं. सुनिए पूरी कहानी इस एपिसोड में.
    2 min
  • ऐसी मशीन जिसने मौत की सज़ा का दर्द कम कर दिया: इति इतिहास, Ep 37
    पैसे से ज़िंदगी बेहतर बनाई जा सकती है..और कई बार मौत भी. एक वक्त फ्रांस में मौत की सज़ा पाने वाले लोग पैसे देकर अपनी सज़ा आसान करा लेते थे.. लेकिन फिर गिलोटिन का ज़माना आया. आज के 'इति इतिहास' में नितिन ठाकुर से सुनिए ऐसी मशीन की कहानी जिसने मौत की सज़ा का दर्द कम कर दिया.
    2 min
  • ओल्ड मोंक पीते हैं तो इसके भारत में आने की कहानी भी जानिए: इति इतिहास, Ep 36
    सर्दियों में रम पीनेवाले ओल्म मोंक कितना प्रिफर करते हैं ये तो बताने की ज़रूरत नहीं.. मगर एक बात बताने की ज़रूरत है.. वो है ओल्ड मोंक का जलियांवाला बाग कांड के जिम्मेदार जनरल डायर से इसका कनेक्शन.अगर आपने भारतीय इतिहास की किताब छुई भी होगी तो आपको जनरल डायर का नाम पता होगा. जलियाँवाला बाग कांड जिसमें हजारों भारतीयों ने जान गंवा दी,उसका खलनायक. लेकिन ये कहानी जुड़ी हुई है उसके पिता से. सुनिए पूरी कहानी 'इति इतिहास' में.
    2 min
  • मंगल पांडे को मिली फांसी, इस भारतीय सैनिक को मिला प्रमोशन: इति इतिहास, Ep 35
    ये साल था 1849. देश में अंग्रेजी शासन था. कलकत्ता से लगभग 16 किलोमीटर दूर एक अंग्रेजी सेना की छावनी हुआ करती थी. पूरब के ज्यादातर भारतीय सैनिक यहीं तैनात थे. इन्हीं दिनों एक 22 साल के लड़के ने अंग्रेजी सेना जॉइन की. नाम था मंगल पाण्डेय. उन दिनों कोई नहीं जानता कि कुछ साल बाद ही ये लड़का देश की आजादी के लिए बग़ावत का पहला बिगुल फूँकेगा. इन दिनों तक ये बात अफवाह की शक्ल में उड़ने लगी थी कि अंग्रेजी सेना में जो कारतूस इस्तेमाल किये जाते हैं उनमें गाय का मांस इस्तेमाल होता है. ये बात धार्मिक मंगल पाण्डेय को बेचैन करने के लिए काफी थी. इतनी कि वो ज्यादा दिन इंतज़ार तक नहीं कर सके. सुनिए पूरी कहानी इस एपिसोड में नितिन ठाकुर से.
    3 min
  • जब एक दर्जी पैराशूट चेक करने को एफ़िल टॉवर से कूद गया था: इति इतिहास, Ep 34
    उसने एक पैराशूट बनाया था. घर पर. सीमित संसाधनों में. इस पैराशूट पर उसे बहुत भरोसा था. इतना कि इसे टेस्ट करने के लिए वो एफील टॉवर पर चढ़ कर कूद गया. फिर क्या हुआ?ये 1900 के आसपास की बात है.फ्रांज राइकेल्ट नाम का एक दर्जी था. था तो ऑस्ट्रीया का लेकिन फ्रांस में रहता था. उसे प्लेन्स बहुत पसंद थे. इतने कि कपड़ों के साथ साथ वो पैराशूट भी सिला करता था. तब तक पैराशूट मॉर्डन तकनीकों से लैस नहीं थे. 50 से 100 किलो के हुआ करते थे. कई बार तो पहनने वाले इंसानों के भी वजन से ज्यादा होते थे. सुनिए पूरी कहानी.
    2 min
  • इस आदमी के नाम पर बॉयकॉट शब्द डिक्शनरी में आया: इति इतिहास, Ep 33
    एक आदमी था आयरलैंड का, उसने ज़िंदगी में इतना बहिष्कार झेला कि उसका नाम ही बहिष्कार का सिनोनिम हो गया. बॉयकॉट शब्द जो संज्ञा था, किस तरह क्रिया बन गया. लोग बहिष्कार के लिए क्यों बॉयकॉट लिखने लगे. सुनिए 'इति इतिहास' में नितिन ठाकुर से.
    2 min
  • बार बार उजड़ कर बसने वाली नालंदा खिलजी का हमला क्यों नहीं झेल सकी?: इति इतिहास, Ep 32
    किसी देश में एजूकेशन का लेवल क्या है ये उसकी यूनिवर्सिटीज़ बताती हैं. एक वक्त था जब हमारे यहां नालंदा जैसी यूनिवर्सिटी थी और इसका हिस्सा राजा हर्षवर्धन, बौद्ध विद्वान नागार्जुन, आर्यभट्ट थे. मगर 780 सालों तक चलने वाली ये यूनिवर्सिटी आज खंडहर है.सुनिए पूरी कहानी 'इति इतिहास' में.
    2 min
  • टीपू सुल्तान ने ऐसा रॉकेट बनाया जिसकी नकल अंग्रेजों ने की थी: इति इतिहास, Ep 31
    टीपू सुल्तान, जिसे टीपू साहब या मैसूर के टाइगर के नाम से भी जाना जाता है,उनके बारे में ये भी कहा जाता है कि वो इकलौते योद्धा थे जिन्होंने अंग्रेज़ों को हराया था. एक कहानी और है. वो ये कि 300 साल पहले उन्होंने ऐसा रॉकेट बनाया था जो अंग्रेज़ों के सिलेबस से भी आगे की चीज़ था.सुनिए 'इति इतिहास' में नितिन ठाकुर से.
    3 min
  • इटली के इस शहर के लोग 2400 साल पहले पिज़्ज़ा खा रहे थे: इति इतिहास,Ep 30
    पिज्जा जब भी आपके सामने आता होगा, आप भी सोचते ही होंगे कि क्या कमाल डिश बनाई है इटैलियन्स ने. लेकिन कमाल कुछ और है.. और वो है पिज़्ज़ा की उम्र. दक्षिणी इटली में कभी एक खिलखिलाता शहर हुआ करता था पोंपेई. माउंट वेसुवियस के एक ज्वालामुखी की ज़द में आकर करीब 2400 साल पहले तबाह हो गया था. वहाँ के लोगों के अनुसार अब भी वहाँ पर ज्वालामुखी का खतरा है इसलिए वहाँ कोई दोबारा बसने की हिम्मत नहीं करता. अब उस शहर में लोग घूमने फिरने जाते हैं टिकट लेकर और टूटी दीवारों और अवशेषों को देखते हैं. बीते तकरीबन 20 सालों से वहाँ खुदाई और पुरानी चीजों की तलाश जारी है जो 2000 साल पुराने इस शहर के बारे में और जानकारी दे. यहीं मिली है एक पेंटिंग जो कहती है पिज्जा हजारों साल पुराना है. सुनिए पूरी कहानी 'इति इतिहास' में.

    प्रोड्यूसर - रोहित अनिल त्रिपाठी
    साउंड मिक्स - कपिल देव सिंह
    2 min

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