
Sign up to save your podcasts
Or


केन्द्रीय विद्यालय दक्षिण कमान पुस्तकालय पुणे में हिंदी पखवाड़े के उपलक्ष में पॉडकास्टिंग: हिन्दी दिवस क्यों मनाया जाता है? हिंदी दिवस कब मनाया जाता है? कैसे हिंदी बनी थी राजभाषा
माँ के प्यार की किमत:अक्सर हम माँ के प्यार और उसकी ममता का महत्व समझ नहीं पाते, दिल को छूने वाली ये कहानी हमें माँ का अपने बच्चों के प्रति प्रेम दर्शाने के साथ ही बच्चों को सीख भी देती है कि अपने माँ का मान कैसे करें
माँ के प्यार की कोई कीमत नही होती है,
अक्सर हम माँ के प्यार और उसकी ममता का महत्व समझ नहीं पाते,
ये कहानी हमें माँ का अपने बच्चों के प्रति प्रेम दर्शाने के साथ ही बच्चों को सीख भी देती है
केन्द्रीय विद्यालय दक्षिण कमान पुस्तकालय पुणे में हिंदी पखवाड़े के उपलक्ष में पॉडकास्टिंग:किताबें कुछ कहना चाहती हैं।
कविताः किताबें कुछ कहना चाहती हैं-सफ़दर हाश्मी
सफ़दर हाश्मी की ये कविता किताबों की जुबां
सफ़दर हाश्मी ने किताबों के मन में क्या है, ये अपनी कविता में बयां किया है।
केन्द्रीय विद्यालय दक्षिण कमान पुस्तकालय पुणे में हिंदी पखवाड़े के उपलक्ष में पॉडकास्टिंग: हिन्दी दिवस क्यों मनाया जाता है? हिंदी दिवस कब मनाया जाता है? कैसे हिंदी बनी थी राजभाषा
हिन्दी पखवाड़ा अन्तर्गत एक पुस्तक की आत्मकथा
मैं अपना परिचय कुछ इस प्रकार देना चाहूंगी – मैं ज्ञान का भंडार हूं, मुझमें ज्ञान का सागर उपस्थित है। मैं शिक्षा एवं मनोरंजन का उत्तम साधन मानी जाती हूं। मेरे बिना शिक्षा ग्रहण करना संभव नहीं है, शिक्षा के क्षेत्र को मेरे बिना कल्पना कर पाना भी संभव नहीं है। मैं शिक्षक एवं शिष्य के बीच की डोरी हूं।
एक पुस्तक की आत्मकथा:मैं पुस्तक हूं। मुझे तो आप पहचानते ही होंगे, बिल्कुल, क्यों नहीं !! मैं अपने अस्तित्व को कैसे परिभाषित करूं ? अगर आप पुस्तक शब्द का अर्थ देखें, तो वह होगा –“हाथ से लिखी हुई पोथी”, पर यह परिभाषा समय द्वारा सीमित हो गई है, क्योंकि आज के आधुनिक दौर में पुस्तकें हाथ से नहीं लिखी जाती है, अथवा मशीनों द्वारा ही प्रिंट होती है।
In India, August 15 marks the occasion of Independence Day and this year we are celebrating 74 years of independence from the British Rule. After almost 2 centuries under imperial rule and after countless sacrifices and struggles, Indians won their freedom on August 15, 1947.
The sheer depth of pride felt by every Indian as they look at their country’s tricoloured flag unfurl, is a sight to behold. Unfortunately, due to the ongoing coronavirus pandemic, these flag hoisting ceremonies will not be organised this Independence Day like earlier years celebrations, but citizens are encouraged to do the same in their own homes and with family only in lieu of social distancing.
From the publisher's feed