Irfan talks to theatre director and actor Ram Gopal Bajaj aka Bajju Bhai
रामगोपाल बजाज
रंग निर्देशक, प्रशिक्षक, रंग चिंतक और अभिनेता रामगोपाल बजाज
रामगोपाल बजाज का जन्म बिहार के सहरसा ज़िले में हुआ.
उनका आरंभिक जीवन उथल पुथल और अनिश्चितताओं से भरा रहा जिसके ब्योरे आप आज की इस गुफ्तुगू में पहली बार उनकी ज़बानी सुनेंगे।
किशोरावस्था तक कला और संस्कृति में रम चुके रामगोपाल बजाज अभिनय की शिक्षा के लिए दिल्ली चले आये
सन 1965 में दिल्ली के नेशनल स्कूल ऑफ़ ड्रामा से ग्रेजुएट होने के बाद रामगोपाल बजाज वहाँ पर बतौर फैकल्टी सदस्य कार्यरत हो गए.
1995 से लेकर 2001 तक रामगोपाल बजाज नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा में डायरेक्टर के पद पर रहे। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने भारत रंग महोत्सव और जश्न ए बचपन जैसे बड़े आयोजनों की नींव तो डाली ही, उन्होंने संस्कृति के क्षेत्र में नीति सम्बन्धी अनेक सुझाव संस्कृति मंत्रालय को पहुंचाए।
1977 में आई गोधूलि और 1984 में आई उत्सव, जैसी फिल्मों में राम गोपाल बजाज ने बतौर सहायक निर्देशक काम किया।
मासूम, चांदनी, परजानिया और मिर्च मसाला जैसी फिल्मों में राम गोपाल बजाज छोटी लेकिन असरदार भूमिकाओं में नज़र आये।
2005 में आई जैकी चेन की फ़िल्म द मिथ में रामगोपाल बजाज ने एक मार्शल आर्ट्स टीचर का किरदार निभाया जिसके बाद वो विश्व पटल पर पहचाने गए।
फ़िल्म जॉली एलएलबी में रामगोपाल बजाज ने advocate रिज़वी की भूमिका निभाई है।
रामगोपाल बजाज को थिएटर में उनके योगदान के लिए पद्मश्री और साल संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है।
रामगोपाल बजाज आज भी फ़िल्म, थिएटर और ओटीटी की दुनिया में सक्रिय हैं. उनकी अगली webseries फ़ितरत पार्ट 2 जल्द ही आनेवाली है।