आपसे अत्यन्त प्रेम किया गया है।
हम सब भी पहिले [आज्ञा न मानने वालों के साथ] अपने शरीर की लालसाओं में दिन बिताते थे, शारीरिक तथा मानसिक इच्छाओं को पूरा करते थे, और अन्य लोगों के समान स्वभाव ही से क्रोध की सन्तान थे। परन्तु परमेश्वर ने जो दया का धनी है, अपने उस महान् प्रेम के कारण जिस से उसने हमसे प्रेम किया, जबकि हम अपने अपराधों के कारण मरे हुए थे उसने हमें ख्रीष्ट के साथ जीवित किया—अनुग्रह ही से तुम्हारा उद्धार हुआ है। (इफिसियों 2:3-5)
क्या आपको यह सुनना नहीं भाएगा यदि स्वर्गदूत जिब्राईल आपसे कहे कि, “आपसे अत्यन्त प्रेम किया गया है”?
दानिय्येल के साथ ऐसा तीन बार हुआ।
“जब तू अनुनय विनय करने लगा तभी आज्ञा दी गई और मैं तुझे बताने आया हूँ, क्योंकि तू अत्यन्त सम्मानित ठहरा है” (दानिय्येल 9:23)
“हे परम प्रिय दानिय्येल, जो बात मैं तुझ से कहने पर हूँ उसे समझ ले। सीधा खड़ा हो जा, क्योंकि मैं तेरे पास भेजा गया हूँ।” (दानिय्येल 10:11)
और कहा, “हे परम प्रिय पुरुष, मत डर। तुझे शान्ति मिले। दृढ़ होकर हियाव बाँध!” (दानिय्येल 10:19)