Mahakali Mantra महाकाली मन्त्र
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काली काली महाकाली कालिके पापनाशिनी ।
सर्वत्र मोक्षदा देहि नारायणी नमस्तेऽस्तु।।
ॐ जयंती मंगला काली भद्रकाली कपालिनी ।
दुर्गा क्षमा शिवा धात्री स्वाहा स्वधा नमस्तेऽस्तु।।
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तथ्य काली, संस्कृत में कालिका, शिव-शक्ति पार्वती का भयंकरतम रूप है। शिव को काल कहते हैं, अत: काली। असुरों का काल (मृत्यु) होने के कारण काली। इसके अलग अलग गुण धर्मों के द्योतक इसके अनेक नाम हैं। जैसे भद्रकाली इसका कुछ दयालु रूप है। कपालिनी इस कारण कि इसे एक हाथ में कपाल लिए दिखाते हैं जिसमें दूसरे हाथ में पकड़े नरमुंड का रक्त टपक रहा होता है। इसके सर्वाधिक प्रचलित रूपों में से एक रूप चार और दूसरा दस भुजाओं वाला है।