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इस हफ्ते अमेरिकी चुनाव के नतीजों और डोनाल्ड ट्रम्प की वापसी के निहितार्थों को लेकर विस्तार से चर्चा हुई. इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट द्वारा नागरिकों की निजी संपत्ति को लेकर दिए गए फैसले और उत्तर प्रदेश सरकार की बुलडोज़र नीति पर कोर्ट के आदेश पर भी बात की गई.
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इस हफ्ते चर्चा में बतौर मेहमान साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट अमित दुबे और वरिष्ठ स्वतंत्र पत्रकार कुसुम अरोड़ा ने हिस्सा लिया. वहीं, न्यूज़लॉन्ड्री टीम से प्रमुख संपादक राम किरपाल और विकास जांगड़ा चर्चा में शामिल हुए. चर्चा का संचालन न्यूज़लॉन्ड्री के प्रबंध संपादक अतुल चौरसिया ने किया.
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इस हफ्ते बढ़ता वायु प्रदूषण और भारत-चीन सीमा विवाद समझौते को लेकर विस्तार से चर्चा हुई. इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट द्वारा वायु प्रदूषण के मुद्दे पर दिल्ली और हरियाणा सरकार को फटकार, ब्रिक्स के पार्टनर देशों में पाकिस्तान को जगह नहीं, जस्टिस संजीव खन्ना देश के नए चीफ जस्टिस होंगे, ओडिशा में दाना चक्रवात और भारत-कनाडा विवाद आदि विषय भी हफ्तेभर चर्चा का विषय रहे.
चर्चा में बतौर मेहमान वरिष्ठ पत्रकार हृदयेश जोशी, पर्यावरण विश्लेषक और एन्वायरो कैटलिस्ट के संस्थापक सुनील दहिया और इंडियन एक्सप्रेस की संपादक निरुपमा सुब्रमण्यम शामिल हुईं. वहीं, चर्चा का संचालन न्यूज़लॉन्ड्री के सहायक संपादक शार्दूल कात्यायन ने किया.
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इस हफ्ते बढ़ता वायु प्रदूषण और भारत-चीन सीमा विवाद समझौते को लेकर विस्तार से चर्चा हुई. इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट द्वारा वायु प्रदूषण के मुद्दे पर दिल्ली और हरियाणा सरकार को फटकार, ब्रिक्स के पार्टनर देशों में पाकिस्तान को जगह नहीं, जस्टिस संजीव खन्ना देश के नए चीफ जस्टिस होंगे, ओडिशा में दाना चक्रवात और भारत-कनाडा विवाद आदि विषय भी हफ्तेभर चर्चा का विषय रहे.
चर्चा में बतौर मेहमान वरिष्ठ पत्रकार हृदयेश जोशी, पर्यावरण विश्लेषक और एन्वायरो कैटलिस्ट के संस्थापक सुनील दहिया और इंडियन एक्सप्रेस की संपादक निरुपमा सुब्रमण्यम शामिल हुईं. वहीं, चर्चा का संचालन न्यूज़लॉन्ड्री के सहायक संपादक शार्दूल कात्यायन ने किया.
चर्चा की शुरुआत करते हुए शार्दूल कहते हैं, “वायु प्रदूषण के मामले में हमारी सरकार और जो प्रशासनिक धड़े हैं वे बेहद उदासीन दिखते हैं, वे तभी थोड़ा बहुत काम करते हैं जब उनके पास कोई उपाय नहीं बचता, इसके पीछे क्या कारण है?”इस सवाल के जवाब में सुनील कहते हैं, “जिस गति से काम हो रहा है हमें लगता है कि सरकार उदासीन है कुछ काम नहीं हो रहा है, उसका एक मुख्य कारण यह है कि हमारे प्रशासन को लगता है कि यदि हम प्रदूषण पर नियंत्रण की कोशिश करेंगे तो जो हमारा आर्थिक विकास है जो फैक्ट्रियों कारखानों से हो रहा है वह रुक जाएगा, यह सही नहीं है.”
सुनिए पूरी चर्चा-
टाइमकोड्स
00:00 - इंट्रो और ज़रूरी सूचना
05:12 - सुर्खियां
12:00 - वायु प्रदूषण
01:2:00 - भारत - चीन सीमा विवाद
01:24:00- पत्र, सलाह और सुझाव
पत्रकारों की राय क्या देखा, पढ़ा और सुना जाए
सुनील दहिया
गंभीर मुद्दों पर रिपोर्ट्स पढ़ें
निरुपमा सुब्रमण्यम
अविनाश पालीवाल की किताब - India’s Near East
हृदयेश जोशी
रामचंद्र गुहा की किताब - स्पीकिंग विथ नेचर
शार्दूल कात्यायन
ओला स्कूटर पर अनमोल प्रितम की रिपोर्ट
केरी ब्राउन की किताब - China’s World
स्टैंड अप कॉमेडियन - जिअनमार्को सोरेसी
ट्रांसक्रिप्शन: तस्नीम फातिमा
प्रोड्यूसर: आशीष आनंद
एडिटिंग: उमराव सिंह
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इस हफ्ते सदी के महानायक अमिताभ बच्चन के जन्मदिन, उद्योगपति रतन टाटा के निधन, हरियाणा और जम्मू कश्मीर विधानसभा चुनाव के नतीजों के साथ-साथ हरियाणा विधानसभा चुनावों में ईवीएम से छेड़छाड़ के आरोपों को लेकर विस्तार से चर्चा हुई.इस हफ्ते चर्चा में बतौर मेहमान वरिष्ठ पत्रकार बलवंत तक्षक, प्रोफेसर रेखा चौधरी और हृदयेश जोशी ने हिस्सा लिया. वहीं, न्यूज़लॉन्ड्री टीम से आनंद वर्धन और विकास जांगड़ा चर्चा में शामिल हुए. चर्चा का संचालन न्यूज़लॉन्ड्री के प्रबंध संपादक अतुल चौरसिया ने किया.
चर्चा की शुरुआत करते हुए अतुल कहते हैं, “रतन टाटा के निधन के साथ सोशल मीडिया दो भागों में विभाजित हो गया है, एक वर्ग वह है जो उन्हें महान कह रहा है और वहीं दूसरी तरफ उन्हें गालियां भी दी जा रही हैं. मुझे लगता है कि इसे एक तथ्यपरक दृष्टि से देखने की ज़रूरत है कि एक आदमी था, जिसने एक लंबा सार्वजानिक जीवन जिया है, उसमें कुछ बड़ी अच्छी विशेषताएं थीं तो कुछ खामियां भी थीं. इसलिए ईमानदारी के साथ उनके जीवन का आकलन करें न कि भावनाओं में बहकर एकतरफा विश्लेषण करें.”इस मुद्दे पर टिप्पणी करते हुए आनंद कहते हैं, “भारतीय समाज में वेल्थ क्रिएटर्स को नकारात्मक भाव से देखा जाता है. लेकिन वेल्थ क्रिएट करना एक बेहद रचनात्मक प्रक्रिया है और यह समाज को धीरे-धीरे समझ आता है.”
सुनिए पूरी चर्चा-
टाइमकोड्स
00:00 - इंट्रो और ज़रूरी सूचना 03:08 - सुर्खियां
16:00 - रतन टाटा
31:33 - हरियाणा और जम्मू-कश्मीर चुनाव
01:40:00- सलाह और सुझाव
ट्रांसक्रिप्शन: तस्नीम फातिमा
प्रोड्यूसर: भद्रा महापात्रा
एडिटिंग: उमराव सिंह
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इस हफ्ते मध्य पूर्व में चल रही अस्थिरता, इज़रायल-फिलिस्तीन संघर्ष, हिज़्बुल्लाह के लीडर हसन नसरुल्लाह की हत्या, ईरान द्वारा इज़रायल पर हमले और पर्यावरण एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक को हिरासत में लिए जाने को लेकर विस्तार से चर्चा हुईइस हफ्ते चर्चा में बतौर मेहमान वरिष्ठ पत्रकार ज़फर चौधरी, पर्यावरण मुद्दों के पत्रकार भास्कर त्रिपाठी, वरिष्ठ पत्रकार स्मिता शर्मा, अंकारा से वरिष्ठ पत्रकार महमद और न्यूज़लॉन्ड्री टीम से शार्दूल कात्यायन शामिल हुए. वहीं, चर्चा का संचालन न्यूज़लॉन्ड्री के प्रबंध संपादक अतुल चौरसिया ने किया.
चर्चा की शुरुआत करते हुए अतुल कहते हैं, “मध्य पूर्व में चल रहे तनाव की जो स्थिति अभी है, क्या इसमें किसी बीच-बचाव की संभावना है या हम ईरान और इज़रायल को एक बड़े युद्ध की तरफ बढ़ते देख रहे हैं?”इस सवाल के जवाब में महमद कहते हैं, “लेबनान और इज़रायल क्षेत्र में सबसे बड़ा संकट इज़रायल है, इसका कारण यह है कि इज़रायल की स्थापना के साथ ही नकबा हुआ और लाखों की तादाद में फिलिस्तीनियों को निकाला गया, जिसके बाद यह आज तक जारी है. इसी सन्दर्भ में इस समस्या को देखना चाहिए.”
सुनिए पूरी चर्चा -
टाइमकोड्स
00:18 - इंट्रो और ज़रूरी सूचना
02:20 - सुर्खियां
07:51 - मध्य एशिया में जारी हिंसा
50:14 - सोनम वांगचुक की हिरासत और लद्दाख पर चर्चा
46:22 - सब्सक्राइबर्स के पत्र
01:26- सलाह और सुझाव
ट्रांसक्रिप्शन: तस्नीम फातिम
प्रोड्यूसर: प्रशांत कुमार
एडिटिंग: उमराव सिंह/ परीक्षित सान्याल
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इस हफ्ते पश्चिम एशिया में जारी हिंसा और कई केंद्र शासित प्रदेशों की प्रदूषण कंट्रोल कमेटी में पिछले 10 सालों से खाली पदों को लेकर विस्तार से चर्चा हुई.
इसके अलावा असम के कामरूप जिले में प्रशासन द्वारा 250 से अधिक मकान ध्वस्त, बीते 25 सितंबर को जम्मू कश्मीर विधानसभा चुनाव का दूसरा चरण संपन्न, पश्चिम एशिया में जारी तनाव जिसमें करीब 558 लोगों की मौत और 1800 से ज्यादा लोग घायल और फिलिस्तीन के रमाला में इजरायली सैनिक की अल जजीरा ब्यूरो में घुसपैठ कर उसे बंद करने की धमकी देने जैसी खबरें प्रमुख रहीं.
इसके अलावा उत्तर प्रदेश में खाने-पीने की जगहों पर नेम प्लेट लगाने का आदेश, क्लाइमेट क्राइसिस एडवाइजरी ग्रुप द्वारा जारी एक रिपोर्ट में पर्यावरणीय बदलाव से निपटने के लिए भारत को बेहतर निगरानी और परीक्षण के तरीके अपनाने और संबंधित तंत्र में सुधार की जरूरत, बदलापुर घटना के आरोपी की पुलिस एनकाउंटर में मौत और श्रीलंका में सत्ता परिवर्तन जैसी खबरों ने भी लोगों का ध्यान खींचा.
इस हफ्ते चर्चा में बतौर मेहमान विदेश मामलों के वरिष्ठ पत्रकार इफ़्तिख़ार गिलानी, स्वतंत्र पत्रकार स्मिता शर्मा, न्यूज़लॉन्ड्री टीम से स्तंभकार आनंद वर्धन और वरिष्ठ पत्रकार हृदयेश जोशी शामिल हुए. वहीं, चर्चा का संचालन न्यूज़लॉन्ड्री के सह संपादक शार्दूल कात्यायन ने किया.चर्चा की शुरुआत करते हुए शार्दूल कहते हैं, “पश्चिम एशिया में पिछले एक सप्ताह से जारी हिंसा को रोकने के लिए शांति प्रस्ताव की पेशकश को इजरायल लगातार ठुकरा रहा है. इजराइल के इस रवैये के कारण आखिर यह संघर्ष किस दिशा में जाता दिखाई दे रहा है?”
इस सवाल के जवाब में इफ़्तिख़ार कहते हैं, “अमेरिका, फ्रांस इत्यादि देशों ने 22 दिन के युद्ध विराम की अपील की थी लेकिन नेतन्याहू ने इस अपील को खारिज कर दिया. नेतन्याहू किसी भी हालत में अमेरिकी चुनाव से पहले जंग खत्म नहीं होने देना चाहते हैं, जिस दिन चुनाव खत्म होगा नेतन्याहू को अपना बोरिया बिस्तर समेटना होगा.”सुनिए पूरी चर्चा -
टाइमकोड्स
00:36 - इंट्रो और ज़रूरी सूचना 04:30 - सुर्खियां
20:37 - पश्चिम एशिया में जारी हिंसा
01:03:09 - केंद्र शासित प्रदेशों की पॉल्यूशन कंट्रोल कमेटी में खाली पद
59:37 - सब्सक्राइबर्स के पत्र
01:18:01 - सलाह और सुझाव
ट्रांसक्रिप्शन: संध्या वत्स
प्रोड्यूसर: प्रशांत कुमार/आशीष आनंद
एडिटिंग: उमराव सिंह
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इस हफ्ते हरियाणा में 12वीं कक्षा के छात्र की गौरक्षकों द्वारा की गई हत्या और सेबी प्रमुख माधवी पुरी बुच पर लगे नए आरोपों पर विस्तार से चर्चा हुई.
इसके अलावा इस हफ्ते की प्रमुख सुर्खियों में सेबी के 500 कर्मचारियों द्वारा एक पत्र के माध्यम से माधवी पुरी बुच के खिलाफ भ्रष्टाचार के नए आरोप लगाना, केंद्र सरकार द्वारा नेटफ्लिक्स पर रिलीज हुई नई वेब सीरीज IC 814 कंधार के विषय में हिंदुओं की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए नए निर्देशों को जारी करना , बिश्नोई समाज के एक त्यौहार को ध्यान में रखते हुए चुनाव आयोग द्वारा हरियाणा विधानसभा चुनाव की तारीखों को बदलना और भ्रष्टाचार के मामले को लेकर बंगाल के आरजी कर कॉलेज के प्रिंसिपल संदीप घोष को गिरफ्तार किया जाना शामिल रहीं.
इसके अलावा पैरालंपिक में भारत का अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन, बंगाल में अपराजिता महिला एवं बाल विधेयक (पश्चिम बंगाल आपराधिक कानून एवं संशोधन) विधेयक 2024 पारित करना, सुप्रीम कोर्ट द्वारा बुलडोजर न्याय पर कड़ा सवाल उठाते हुए जल्द ही इस संबंध में नए देशव्यापी निर्देश जारी करने की घोषणा करना और छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा मुठभेड़ में नौ माओवादी को मार गिराने का दावा जैसी खबरों ने भी लोगों का ध्यान खींचा.
इस हफ्ते चर्चा में बतौर मेहमान ऑर्गेनाइज्ड क्राईम एंड करप्शन रिपोर्टिंग प्रोजेक्ट के वरिष्ठ पत्रकार रवि नायर, स्वतंत्र पत्रकार स्मिता शर्मा ,न्यूज़लॉन्ड्री टीम से स्तंभकार आनंद वर्धन और मुख्य संपादक रमन किरपाल शामिल हुए. वहीं चर्चा का संचालन न्यूज़लॉन्ड्री के प्रबंध संपादक अतुल चौरसिया ने किया.
चर्चा की शुरुआत करते हुए अतुल कहते हैं, “माधवी पुरी बुच के विषय में लगातार एक के बाद एक जानकारियां सामने आ रही हैं. हिंडनबर्ग रिपोर्ट आने के बाद माधवी ने एक बयान जारी किया था कि उनका कामकाज खुली किताब की तरह है और जो भी लेनदेन हुआ है, वह उन्होंने एक स्वतंत्र नागरिक के तौर पर किया था. अब कांग्रेस की तरफ से नए आरोप लगाए गए हैं कि वह आईसीआईसीआई बैंक से वेतन भी ले रही थी और सेबी के पद पर भी लगातार बनी हुई थी. इतना कुछ हो जाने के बावजूद माधवी पुरी बुच की तरफ से कोई बयान नहीं आ रहा है और ना ही वित्त मंत्रालय की तरफ से कोई सफाई आई है. सबने एक चुप्पी साध रखी है इस सारी स्थिति के मद्देनजर आपका आकलन क्या कहता है?”
इस सवाल के जवाब में रवि नायर कहते हैं, “इस पूरे मामले में हमें यह देखना होगा की माधवी पुरी बुच का कनफ्लिक्ट ऑफ इंटरेस्ट है या नहीं”? अक्टूबर 2020 से अडाणी के खिलाफ सेबी का जांच चल रही है और माधवी पुरी बुच इस जांच की प्रमुख थी. उस वक्त आईएफएल (सेबी का सारा फंड और उसका एडमिनिस्ट्रेशन) अडाणी मामले को लेकर जांच की नज़र में था. अब इस जांच पर जनता कैसे विश्वास कर सकती है, जब माधवी पुरी बुच व्यक्तिगत तौर पर सारे आरोपियों को जानती थी और लगातार संपर्क में थी. जिस फंड में विनोद अडाणी का निवेश था, उसी फंड में माधवी बुच का भी निवेश था.”
सुनिए पूरी चर्चा -
टाइमकोड्स
00:24 - इंट्रो और ज़रूरी सूचना
3:37- सुर्खियां
8:17 - माधवी पुरी बुच पर लगे नए आरोप
52:12 -फरीदाबाद में छात्र आर्यन मिश्रा की हत्या
46:24 - सब्सक्राइबर्स के पत्र
01:07:43 - सलाह और सुझाव
ट्रांसक्रिप्शन: संध्या वत्स/ सत्येंद्र कुमार चौधुरी
प्रोड्यूसर: प्रशांत कुमार
एडिटिंग: उमराव सिंह/ समरेंद्र कुमार
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