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  • Notice period to terminate employment नोटिस की अवधि

    भारत में विभिन्न प्रकार के रोजगार क्षेत्र हैं। आप जिस तरह के क्षेत्र से जुड़ रहे हैं, यानी सार्वजनिक / सरकारी क्षेत्र या निजी क्षेत्र, यह तय करेगा की किस तरह के कानून आप पर लागू होते हैं। भारत में अधिकांश रोजगार कानून और नियम मुख्य रूप से सार्वजनिक क्षेत्र या औद्योगिक श्रमिकों पर लागू होते हैं।

    निजी क्षेत्र के पेशेवरों के लिए, कानून बहुत कम सुरक्षा प्रदान करता है, यही वजह है कि आपके रोजगार से संबंधित आपके अधिकांश अधिकार और कर्तव्य आपके रोजगार अनुबंध द्वारा नियंत्रित होते हैं। यही कारण है कि किसी भी कार्यक्षेत्र में प्रवेश करते समय शामिल कानूनी और संगठनात्मक प्रक्रियाओं को जानना आवश्यक है।

    2 min
  • Fired from your job आपको नौकरी से निकाला जाना

    भारत में विभिन्न प्रकार के रोजगार क्षेत्र हैं। आप जिस तरह के क्षेत्र से जुड़ रहे हैं, यानी सार्वजनिक / सरकारी क्षेत्र या निजी क्षेत्र, यह तय करेगा की किस तरह के कानून आप पर लागू होते हैं। भारत में अधिकांश रोजगार कानून और नियम मुख्य रूप से सार्वजनिक क्षेत्र या औद्योगिक श्रमिकों पर लागू होते हैं।

    निजी क्षेत्र के पेशेवरों के लिए, कानून बहुत कम सुरक्षा प्रदान करता है, यही वजह है कि आपके रोजगार से संबंधित आपके अधिकांश अधिकार और कर्तव्य आपके रोजगार अनुबंध द्वारा नियंत्रित होते हैं। यही कारण है कि किसी भी कार्यक्षेत्र में प्रवेश करते समय शामिल कानूनी और संगठनात्मक प्रक्रियाओं को जानना आवश्यक है।

    2 min
  • Job Offer नौकरी का प्रस्ताव

    भारत में विभिन्न प्रकार के रोजगार क्षेत्र हैं। आप जिस तरह के क्षेत्र से जुड़ रहे हैं, यानी सार्वजनिक / सरकारी क्षेत्र या निजी क्षेत्र, यह तय करेगा की किस तरह के कानून आप पर लागू होते हैं। भारत में अधिकांश रोजगार कानून और नियम मुख्य रूप से सार्वजनिक क्षेत्र या औद्योगिक श्रमिकों पर लागू होते हैं।

    निजी क्षेत्र के पेशेवरों के लिए, कानून बहुत कम सुरक्षा प्रदान करता है, यही वजह है कि आपके रोजगार से संबंधित आपके अधिकांश अधिकार और कर्तव्य आपके रोजगार अनुबंध द्वारा नियंत्रित होते हैं। यही कारण है कि किसी भी कार्यक्षेत्र में प्रवेश करते समय शामिल कानूनी और संगठनात्मक प्रक्रियाओं को जानना आवश्यक है।

    4 min
  • Training bonds प्रशिक्षण बॉन्ड

    भारत में विभिन्न प्रकार के रोजगार क्षेत्र हैं। आप जिस तरह के क्षेत्र से जुड़ रहे हैं, यानी सार्वजनिक / सरकारी क्षेत्र या निजी क्षेत्र, यह तय करेगा की किस तरह के कानून आप पर लागू होते हैं। भारत में अधिकांश रोजगार कानून और नियम मुख्य रूप से सार्वजनिक क्षेत्र या औद्योगिक श्रमिकों पर लागू होते हैं।

    निजी क्षेत्र के पेशेवरों के लिए, कानून बहुत कम सुरक्षा प्रदान करता है, यही वजह है कि आपके रोजगार से संबंधित आपके अधिकांश अधिकार और कर्तव्य आपके रोजगार अनुबंध द्वारा नियंत्रित होते हैं। यही कारण है कि किसी भी कार्यक्षेत्र में प्रवेश करते समय शामिल कानूनी और संगठनात्मक प्रक्रियाओं को जानना आवश्यक है।

    3 min
  • Confidentiality Clause/Non-Disclosure Clause गोपनीयता के उपनियम/गैर-प्रकटीकरण उपनियम

    भारत में विभिन्न प्रकार के रोजगार क्षेत्र हैं। आप जिस तरह के क्षेत्र से जुड़ रहे हैं, यानी सार्वजनिक / सरकारी क्षेत्र या निजी क्षेत्र, यह तय करेगा की किस तरह के कानून आप पर लागू होते हैं। भारत में अधिकांश रोजगार कानून और नियम मुख्य रूप से सार्वजनिक क्षेत्र या औद्योगिक श्रमिकों पर लागू होते हैं।

    निजी क्षेत्र के पेशेवरों के लिए, कानून बहुत कम सुरक्षा प्रदान करता है, यही वजह है कि आपके रोजगार से संबंधित आपके अधिकांश अधिकार और कर्तव्य आपके रोजगार अनुबंध द्वारा नियंत्रित होते हैं। यही कारण है कि किसी भी कार्यक्षेत्र में प्रवेश करते समय शामिल कानूनी और संगठनात्मक प्रक्रियाओं को जानना आवश्यक है।

    3 min
  • Research while applying for a job नौकरियों के लिए आवेदन करते समय रिसर्च करें

    भारत में विभिन्न प्रकार के रोजगार क्षेत्र हैं। आप जिस तरह के क्षेत्र से जुड़ रहे हैं, यानी सार्वजनिक / सरकारी क्षेत्र या निजी क्षेत्र, यह तय करेगा की किस तरह के कानून आप पर लागू होते हैं। भारत में अधिकांश रोजगार कानून और नियम मुख्य रूप से सार्वजनिक क्षेत्र या औद्योगिक श्रमिकों पर लागू होते हैं।

    निजी क्षेत्र के पेशेवरों के लिए, कानून बहुत कम सुरक्षा प्रदान करता है, यही वजह है कि आपके रोजगार से संबंधित आपके अधिकांश अधिकार और कर्तव्य आपके रोजगार अनुबंध द्वारा नियंत्रित होते हैं। यही कारण है कि किसी भी कार्यक्षेत्र में प्रवेश करते समय शामिल कानूनी और संगठनात्मक प्रक्रियाओं को जानना आवश्यक है।

    3 min
  • Employment Contract रोजगार अनुबंध

    भारत में विभिन्न प्रकार के रोजगार क्षेत्र हैं। आप जिस तरह के क्षेत्र से जुड़ रहे हैं, यानी सार्वजनिक / सरकारी क्षेत्र या निजी क्षेत्र, यह तय करेगा की किस तरह के कानून आप पर लागू होते हैं। भारत में अधिकांश रोजगार कानून और नियम मुख्य रूप से सार्वजनिक क्षेत्र या औद्योगिक श्रमिकों पर लागू होते हैं।

    निजी क्षेत्र के पेशेवरों के लिए, कानून बहुत कम सुरक्षा प्रदान करता है, यही वजह है कि आपके रोजगार से संबंधित आपके अधिकांश अधिकार और कर्तव्य आपके रोजगार अनुबंध द्वारा नियंत्रित होते हैं। यही कारण है कि किसी भी कार्यक्षेत्र में प्रवेश करते समय शामिल कानूनी और संगठनात्मक प्रक्रियाओं को जानना आवश्यक है।

    2 min
  • Claiming Maintenance from Tribunal for Senior Citizens न्यायधिकरण से भरण-पोषण के लिए दावा करना

    भरण-पोषण का आदेश एक न्यायालय द्वारा दिया जाता है जहां बेटे या बेटी को, उनके माता-पिता या वृद्धजनों की मूलभूत आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए एक निश्चित राशि देने को कहा जाता है। इसे 'निर्वाह व्यय' के रूप में भी जाना जाता है। भरण-पोषण की राशि भिन्न परिस्थितियों पर भिन्न होती हैं। भरण-पोषण का मतलब है 'आश्रितों' को भोजन, वस्त्र, आश्रय और अन्य सुविधाओं जैसी मूलभूत जरूरतों को उपलब्ध कराना। इसमें अस्पतालों आदि जैसी अत्यावश्यक सेवाएं भी शामिल हैं। उनके कर्त्तव्यों का निर्धारण, उन पर लागू होने वाले कानून पर निर्भर करता है, जिनका हम इस व्याख्याता में उल्लेख करेंगे।

    4 min
  • Temporary maintenance for senior citizens अस्थायी भरण-पोषण भुगतान

    भरण-पोषण का आदेश एक न्यायालय द्वारा दिया जाता है जहां बेटे या बेटी को, उनके माता-पिता या वृद्धजनों की मूलभूत आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए एक निश्चित राशि देने को कहा जाता है। इसे 'निर्वाह व्यय' के रूप में भी जाना जाता है। भरण-पोषण की राशि भिन्न परिस्थितियों पर भिन्न होती हैं। भरण-पोषण का मतलब है 'आश्रितों' को भोजन, वस्त्र, आश्रय और अन्य सुविधाओं जैसी मूलभूत जरूरतों को उपलब्ध कराना। इसमें अस्पतालों आदि जैसी अत्यावश्यक सेवाएं भी शामिल हैं। उनके कर्त्तव्यों का निर्धारण, उन पर लागू होने वाले कानून पर निर्भर करता है, जिनका हम इस व्याख्याता में उल्लेख करेंगे।

    1 min
  • Children taking care of parents संतान द्वारा माता-पिता की देखभाल

    भरण-पोषण का आदेश एक न्यायालय द्वारा दिया जाता है जहां बेटे या बेटी को, उनके माता-पिता या वृद्धजनों की मूलभूत आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए एक निश्चित राशि देने को कहा जाता है। इसे 'निर्वाह व्यय' के रूप में भी जाना जाता है। भरण-पोषण की राशि भिन्न परिस्थितियों पर भिन्न होती हैं। भरण-पोषण का मतलब है 'आश्रितों' को भोजन, वस्त्र, आश्रय और अन्य सुविधाओं जैसी मूलभूत जरूरतों को उपलब्ध कराना। इसमें अस्पतालों आदि जैसी अत्यावश्यक सेवाएं भी शामिल हैं। उनके कर्त्तव्यों का निर्धारण, उन पर लागू होने वाले कानून पर निर्भर करता है, जिनका हम इस व्याख्याता में उल्लेख करेंगे।

    1 min

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