प्रकृति केंद्रित विकास क्या है ? पृथ्वी का विनाश कर दूसरे ग्रह पर जीवन बसाने का विचार और कोशिश कितनी सही है? पृथ्वी को तबाह कर दूसरे ग्रह पर अपना बसेरा बनाना कितनी बड़ी मूर्खता है? भारतीय सभ्यता 15,000 साल पुरानी है, भारतीय लोगों ने प्रकृति के साथ रहने की बहुत सी विधियों का विकास और समायोजन किया है। भारतीय संस्कृति ने प्रकृति के साथ संबंध स्थापित कर प्रकृति को सम्मान दिया है। पहले आपदा को हमारी गलतियों का फल माना जाता है। प्रकृति को सर्वश्रेष्ठ माना जाता था। लेकिन आज मानव का प्रकृति की ओर व्यवहार कितना बदल चुका है और यह कहां तक सही है? संसाधनों का प्रयोग किस तरह किया जाए कि हमारा विकास प्रकृति पर आधारित हो और प्रकृति को नष्ट न करे? जानिए इन सभी बातों के जवाब के. सिद्धार्थ से सिर्फ पॉडकास्ट 24 पर।
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