दिसंबर का महीना दो बड़ी चीजों के साथ शुरु हुआ था, एक पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव और दूसरा संसद का शीतकालीन सत्र. संसद के शीतकालीन सत्र में इस बार आए तीन क्रिमिनल बिल्स. हालांकि पार्लियामेंट में सरकार इन तीन बिल्स को मॉनसून सत्र में ही पेश कर चुकी थी. लेकिन पार्लियामेंट्री स्टैनडिंग कमेटी ऑन होम अफेयर्स ने अपने कुछ सुझाव दिए थे. उन सुझावों को शामिल करके सरकार बिल्स का नया स्वरूप लेकर आई. ये बिल्स लोकसभा और राज्यसभा, दोनों ही सदनों से पास हो गए हैं. बिल्स के ज़रिए काफी कुछ बदला, लेकिन सबसे ज़्यादा बात हुई राजद्रोह और देशद्रोह की. क्या था राजद्रोह जिसे बदलकर देशद्रोह कर दिया गया, देशद्रोह को किस तरह परिभाषित किया है, सुनिए 'ज्ञान ध्यान' में चेतना काला से.
साउन्ड: कपिल देव सिंह