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विचारों से व्यंग्य तक | Hindi Podcast

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Renu Records विचारों से व्यंग्य तक | Hindi Podcast episodes

  • इतनी सी बात | Itni Si Baat (Satire)

    समझदारी और परिपक्वता नहीं,चमड़ी की रंगत ही,चरित्र और बुद्धि की श्रेष्ठता निर्धारित करती है।


    गोरे दूध के धुले हैं और काले .....


    हम भारतीयों का रंगभेद दुनिया में सबसे उम्दा किस्म का है, ये दूसरों के लिए प्रर्दशन में विश्वास नहीं करता।

    ये यकीन करता है अपने परिवार, समाज की सांवली/काली बेटियों पर प्रहार में।

    14 min
  • नेगेटिव पॉजिटिव | Negative Positive (Satire)

    ये हो क्या रहा है?

    नेगेटिव रहने के लिए सोच को पाॅजिटिव होना जरूरी बताया जा रहा है। पाॅजिटिव आ जाने पर नेगेटिव करने की कोशिश की जा रही है।

    नकारात्मक समझदार माना जा रहा है, और सकारात्मक बेचारे पर ढ़ेरों प्रश्न दागे जा रहे हैं।

    14 min
  • वारियर्स ये भी | Warriors Ye Bhi (Satire)

    वायरस शब्द ने तो हाल ही में प्रसिद्धि पाई है जबकि वायरल शब्द बहुत पहले से चर्चित रहा है।

    सन्देश कैसा भी हो, वायरल करने के पुनीत कार्य में लगे वारियर्स का उचित सम्मान होना जरूरी है।

    ग्रुप के सभी सदस्य अपने स्तर पर कितना परिश्रम करते हैं तब कहीं जाकर दिमाग का एनकाऊंटर हो पाता है और आशातीत परिणाम आ पाते हैं।

    14 min
  • दुश्मन बनिया | Dushman Baniya (Satire)

    बाजार हथियाने के एक से एक हथकंडे मुझे आते हैं।

    दूसरे देशों के उत्पादों ही नहीं अर्थव्यवस्था को पटखनी देकर मैं यहां तक पहुंचा हूं।

    तुमसे कमाए को तुमसे कमाने में लगा देने का तरीका मुझे पता है और तुम्हारे खिलाफ लगाना भी।

    13 min
  • मैं, दो पाया | I, The 2 Legged (Satire)

    मेरे पैर दो और तुम्हारे चार। कहने को तो फर्क सिर्फ दो पैरों का है। लेकिन कपाल के भीतर का तन्त्रिका- तन्त्र जिसे बुद्धि कहते हैं वो खास है।

    मैंने अपनी विलक्षण बुद्धि का उपयोग ऐसा किया कि तुम चौपायों को जानवर बना दिया।

    मै नहीं होता तो अपना लम्बा जीवन तुम्हें पूरा बिताना पड़ता। तुम्हें जीव-बन्धन से मुक्ति दिलाने के लिए ही  मैं रात- दिन लगा रहता हूं।

    15 min
  • कोई कारण नहीं | No Reason At All (Satire)

    अपनी समझदार संवेदनाओं को संभाल कर रखिएगा। पीड़ित व्यक्ति के जिन्दा रहते ही खर्च कर दी तो उसके मरने के बाद क्या करेंगे?

    कहां से लाएंगे Social Media पर सार्वजनिक करने के लिए शहद में डूबे अच्छे - अच्छे शब्द और वाक्य विन्यास?

    कैसे दिखाएंगे अपना ज़िम्मेदार नागरिक होना?

    कैसे प्रर्दशित करेंगे कर्त्तव्य परायण परिवार, समाज और देश होना?

    9 min
  • भगवान् तुम्हारे हाथों में | Bhagwan Tumhare Hathon Mein (Satire)

    ये हमारी भलमनसाहत है, कि हमने लोगों की तकलीफें दूर करने का काम चुना है। सरकार सभी की परेशानियों का निराकरण नहीं कर पा रही थी। उसने हमसे हाथ बंटाने के लिए कहा तो हम जुट गए तन-मन-धन से।

    15 min
  • Jahan Hai To Jaan Hai | जहान है तो जान है (Satire)

    दो - ढाई महीने तो लगे, आखिरकार हम कोरोना से negotiation करने में सफल रहे। वह सिर्फ और सिर्फ रात को सक्रिय होने के लिए मान गया। इसलिए दिन को lockup से बाहर कर दिया, जबकि रात अभी कुछ और दिन- महीने वहीं रहेगी।

    13 min
  • Outcry | हो हल्ला (Satire)
    घर में सुबह-शाम रोजाना का वही एक-सा रुटीन है, शान्ति है।लेकिन बाहर की दुनिया हर दिन तेजी से बदलती दिख रही है। बहुत सारी आवाजों के साथ निर्ममता की गूंज भी सुनाई दे रही है। |
    There is the same routine, peace in the morning and evening in the house, but the world outside is seen changing rapidly every day. An echo of ruthlessness is also heard with many voices.
    10 min

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