Rinmochan Maha Ganpati Stotra ऋणमोचन महागणपति स्तोत्र ◆
विनियोग –
ॐ अस्य श्रीऋण-मोचन महा-गणपति-स्तोत्र-मन्त्रस्य भगवान् शुक्राचार्य ऋषिः, ऋण-मोचन-गणपतिः देवता, मम-ऋण-मोचनार्थं जपे विनियोगः।
ॐ स्मरामि देवदेवेशं वक्रतुण्डं महाबलम् ।
षडक्षरं कृपासिन्धुं नमामि ऋणमुक्तये ॥ १ ॥
महागणपतिं देवं महासत्त्वं महाबलम् ।
महाविघ्नहरं सौम्यं नमामि ऋणमुक्तये ॥ २ ॥
एकाक्षरं एकदन्तं एकब्रह्म सनातनम् ।
एकमेवाद्वितीयं च नमामि ऋणमुक्तये ॥ ३ ॥
शुक्लाम्बरं शुक्लवर्णं शुक्लगन्धानुलेपनम् ।
सर्वशुक्लमयं देवं नमामि ऋणमुक्तये ॥ ४ ॥
रक्ताम्बरं रक्तवर्णं रक्तगन्धानुलेपनम् ।
रक्तपुष्पैः पूज्यमानं नमामि ऋणमुक्तये ॥५॥
कृष्णाम्बरं कृष्णवर्णं कृष्णगन्धानुलेपनम् । कृष्णपुष्पैः पूज्यमानं नमामि ऋणमुक्तये ॥६॥
पीताम्बरं पीतवर्णं पीतगन्धानुलेपनम् ।
पीतपुष्पैः पूज्यमानं नमामि ऋणमुक्तये ॥ ७॥
नीलाम्बरं नीलवर्णं नीलगन्धानुलेपनम् ।
नीलपुष्पैः पूज्यमानं नमामि ऋणमुक्तये ॥ ८॥
धूम्राम्बरं धूम्रवर्णं धूम्रगन्धानुलेपनम् ।
धूम्रपुष्पैः पूज्यमानं नमामि ऋणमुक्तये ॥ ९॥
सर्वाम्बरं सर्ववर्णं सर्वगन्धानुलेपनम् ।
सर्वपुष्पैः पूज्यमानं नमामि ऋणमुक्तये ॥१०॥
भद्रजातं च रूपं च पाशाङ्कुशधरं शुभम् ।
सर्वविघ्नहरं देवं नमामि ऋणमुक्तये ॥ ११ ॥
फलश्रुतिः -
यः पठेत् ऋणहरं स्तोत्रं प्रातः काले सुधी नरः।
षण्मासाभ्यन्तरे चैव ऋणच्छेदो भविष्यति ॥
१२ ॥ ◆
ऋणमोचन महागणपति स्तोत्र के लाभ
क़र्ज़ से मुक्ति पाने के लिए ऋणमोचन महागणपति स्तोत्र का पाठ करना चाहिए
ऋणमोचन महागणपति स्तोत्र का पाठ करने से मन को शांति मिलती है
इस स्तोत्र का पाठ करने से धन सम्बन्धी परेशानी दूर होती है
इस स्तोत्र का पाठ करने से दोबारा क़र्ज़ लेने की स्तिथि उत्पन नहीं होती है
ऋणमोचन महागणपति स्तोत्र पाठ की विधि
सुबह जल्दी उठकर स्नान करके घर के मंदिर को स्वच्छ करे
एक चौकी ले उसपर लाल रंग का कपडा बिछाये
मंदिर में गणेश जी की प्रतिमा रखे
और गणेश जी को तिलक लगाए
गणेश जी के आगे पुष्प,धुप और घी का दीपक जलाये
ऋणमोचन महागणपति स्तोत्र का पाठ आरम्भ करे
यह पाठ बुधवार को करना शुभ माना जाता है