Teen Taal

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By Aaj Tak RadioComedy
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Teen Taal episodes

  • क्यूट इंडिया मूवमेंट, अनन्य-जघन्य दोस्त और अलबेले नाम: तीन ताल Ep 42
    तीन ताल के 42वें एपिसोड में कमलेश 'ताऊ', पाणिनि 'बाबा' और कुलदीप 'सरदार' से सुनिए :
    - क्यों जीवन का असल मतलब 'बयालीस यानी फोर्टी टू' ही है?
    - अगस्त 2021 की आमद, ताऊ ने लॉन्च किया 'क्यूट इंडिया मूवमेंट'. सरदार ने किया अनुमोदन. बाबा बने महामंत्री.
    - ममता बनर्जी दिल्ली में क्या तलाश रही हैं? बाबा ने क्यों कहा कि ममता ग़लत राजनीतिक फ़ैसले नहीं लेतीं.
    - एक जज की हत्या के बहाने 'मर्डर बाय एक्सीडेंट' की बात.
    - बिज़ार ख़बर में दिल्ली के एक टैटू मैन के बहाने गोदना से जुड़ी यादें. महिलाओं और दलितों का गोदना और धर्म बचाए रखने की चाह. बाबा के टैटू की कहानी.
    - फ्रेंडशिप डे के बहाने अनन्य और जघन्य दोस्तों के किस्से. ताऊ ने क्यों कहा कि दोस्ती बचपन की होती है, बाद के सिर्फ रिश्ते होते हैं.
    - बाबा के तीन दोस्त. सरदार की अपने दोस्त 'झोला' को चुनौती. क्या लड़का-लड़की दोस्त नहीं हो सकते?
    - अजीबोगरीब और अलबेले नामों पर बात. बाबा ने क्यों कहा मुझे अपना नाम अजीब लगता है. नाम और काम का भेद और समानता.
    - न्योता वाले श्रोता में पटना से आई तीन ताल और आजतक रेडियो के फाउंडिंग लिसनर की चिट्ठी.
    प्रड्यूसर: शुभम तिवारी
    साउंड मिक्सिंग: सचिन द्विवेदी
    1 hr 30 min
  • रिश्तेदारों की जासूसी, ग़ुस्से के उपयोग और कचहरी की किच किच: तीन ताल Ep 41
    तीन ताल के 41वें एपिसोड में कमलेश 'ताऊ', पाणिनि 'बाबा' और कुलदीप 'सरदार' से सुनिए :
    - ताऊ का तीन ताल में वापसी और उनकी गैरमौजूदगी पर आई एक चिट्ठी.
    - बसपा के ब्राह्मण सम्मेलन के बहाने सत्ता और ब्राह्मण के रिश्तों पर बात. ताऊ ने क्यों कहा कि ब्राह्मणों को हाँकना मुश्किल और बाबा ने किस वजह से ब्राह्मणों को 'चींटा' कहा?
    - पेगासस जासूसी मामले को ताऊ पैसे की बर्बादी क्यों मानते हैं. बाबा को क्यों लगता है कि सामान्य मानविकी की जासूसी करने की ज़रूरत.
    - हमारी डेली लाइफ़ में जासूसी किस तरह पसरी हुई है, रिश्तेदार, पड़ोसी और खानदान की जासूसी.
    - दिल्ली की कड़कड़डूमा कोर्ट में 'तारीख पर तारीख' चिल्लाते हुए एक व्यक्ति ने की तोड़फोड़. इस बहाने फिल्मों में अदालतों के चित्रण पर बात जो असल तस्वीर से बिल्कुल अलग है. कचहरी से बाबा के मीठे और ताऊ के खट्टे अनुभल
    - अल्बर्ट पिंटो और पाणिनि बाबा को ग़ुस्सा क्यों आता है? क्या ग़ुस्से की जीवन में कोई उपयोगिता हो सकती है? एक ग़ुस्साविहीन समाज की कल्पना.
    - बात अफग़ानी समाज की. वहाँ के रहन सहन, खान पान, परिधान की. अफ़ग़ानी मेवे, अनार, रोटी, तन्दूर से लेकर खरबूजे की बात.
    - अफग़ानिस्तान के जीवट तेवर का ज़िक्र, जिसने तीन महाशक्तियों को परास्त कर दिया. बाबा ने क्यों कहा कि उनके पास अफगानिस्तान का परमानेंट पासपोर्ट होना चाहिए?
    - 'न्योता वाले श्रोता' में उत्तर प्रदेश के बलिया से आई चिट्ठी जिसमें शिकायत, प्रेम और धमकी का अद्भुत मिश्रण था.
    प्रड्यूसर: शुभम तिवारी
    साउंड मिक्सिंग: सचिन द्विवेदी
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    1 hr 52 min
  • देहाती दुष्टई के क़िस्से, गणित का ख़ौफ़ और खखारने वाले पड़ोसी : तीन ताल Ep 40
    तीन ताल के 40वें एपिसोड में पाणिनि 'बाबा', कुलदीप 'सरदार', 'पढ़ाकू' नितिन और प्रतीक्षा 'पीपी' से सुनिए:
    - ताऊ की गैरमौजूदगी से उपजा खालीपन भरने के लिए आये दो मेहमान.
    - 'जय हो' तीन ताल का सर्वमान्य अभिवादन कैसे बना और इसके उच्चारण से क्या महसूस होता है.
    - आज तक रेडियो के नए पॉडकास्ट 'पढ़ाकू नितिन' का प्रोमो लॉन्च और पहले एपिसोड पर कुछ मज़ेदार जानकारी.
    - गाँव से गाँव कैसे ग़ायब होता जा रहा है और ऐसा होने में समस्या क्या है? गाँव को गाँव बनाये रखकर भी क्या मिलेगा?
    - दो तरह के गाँवों का ज़िक्र, एक जिसे मर जाना चाहिए था लेकिन वो मरा नहीं जबकि दूसरा वो जो मर गया जिसे ज़िंदा रहना चाहिए था.
    - गाँव के सभी लोग भोले होते हैं, ये कितना बड़ा झूठ है, कुछ क़िस्से और आपबीती.
    - गाँधी और आम्बेडकर का गाँवों पर विज़न कितना अलग था. औरतों के लिए गाँव ज़्यादा कष्टदायक क्यों हैं.
    - स्कूल के उन विषयों पर बतकही जो सबसे कंटाल और सबसे बेकार लगते थे. बाबा और सरदार को बैंक जाने से क्यों डर लगता है और उसका तोड़ उन्होंने क्या निकाला?
    - अलग-अलग विषयों के टीचर्स कैसे मारते थे और कैसे मार सकते हैं, कुछ रचनात्मक आइडियाज़.
    - बिज़ार ख़बर में, वो महिला जो अपने घर में गाती थी पर वॉल्यूम ज़्यादा था इसलिए जेल पहुँच गई. अजीबोगरीब तरह से खखारने और छींकने वाले लोगों के क़िस्से?
    - बीड़ी का विज्ञापन करते हुए वायरल हुई फुटबॉलर लियोनल मेसी की तस्वीर और इस बहाने माचिस की डिब्बियों और पटाखों को फ़िल्मी तस्वीरों के सहारे बेचने का चलन. गन्ना रस विक्रेता अब भी 'तेरे नाम' के हैंगओवर से क्यों नहीं निकल पाए?
    प्रड्यूसर : शुभम तिवारी
    साउंड मिक्सिंग : सचिन द्विवेदी
    1 hr 42 min
  • झूठी क़समों की यादें, जूते बचाने का मोह और धार्मिक ठगों के अलबेले क़िस्से: तीन ताल, Ep 39
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    1 hr 19 min
  • बचपन की चोरी, रोडवेज़ के ड्राइवर की नींद और बारात की पिटाई के क़िस्से: तीन ताल, Ep 38
    तीन ताल के 38वें एपिसोड में कमलेश 'ताऊ', पाणिनि 'बाबा' और कुलदीप 'सरदार' से सुनिए: 
    - बेबाक बुधवार के बहाने जम्मू कश्मीर की नून चाय और चीनी की कमी पर बात. चीनी जब राशन की दुकानों पर मिला करती थी.
    - वेब सीरीज़ 'रे' की चार कहानियों में से कौन सी देखने लायक है? 'हंगामा क्यों है बरपा' में मनोज बाजपेयी क्यों ग़ज़ल गायक नहीं लगे.
    - ताऊ, बाबा और सरदार की पहली चोरी के क़िस्से. कैसे एक चुंबक से पकड़ी गई ताऊ की चोरी और आम चुराने में उनके लिए ब्लेड का क्या उपयोग था?
    - पाणिनि बाबा बचपन में क्या चुराते रहे, जो उन्होंने अब तक नहीं छोड़ा. ब्योरा ऐसा है कि सबका चोरी करने का मन हो जाए. मौर्या जी के खेत से खीरा और ककड़ी चुराने का क़िस्सा.
    - कुछ चीज़ें जिनकी बनावट ही ऐसी है कि ख़रीदने जाएं और दाम पूछते पूछते थोड़ी सी दबा लें- मटर, मूंगफली, गुड़, अंगूर.
    - क़िस्सा जब जेएनयू में पकड़ा गया चोर और बुलाई गई जनरल बॉडी मीटिंग.
    - ऑफिस में काम के दौरान मीम और नेटफ्लिक्स देखने में क्या समस्या है? ताऊ की फेसबुक और इंस्टाग्राम से क्यों नहीं बनी और ट्विटर से दोस्ती क्यों हो गई.
    - नींद पर बात. ताऊ को दिन में सोने से नफ़रत क्यों हो गई थी और क्यों उनके सपनों पर एक वेब सीरीज़ बन सकती है? 
    - बुरे दिनों में सरदार ने नींद को कैसे बुलाया? और बाबा ने बताया जगने और उठने का फर्क. हरियाणा रोडवेज़ के ड्राइवर ने अपनी नींद का क़िस्सा सुनाया तो बाबा के क़दमों तले ज़मीन खिसक गई.
    - 'शादीराम घरजोड़ा' वाले किरदारों के क़िस्से. शादियों में बिचौलियों को क्या क्या संभालना पड़ता है और बारातियों की पिटाई की ख़बर सुनकर बुरा क्यों नहीं लगता.
    - न्योता वाले श्रोता में यूनाइटेड स्टेट ऑफ़ बिहार के बक्सर से आई एक चिट्ठी, जिन्हें तीन ताल का सुनना ऐसा लगता है जैसे गंगा की धार से पोखर भर गया हो.
    1 hr 58 min
  • बेस्ट कार कौन सी, पशु मल के उपयोग और क़िस्से कश्मीर के: तीन ताल, Ep 37
    तीन ताल के 37वें एपिसोड में कमलेश 'ताऊ', पाणिनि 'बाबा' और कुलदीप 'सरदार' से सुनिए :
    - ताऊ किस वेब सीरीज़ को दूसरी बार देख रहे हैं और बाबा ने कबीर के किस पद को हीरा बताया? उस इकलौते संगीतकार की बात जो कबीर तक पहुंच पाए, शेष अभी रास्ते में हैं.
    - अवधी में कहा जाने वाला 'दुइ ठो' , भोजपुरी में 'दू गो' और बंगाली में 'दो टा' कैसे हो जाता है.
    - ताऊ और बाबा की पसंदीदा कारों की बात. ताऊ को पहली कार किसने दी और बाबा ने क्यों ताऊ के कहने पर अपनी कार बदली.
    - कार भारत में प्रिविलेज है या ज़रूरत है? 'बेकार' और 'कारसेवा' जैसे शब्दों के मायने और अर्थसंकोच.
    - कश्मीर के खान-पान, कल्चर और मेहमान नवाज़ी पर बातचीत. कहवा, कांगड़ी और वाज़वान के क़िस्से और आख़िर में ताऊ की कश्मीरियों और सेना के जवानों से अपील.
    - 800 किलो गोबर चोरी हो जाने के बहाने पशुओं के मल की उपयोगिता पर बात. बिल्ली, बकरी, घोड़े और गधों के मल के अलग अलग नाम और मुहावरों में उनके इस्तेमाल. बिल्ली के मल से काजल बनने की किंवदंती.
    - 'साड्डा जीवन, उच्च बिज़ार' में अटपटे बयानों वाले फ‍िलीपींस के राष्‍ट्रपति रोड्रिगो दुतेर्ते की खिंचाई. 
    - और, आख़िर में न्योता वाले श्रोता में तीन ताल के अमेरिकी लिसनर नितिन व्यास की चिट्ठी जिन्होंने ताऊ का तकियाक़लाम खोज निकाला है.
    1 hr 44 min
  • अनूठे तकियाकलाम, कौओं से मुहब्बत और सबसे अच्छे विज्ञापन: तीन ताल, Ep 36
    तीन ताल के 36वें एपिसोड में कमलेश 'ताऊ', पाणिनि 'बाबा' और कुलदीप 'सरदार' से सुनिए :
    लोगों के अनूठे तकियाकलाम. बेर सराय के ताऊ की यादें. तकिया कलाम की मनगढ़ंत परिभाषा. चुनाचे और अगरचे का मतलब.
    कौओं पर आई एक स्टडी के बहाने कौआ महात्म्य की बात. कौओं की कहानियाँ. कौओं से जुड़े पूर्वाग्रह.
    फुटबॉलर रोनाल्डो के कोका कोला की बोतल हटाने के बहाने विज्ञापनों की माया पर बात. विज्ञापनों के असर और बेअसर होने को चर्चा. ताऊ और बाबा की स्मृति में दर्ज कुछ देसी विज्ञापन.
    तमिलनाडु में गैर ब्राह्मणों को पुजारी बनाये जाने की चर्चा के बहाने बात प्रतिरोध की. कितना प्रतिरोध, किसे नसीब! इसके चरमोत्कर्ष की चाह कितनी सही?
    ताऊ ने क्यों कहा सामाजिक न्याय धर्म की विदाई के बिना सम्भव नहीं?
    अनजान गाँव में चले गए हों तो दिशाज्ञान कैसे करें. और तमिलनाडु सरकार का क्रांतिकारी लगने वाले फ़ैसले से आगे की बात.
    और, आख़िर में न्योता वाले श्रोता में लिसनर पंकज की चिट्ठी जिन्हें तीन ताल का ऑडिटर जनरल घोषित किया गया. ताऊ के आस्तिक से नास्तिक हो जाने की यात्रा.
    2 hr
  • पुलिस का ह्यूमर, थपड़ियाने की सही तकनीक और श्रीकांत तिवारी से मिले सबक: तीन ताल, Ep 35
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    1 hr 56 min
  • कैंची साइकिल की यादें, भगौड़ों की बातें और मृत्यु का सही समय : तीन ताल, Ep 34
    तीन ताल के 34वें एपिसोड में कमलेश 'ताऊ', पाणिनि 'बाबा' और कुलदीप 'सरदार' से सुनिए:
    दो जून और तीन जून के बीच का अंतर और तीन बेर खाने वाली रानी की कहानी
    हिन्दी के लिए बाबा का बिगिनर्स गाइड. कौन से उपन्यास पढ़ें और भाषा को कैसे बरतें. ताऊ की पढ़ी आखिरी उर्दू किताब का ज़िक्र.
    बात साइकिल की जो अवध में 'सयकिल' हो गयी. जिसने अपने डंडे सरीखे कंधों पर जाने कितनी उम्मीदों और सपनों का बोझ उठाया.
    बाबा और ताऊ के बचपन में साइकिल की यादें, और ताऊ टू व्हीलर चलाना क्यों नहीं सीख पाये.
    पलायन में साइकिल ही काम क्यों आती है. साइकिल से जुड़ी फिल्में और एक नज़्म.
    'बिज़ार' ख़बरों में सलमान की कहानी जिसने जेल जाने की चाहत में प्रधानमंत्री को धमकी दे डाली.
    जेल की आज़ादी और खुले में क़ैद. कारागार, कारावास और बन्दीगृह का फ़र्क़.
    मुख़्तसर सी चर्चा भगौड़ों पर. भगौड़ा शब्द की परिधि में कौन-कौन आता है और भाग जाने की उपयोगिता.
    मेहुल भाई के लिए सरकार ने जाल तो अच्छा बिछाया पर गरारी कहाँ फँस गयी ?
    क्या होगा जब इंसान डेढ़ सौ साल जीने लगेंगे? बूढ़ों का देश कैसा होगा? लम्बी ज़िंदगी और बड़ी जिन्दगी का फ़र्क़.
    बाबा ने क्यों कहा कि मौत पाकिस्तानी क़व्वाल अज़ीज़ मियां की तरह होनी चाहिए.
    और आखिर में 'न्योता वाले श्रोता' में हमारे लिसनर ज्ञानदत्त पाण्डेय का ब्लॉग जिसमें उन्होंने तीन ताल का बारीक और ईमानदार एनालिसिस किया है और इस पर बाबा और ताऊ का जवाब.
    1 hr 27 min
  • GPS की नक्शेबाज़ी, आँसू बहाने का प्रोटोकॉल और बिज़नेस क्लास के चमगादड़ : तीन ताल, Ep 33
    तीन ताल के 33वें एपिसोड में कमलेश 'ताऊ', पाणिनि 'बाबा' और कुलदीप 'सरदार' से सुनिए :
    -बेबाक बुधवार में आयुर्वेद और एलोपैथी पर हुई चर्चा का सार और अगली चर्चा का निमंत्रण.
    -मैप के मिसहैप पर बात और जीपीएस के साथ हमारे संयोग और प्रयोग.
    -बनारस और दिल्ली 6 में क्यों फेल कर जाता है मैप? ताऊ और बाबा की आपबीती.
    -नक्शा क्या है? नक्शेबाज़ी क्या है? बीड़ी बुझाकर, पान थूककर और गुटखा हाथ में लेकर रास्ता बताने वालों को सलाम. भटकना क्यों जरूरी है?
    -बिज़ार ख़बर में हवा में विवाह करने वाले कपल की चर्चा और उस चमगादड़ की भी जो विमान से अमेरिका जाना चाहता था.
    -आँसू बहाने के लिये हैं या पीने के लिये? घटिया फिल्में देख कर रोने के ताऊ और बाबा के अनुभव और बाबा ने क्यों कहा कि आँख से कोई नहीं रोता?
    -आँसुओं का संगीत और साहित्य. शादियों में विदाई का रूदन जिससे बचने के लिये बाबा मौका-ए-वारदात से गायब हो जाते हैं.
    -औरतें पुरुषों से ज्यादा क्यों रोती हैं? कोई किसके सामने रोये और किसे बनाए "क्राय-बडी"?
    -और क्या हो अगर सरकारें आँसू गैस के बजाय लाफिंग गैस का इस्तेमाल शुरू कर दें?
    -और आखिर में चार बातें अवधी और अंगिका पर.
    1 hr 46 min

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