Rajesh Khanna के साथ जिन लोगों ने वक्त बिताया है वो सब राजेश खन्ना को एक मूडी इंसान कहते हैं. पटकथा लेखक सलीम खान कहते हैं कि आप राजेश खन्ना के बारे में ये पता नहीं लगा सकते कि वो अगले पल क्या करेंगे.
उन दिनों रेखा बहुत फिल्में साइन कर रही थीं. साल 1978 में रेखा की कुल 14 फिल्में रिलीज़ हुईं. इनमें से ज्यादातर के नाम भी आज किसी को याद नहीं. लेकिन इसी दौर में आई एक फिल्म घर ने सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया.
हेमा मालिनी, जितेंद्र और महमूद साथ में एक फिल्म कर रहे थे वारिस. इस फिल्म में एक गाना है रॉक एंड रोल. इस गाने के बोल पर डांस करते हुए हेमा मालिनी बहुत असहज हो रही थीं लेकिन तभी महमूद ने कभी न भूलने वाली सलाह दी.
राजेश खन्ना अपने आखिरी दिनों में मुंबई में ही रहने लगे थे. बिल्कुल अकेले. उन दिनों काका के साथ उनके दोस्त का बेटा हर्ष रसीन रहता था जो कि मुंबई में फिल्म इंडस्ट्री में स्ट्रगल कर रहा था. काका के साथ गुजरे दो सालों का किस्सा हर्ष ने बताया.
राजेश खन्ना और अनीता आडवाणी का रिश्ता सुर्खियों में हमेशा रहा और इस बात से अनीता जितनी खुश होतीं काका उतना ही नाराज होते थे. अनीता आडवाणी खुद को राजेश खन्ना की पत्नी बताती थीं मगर काका ने कभी कुछ नहीं कहा.
राजेश खन्ना की सबसे बड़ी खासियत ये थी कि वो खुद से बहुत प्यार करते थे. एक बार अपने दोस्त भूपेश रसीन के बेटे हर्ष रसीन के साथ अपने बंगले आशीर्वाद के थिएटर में अमर प्रेम देखकर राजेश खन्ना खुश हो गए थे. बोले - बहुत खूब राजेश!
राजेश खन्ना उन दिनों दिल्ली में रहा करते थे. एक दिन पता चला कि घर में काम करने वाली नौकरानी परेशान है उसकी बहन की सर्जरी होनी है. राजेश खन्ना को पता चला तो रात एक बजे मदद करने के लिए निकल पड़े.
राजेश खन्ना को जब लाइफ टाइम अचीवमेंट अवॉर्ड मिला तो लगा कि अब वो अपनी फिल्मी पारी जी चुके हैं. आइफा का लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड तो खुद अमिताभ बच्चन ने ही राजेश खन्ना को दिया.
राजेश खन्ना अपने आखिरी दिनों में बहुत अकेले हो गए थे. परिवार और फिल्म इंडस्ट्री दोनों ही साथ नहीं दे रहे थे. राजेश खन्ना फिल्मों में काम करना चाहते थे मगर उनके पास अच्छी फिल्में भी नहीं थीं. उनके पास सिर्फ अकेलापन था.
5 min
About The Bollywood Radio
From the publisher's feed
फ़िल्मी दुनिया की दिलचस्प कहानियां, वो किस्से जो आपने अब तक नहीं सुने होंगे।