जनकजी के सामने भगवान रामरूप में आये, हमारे संसार रूप से, दोनो में क्या फ़र्क़ है? (श्रद्धेय स्वामीजी श्रीरामसुखदासजी महाराज के साथ चुप साधन व वासुदेव सर्वम संबंधी प्रश्नोत्तर)
जैसे बीज से वृक्ष है, ऐसे संसाररूप से भगवान है, समझ में आता है, पर हठपूर्वक मानना पड़ता? (श्रद्धेय स्वामीजी श्रीरामसुखदासजी महाराज के साथ चुप साधन व वासुदेव सर्वम संबंधी प्रश्नोत्तर)
वासुदेव सर्वम बार-बार सुनते है, पर इस भाव में स्थिति नहीं हो रही है? (श्रद्धेय स्वामीजी श्रीरामसुखदासजी महाराज के साथ चुप साधन व वासुदेव सर्वम संबंधी प्रश्नोत्तर)
रामनाम हृदय में बैठ गया, पर वासुदेव सर्वम नहीं हो पा रहा? (श्रद्धेय स्वामीजी श्रीरामसुखदासजी महाराज के साथ चुप साधन व वासुदेव सर्वम संबंधी प्रश्नोत्तर)
मैं नहीं हूँ, भगवान है। इसमें संतोष ज्ञान है? असंतोष भक्ति है? (श्रद्धेय स्वामीजी श्रीरामसुखदासजी महाराज के साथ चुप साधन व वासुदेव सर्वम संबंधी प्रश्नोत्तर)
भगवान की जगह मैं तथा मेरी जगह भगवान है, फिर व्यवहार कैसे करें? (श्रद्धेय स्वामीजी श्रीरामसुखदासजी महाराज के साथ चुप साधन व वासुदेव सर्वम संबंधी प्रश्नोत्तर)
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