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FAQs about बात बेबाक | Deutsche Welle:How many episodes does बात बेबाक | Deutsche Welle have?The podcast currently has 51 episodes available.
January 03, 2013तेज न्याय की जरूरतदिल्ली बलात्कार मामले में फास्ट ट्रैक अदालत ने सुनवाई शुरू कर दी है. न्याय देने का यही तरीका होना चाहिए, लेकिन भ्रष्टाचार, दबाव और लचर जांच की वजह से दूसरे मामलों में ऐसी तेजी नहीं दिखती है. पुलिस सुधारों के अलावा न्याय देने की प्रक्रिया में भी बदलाव की जरूरत है....more2minPlay
January 02, 2013जागने का वक्तभारत में बलात्कार कांड के बाद जिस तरह लोगों का गुस्सा जाहिर हुआ है, उसे देख कर इस बात की तो तसल्ली होती है कि लोगों ने विरोध करने का तरीका सीख लिया है. लेकिन समाज को अभी भारी बदलाव करने की जरूरत है, और यह काम स्कूलों और घरों से शुरू करना होगा....more2minPlay
December 28, 2012मानसिकता टटोलने का समयदिल्ली में गैंगरेप पर सारा भारत उबल रहा है. महिलाओं पर बढ़ते अपराधों को देखते हुए मानसिकता टटोलने की जरूरत है. मौका सिर्फ लोगों के गुस्से को दबाने का नहीं बल्कि लंबे समय के लिए उनमें असुरक्षा की भावना को दूर भगाने का है....more2minPlay
December 07, 2012विवाद का सागरदक्षिण चीन सागर का विवाद चीन और उसके पड़ोसियों का झगड़ा है या फिर दुनिया का. यह सुलगता सवाल हल होना चाहिए. बेहतर होगा कि अमेरिका और भारत के बिना विवाद में शामिल देश झगड़े को सुलझा लें. चीन को भी संयमित व्यवहार करने की जरूरत है....more2minPlay
November 20, 2012फेसबुक और पुलिसभारत में मुंबई शहर की पुलिस ने फेसबुक कांड में आनन फानन में जो कदम उठाया है, उससे उसकी जगहंसाई हो रही है. पुलिस का काम कानून व्यवस्था को लागू करना जरूर होता है लेकिन ऐसी बातों में दखल देने से उसकी छवि खराब होती है. हाल ही में असीम त्रिवेदी कांड में मुंबई पुलिस की छिछालेदार हो चुकी है लेकिन उसने इस मामले से कोई सबक नहीं सीखा. जिन लड़कियों को गिरफ्तार किया गया, अब उनके समर्थन में फेसबुक पर ही पेज बनने लगे हैं....more2minPlay
November 09, 2012चीन से सीखचीन में आठ करोड़ सदस्यों वाली कम्युनिस्ट पार्टी शीर्ष नेतृत्व चुन रही है. परंपरा के मुताबिक 10 साल बाद पुराने चेहरों की छुट्टी हो जाएगी. वहां भ्रष्टाचार, विदेश नीति, अर्थव्यवस्था और समाज पर खुली बहस हो रही है. युवा नेता सामने आ रहे हैं. परिवारवाद या सत्ता से चिपके रहने की भूख नियम खत्म कर देते हैं. यह एक सीख है....more3minPlay
September 13, 2012कैसे की जाए सुरक्षापाकिस्तान की फैक्ट्रियों की आग ने एक बार फिर से सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या दक्षिण एशिया में आग पर काबू पाने के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठाए जा सकते हैं. इससे पहले भारत और दूसरे हिस्सों में भी कई बार आग लगने की घटनाएं होती रही हैं लेकिन उनसे कोई सीख नहीं ली गई है....more2minPlay
September 05, 2012विकास के लिए आम सहमतिभारत में भ्रष्टाचार का मामला तूल पकड़ रहा है. भ्रष्टाचार और उस पर राजनीतिक विवाद विकास को प्रभावित कर रहे हैं. राजनीतिक दलों में भ्रष्टाचार मिटाने पर आम सहमति की जरूरत है. प्रधानमंत्री को सहमति बनाने की पहल करनी चाहिए....more3minPlay
September 03, 2012सिर्फ नाम का नाम संगठनगुटनिरपेक्ष देशों यानी नाम संगठनों की जरूरत बता पाना मुश्किल हो रहा है. जब दुनिया अमेरिका और सोवियतद संघ के दो हिस्सों में बंटी थी, तब तो इसकी अहमियत काफी थी. लेकिन शीत युद्ध खत्म होने के बाद न तो इसने अपने नए लक्ष्य तय किए और न ही किसी मजबूत देश को साथ ले पाया. नतीजा यह हुआ कि 100 से भी ज्यादा देशों के होते हुए भी यह संगठन सिर्फ नाम का रह गया है....more2minPlay
August 31, 2012सांसत में संसदकोयला घोटाले पर संसद ठप है. बीजेपी प्रधानमंत्री के इस्तीफे की मांग पर अड़ी है. लोकतंत्र में राजनीति समझौते का नाम है. लेकिन लोकहित के बदले संसद अड़ियल राजनीति की बंधक बन गई है....more3minPlay
FAQs about बात बेबाक | Deutsche Welle:How many episodes does बात बेबाक | Deutsche Welle have?The podcast currently has 51 episodes available.