बात कुछ खास में आज बात मध्यप्रदेश की पहचान - मध्यप्रदेश की जनजातियों की
‘जनजाति’ एक सामाजिक समूह है जो प्रायः निश्चित भू-भाग पर निवास करता है जिसकी अपनी भाषा, सभ्यता तथा सामाजिक संगठन होता है। आइये आज आपको बताते हैं गोंड जनजाति के बारे में
• मध्य प्रदेश की दूसरी सबसे बड़ी और भारत का सर्वप्रमुख सबसे बड़ा जनजाति समूह गोण्ड है।
• गोण्ड की उत्पत्ति तेलुगु के ‘कोंड’ शब्द से हुई है जिसका अर्थ पर्वत है अर्थात यह जनजाति पर्वतों पर निवास करती है।
• इनमे अनेक प्रकार के विवाह होते हैं, दूध लौटाना, पठौनी, चढ़ विवाह, लमसेना विवाह
• इनके 7 प्रमुख पर्व, त्यौहार हैं, बिदरी, बकपंथी, हरडिली, नवाखानी, जवारा मडई और छेरता।
• गोंड दो प्रमुख वर्गों में विभक्त रहे हैं, राजगोंड और धुरगोंड।
• प्रमुख देवता: हिन्दू देवताओं के साथ ठाकुर देव, माता बाई, दूल्हादेव, बाधेश्वर, सूरजदेव, खैरमाता।
• प्रमुख नृत्य: करमा, सैला, भडौनी, सुआ, दीवानी, बिरहा, कहरवा आदि।