बात कुछ खास में आज बात मध्यप्रदेश की पहचान - मध्यप्रदेश की जनजातियाँ की
जनजातीय आबादी के मान से देश का सबसे बड़ा राज्य होने के कारण मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक विरासत अत्यंत समृद्ध है।सच कहें तो यह संस्कृति इस प्रदेश की नैसर्गिक विरासत है,जिसमें निश्छल जीवन का आह्लाद और संघर्ष प्रतिबिंबित हैं।जनजातीय जीवन-शैली में आलोकित आनंद समूचे प्रदेश की ऊर्जा और उसका दैनंदिन संघर्ष सभी प्रदेशवासियों की प्रेरणा है।
'संस्कृति' शब्द अपने व्यक्तित्व की समग्रता में एक व्यापक अर्थबोध के साथ परिदृश्य में उपस्थित है।यह शब्द किसी एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि समुदाय अथवा समाज की जीवनशैली,खानपान, परिधान,रहन-सहन,मान्यता, परंपरा, लोकविश्वास,धार्मिक आस्था,अनुष्ठान, पर्व-त्योहार,सामाजिक व्यवहार, नियम-बंधन, संस्कार, आजीविका के उद्यम आदि की विशेषताओं को प्रकट और रेखांकित करता है।इस पारिभाषिक स्थापना को जनजातीय संस्कृति के माध्यम से समझा जा सकता है।
मध्यप्रदेश में विविध, समृद्ध एवं गौरवशाली जनजातीय विरासत है। ‘जनजाति’ एक सामाजिक समूह है जो प्रायः निश्चित भू-भाग पर निवास करता है जिसकी अपनी भाषा, सभ्यता तथा सामाजिक संगठन होता है। आइये आज आपको बताते हैं बैगा जनजाति के बारे में..
बैगा
मध्य प्रदेश के दक्षिण क्षेत्र में बैगा सर्वाधिक महत्वपूर्ण जनजाति है।
यह गोंडों की ही उपजाति मानी जाती है।
उपजातियां: भरोरिया, नरोतिया, रैनना, कथमैना।
इस जनजाति पर लिखी गयी पुस्तक ‘बैगा’ के रचियता ‘बैरियर एल्विन’ हैं।
इनमे बासी भोजन की परम्परा है।
प्रमुख नृत्य: करमा, सैला, परधोन और फाग।
‘साल’ इनका प्रिय वृक्ष है जिसमे इनके देवता भूढ़ा देव निवास करते हैं।
जनजाति समुदायों के लोग अपने मकान प्राय: मिट्टी, पुआल, लकड़ी, बाँस, खाई, खपरैल, छींद या ताड़ पत्तों का उपयोग कर बनाते हैं। मकान अमूमन 30-35 फुट लंबा और 10-12 फुट चौड़ा होता है। कहीं-कहीं मकान के बीच में आँगन भी होता है। घर के एक हिस्से में गोशाला भी होती है।बकरियों के लिये 'बुकड़ कुड़िया' भी। मकान का मुख्य द्वार फरिका की नोहडोरा (भित्तिचित्र) से सज्जा की जाती है।
इतिहास की निरंतरता को बनाये रखने में जनजातीय संस्कृति की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। यह मानव-सभ्यता के विकास-क्रम की अनिवार्य कड़ी है। आज़ादी के बाद जनजातीय विकास को नयी दिशा मिली है। विकास के अभिनव और प्रभावी प्रयासों से विभिन्न जनजाति समुदायों के सामाजिक, आर्थिक एवं शैक्षणिक स्तर में अभूतपूर्व सुधार हुआ है।